Gautam Gambhir Statement: ‘मेरी डिक्शनरी में डर शब्द नहीं’, न्यूजीलैंड से सीरीज जीतने के बाद कोच के बदले तेवर
भारतीय टीम ने न्यूजीलैंड को पांच मैचों की टी20 सीरीज में 3-2 से हराकर खिताब अपने नाम किया। हालांकि, शुरुआती तीन मुकाबले जीतकर 3-0 की बढ़त बनाने वाली टीम इंडिया को आखिरी दो मैचों में हार का सामना करना पड़ा। लगातार दो हार के बाद भारतीय टीम के प्रदर्शन पर सवाल उठे, लेकिन सीरीज जीतने के बाद मुख्य कोच गौतम गंभीर का आत्मविश्वास कम नहीं हुआ।
सीरीज के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में गंभीर ने साफ कहा कि उनकी डिक्शनरी में ‘डर’ जैसा कोई शब्द नहीं है। उन्होंने खिलाड़ियों की तारीफ करते हुए कहा कि व्यस्त कार्यक्रम और थकान के बावजूद टीम ने न्यूजीलैंड की चुनौती का मजबूती से सामना किया।
गंभीर ने खिलाड़ियों के प्रदर्शन को सराहा
गौतम गंभीर ने कहा, "मेरी डिक्शनरी में डर जैसा कोई शब्द नहीं है।" उन्होंने खिलाड़ियों की मेहनत और दबाव में प्रदर्शन करने की क्षमता की भी सराहना की।
गंभीर के मुताबिक, खिलाड़ियों ने 15 घंटे की हवाई यात्रा और केवल एक अभ्यास सत्र के बाद पहला मुकाबला जीतकर शानदार प्रदर्शन किया। उनके अनुसार, कठिन शेड्यूल के बावजूद टीम का इस तरह खेलना काबिल-ए-तारीफ रहा।
भारत ने सीरीज के शुरुआती तीनों मैच जीतकर 3-0 की बढ़त बना ली थी। हालांकि, न्यूजीलैंड ने आखिरी दो मुकाबलों में वापसी करते हुए लगातार जीत दर्ज की और सीरीज का अंतर 3-2 कर दिया।
आखिरी मुकाबले में न्यूजीलैंड ने आसानी से हासिल किया लक्ष्य
हैमिल्टन में खेले गए पांचवें टी20 मुकाबले में भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 191 रन बनाए थे। लक्ष्य का पीछा करने उतरी न्यूजीलैंड की टीम ने टिम सीफर्ट के 93 और ग्लेन फिलिप्स के 65 रनों की मदद से महज 18 ओवर में जीत हासिल कर ली।
भारतीय गेंदबाजों में अर्शदीप सिंह, वरुण चक्रवर्ती और नीतीश कुमार रेड्डी को एक-एक विकेट मिला। न्यूजीलैंड की आक्रामक बल्लेबाजी के सामने भारतीय गेंदबाज रन रोकने में नाकाम रहे।
श्रेयस अय्यर ने मानी टीम की कमियां
भारतीय कप्तान श्रेयस अय्यर ने भी आखिरी दो मैचों में मिली हार पर अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने माना कि टीम गेंदबाजी और फील्डिंग के क्षेत्र में बेहतर प्रदर्शन कर सकती थी।
अय्यर ने कहा कि न्यूजीलैंड की परिस्थितियां चुनौतीपूर्ण थीं और वहां क्रिकेट खेलना अच्छा अनुभव रहा। उनके मुताबिक, आखिरी दो मुकाबले टीम के लिए सीखने और अपनी कमियों को सुधारने का मौका थे, लेकिन खिलाड़ी उस चुनौती पर पूरी तरह खरे नहीं उतर सके।
कप्तान ने उम्मीद जताई कि आने वाले मुकाबलों में टीम अपनी फील्डिंग का स्तर बेहतर करेगी। सीरीज जीतने के बावजूद आखिरी दो मैचों में मिली हार ने भारतीय टीम को उन क्षेत्रों पर काम करने का संकेत दिया है, जहां सुधार की जरूरत है।

