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छात्रों के प्रदर्शन पर भारतीय क्रिकेट जगत की बड़ी प्रतिक्रिया, जानिए शुभमन गिल से सचिन तक किसने क्या कहा

छात्रों के प्रदर्शन पर भारतीय क्रिकेट जगत की बड़ी प्रतिक्रिया, जानिए शुभमन गिल से सचिन तक किसने क्या कहा

'NEET' पेपर लीक के खिलाफ छात्रों के विरोध पर क्रिकेटर भी अपनी राय दे रहे हैं। गुरुवार को सचिन तेंदुलकर और शुभमन गिल समेत कई क्रिकेटरों ने इस मामले पर अपनी बात रखी। छात्र शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। हालांकि, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार सुबह कहा कि सरकार पेपर लीक के मामले को गंभीरता से ले रही है और दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी।

शुभमन गिल

एक युवा भारतीय के तौर पर, मेरा मानना ​​है कि हमारी पीढ़ी को सीखने, सपने देखने और उस भविष्य को बनाने का हर मौका मिलना चाहिए जिसकी हम सभी इच्छा रखते हैं। मैं उन सभी युवाओं का बहुत सम्मान करता हूं जो शांतिपूर्ण तरीके से अपनी आवाज़ उठाने में विश्वास रखते हैं। शिक्षा में हमारे देश के भविष्य को आकार देने की ताकत है। मुझे उम्मीद है कि हम भारत के भविष्य के लिए सहानुभूति, आपसी सम्मान और हर छात्र की भलाई की भावना के साथ आगे बढ़ेंगे।"

सचिन तेंदुलकर

सचिन तेंदुलकर ने लिखा, "मेरे पिता एक प्रोफेसर थे। वे कई युवा छात्रों के लिए मार्गदर्शक और गुरु थे। उन्होंने मुझे बचपन में ही एक सबक सिखाया था: 'फेल होना ठीक है, लेकिन नकल न करें। कभी शॉर्टकट न अपनाएं।' समाज के सदस्य के तौर पर, हमारी जिम्मेदारी है कि हम इसके कल्चर को आकार दें। जो समाज मेहनत के बजाय नतीजों को प्राथमिकता देता है, वह काबिलियत के बजाय शॉर्टकट ढूंढेगा। यह समझना आसान है कि आज छात्र निराश महसूस करते हैं जब उनकी कड़ी मेहनत का उम्मीद के मुताबिक नतीजा नहीं मिलता। हमें मिलकर काम करना चाहिए ताकि उन्हें दोबारा कभी ऐसा अनुभव न हो। युवा भारत सपनों और ऊर्जा से भरा है; वे हमारी सफलता का ईंधन हैं।"

उन्होंने आगे कहा, "एक समाज के तौर पर - जिसमें माता-पिता, शिक्षक, दोस्त, रिश्तेदार, स्कूल और एडमिनिस्ट्रेटर शामिल हैं - हमारी बहुत बड़ी जिम्मेदारी है और हम अपने युवाओं को ऊर्जावान और प्रेरित रखने में अहम भूमिका निभाते हैं। हमें ऐसे कल्चर को बढ़ावा देना चाहिए जहां कड़ी मेहनत का फल मिले, ईमानदारी को बढ़ावा मिले और काबिलियत की जीत हो।" "मुझे भरोसा है कि हम ऐसे समाधान ढूंढ लेंगे जो हमारे बच्चों के भविष्य को मजबूत करेंगे और उनकी उम्मीदों की रक्षा करेंगे।"

मोहम्मद कैफ

पूर्व क्रिकेटर मोहम्मद कैफ ने लिखा, "एक पिता के तौर पर, शिक्षा व्यवस्था की कमियों के खिलाफ विरोध कर रहे छात्रों के साथ पुलिस का बुरा बर्ताव देखकर मुझे दुख हुआ है। दिल्ली की सड़कों पर बच्चों पर लाठीचार्ज करने का सिलसिला बंद होना चाहिए। मुझे उम्मीद है कि जल्द ही कोई समाधान निकलेगा।"

शिखर धवन

पूर्व क्रिकेटर शिखर धवन ने लिखा, "हमारे युवा हमारे देश का भविष्य हैं। उनके सपनों को समझना ज़रूरी है, लेकिन मुश्किल समय में धैर्य रखना और देश की संस्थाओं व सरकार पर भरोसा करना भी उतना ही ज़रूरी है। मेरा मानना ​​है कि धैर्य ही हर चुनौती को हल करने की कुंजी है। भारत हमेशा आगे बढ़ा है और आगे भी बढ़ता रहेगा।"

सुरेश रैना

पूर्व क्रिकेटर सुरेश रैना ने लिखा, "हर चुनौती बेहतर समाधान खोजने का मौका देती है। मुझे उम्मीद है कि मौजूदा हालात से शांतिपूर्ण और रचनात्मक बातचीत होगी, और छात्रों, संस्थानों व देश के लिए नए मौके और मज़बूत भविष्य बनाने के लिए सोच-समझकर फ़ैसले लिए जाएँगे।"

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