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'हार्दिक पांड्या आदर्श हैं', एपीएल में सर्वाधिक विकेट लेने वाले दोइखो ने भारतीय ऑलराउंडर को अपनी सफलता का दिया श्रेय

गुवाहाटी, 13 अगस्त (आईएएनएस)। डिब्रूगढ़ वॉरियर्स के ऑलराउंडर दोइखो दास ने भारतीय टीम के स्टार खिलाड़ी हार्दिक पांड्या को अपना आदर्श बताया है। उनका कहना है कि वह पहले असम प्रीमियर लीग (एपीएल) 2026 में अपनी छाप छोड़ते हुए इस शानदार ऑलराउंडर के आक्रामक अंदाज को अपनाकर अपना खेल बेहतर करने की कोशिश कर रहे हैं।

गुवाहाटी, 13 अगस्त (आईएएनएस)। डिब्रूगढ़ वॉरियर्स के ऑलराउंडर दोइखो दास ने भारतीय टीम के स्टार खिलाड़ी हार्दिक पांड्या को अपना आदर्श बताया है। उनका कहना है कि वह पहले असम प्रीमियर लीग (एपीएल) 2026 में अपनी छाप छोड़ते हुए इस शानदार ऑलराउंडर के आक्रामक अंदाज को अपनाकर अपना खेल बेहतर करने की कोशिश कर रहे हैं।

दास वॉरियर्स के लिए बेहतरीन प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों में से एक रहे हैं। वॉरियर्स छह मैचों में पांच जीत और 10 अंकों के साथ प्वाइंट्स टेबल में सबसे ऊपर है। इस तेज गेंदबाज ने 6 मैचों में 7.80 की इकॉनमी रेट से 13 विकेट लिए हैं, जिसमें चाराइदेव सनराइजर्स के खिलाफ 33 रन देकर 4 विकेट का शानदार प्रदर्शन भी शामिल है। उनका मानना ​​है कि हार्दिक पांड्या के प्रति उनकी पसंद ने उनकी गेंदबाजी के तरीके, खासकर शॉर्ट बॉल के इस्तेमाल पर असर डाला है।

दास ने कहा, "हार्दिक पांड्या मेरे आदर्श हैं। मुझे उनका क्रिकेट खेलने का तरीका पसंद है और मैं उनके स्टाइल से सीखने की कोशिश करता हूं। मैं ज़ोरदार तरीके से गेंद पटकने और आक्रामक होकर गेंदबाजी करने पर ध्यान देता हूं, खासकर शॉर्ट बॉल के मामले में। शॉर्ट बॉल मेरी मुख्य गेंदबाजी शैली है। इससे मुझे सफलता मिली है और पिच से मिल रही मदद को देखते हुए मैं अपनी इसी ताकत का इस्तेमाल कर रहा हूं।"

हालांकि दास ने अब तक गेंदबाजी से ही सबसे ज्यादा प्रभाव डाला है, लेकिन वह खुद को ऑलराउंडर मानते हैं और बल्ले से योगदान देने के मौके का इंतजार कर रहे हैं। उन्होंने कहा, "मुझे अभी तक बल्लेबाजी का मौका नहीं मिला है, लेकिन जब भी मौका मिलेगा मैं अच्छा प्रदर्शन करने के लिए तैयार हूं। जब भी मेरी टीम को जरूरत होगी मैं दोनों विभागों में योगदान देना चाहता हूं।"

13 विकेट लेकर दोइखो दास टूर्नामेंट में सबसे अधिक विकेट लेने वाले खिलाड़ियों में शामिल हो गए हैं, लेकिन इस युवा खिलाड़ी का मानना ​​है कि चीजों को सरल रखना ही उनकी सफलता का राज है। उन्होंने कहा, "मेरी सोच साफ है। मैं बल्लेबाज पर ध्यान नहीं देता; मैं सिर्फ सही जगह पर गेंद डालने और अपनी योजना पर टिके रहने पर ध्यान देता हूं। इससे मुझे अनुशासित रहने और ध्यान न भटकने में मदद मिलती है।"

अपने व्यक्तिगत आंकड़ों के बावजूद, दास का कहना है कि टीम की सफलता ही उनकी प्राथमिकता है। उन्होंने कहा, "अगर टीम नहीं जीतती है, तो व्यक्तिगत प्रदर्शन का उतना महत्व नहीं रह जाता। मैं अभी संतुष्ट नहीं हूं, क्योंकि मैं टीम को आगे बढ़ाने में मदद करने के लिए लगातार सुधार करना चाहता हूं।"

--आईएएनएस

एसएम/डीकेपी

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