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फीफा अध्यक्ष पद से जियानी इन्फेंटिनो को हटाना बड़ी गलती होगी: डोनाल्ड ट्रंप

वॉशिंगटन, 11 अगस्त (आईएएनएस)। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि अगर फुटबॉल की वर्ल्ड गवर्निंग बॉडी फीफा अध्यक्ष जियानी इन्फेंटिनो के खिलाफ उठ रहे विरोध के स्वर के बीच उन्हें पद से हटाती है, तो यह एक बड़ी गलती होगी।

वॉशिंगटन, 11 अगस्त (आईएएनएस)। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि अगर फुटबॉल की वर्ल्ड गवर्निंग बॉडी फीफा अध्यक्ष जियानी इन्फेंटिनो के खिलाफ उठ रहे विरोध के स्वर के बीच उन्हें पद से हटाती है, तो यह एक बड़ी गलती होगी।

ट्रंप ने लिखा, "फीफा बहुत बड़ी गलती करेगा, अगर वे किसी भी वजह से अध्यक्ष जियानी इन्फेंटिनो को बदलने के बारे में सोचते भी हैं। वह शानदार हैं, उन्होंने अभी तक के सबसे सफल वर्ल्ड कप की अध्यक्षता चार बार की है। अगर वह चले गए, तो यह फिर कभी इतना सफल या फायदेमंद नहीं होगा।"

ट्रंप का दखल ऐसे समय में हुआ है जब इन्फेंटिनो को बड़ी चुनौती का सामना करना पड़ रहा है।

यूईएफए, एशियन फुटबॉल कन्फेडरेशन (एएफसी) और कोनकाकाफ ने सोमवार को फीफा अध्यक्ष पर नया हमला किया। उन पर 'धोखे' से भरोसा तोड़ने और वर्ल्ड कप के कमर्शियल राइट्स में हिस्सेदारी बेचने के उनके विवादित प्रस्ताव के बाद खुद को सब से ऊपर रखने का आरोप लगाया।

फुटबॉल समुदाय को लिखे एक खुले पत्र में, तीनों कन्फेडरेशन ने सीधे इन्फेंटिनो के इस्तीफे की मांग करने से तो परहेज किया, लेकिन अब छोड़े गए प्रस्ताव के आसपास के हालात की एक इंडिपेंडेंट जांच की मांग की।

कन्फेडरेशन ने सोमवार को जारी एक आधिकारिक बयान में कहा, "फुटबॉल की ताकत हमेशा से उसकी एकता रही है। हम अब उस एकता का सम्मान करने की मांग करते हैं। उस नेतृत्व के लिए जो फुटबॉल की सेवा करती है, न कि उस पर कमांड करना चाहती है।"

इन्फेंटिनो के प्रस्ताव में वर्ल्ड कप के कमर्शियल राइट्स का 20 प्रतिशत प्राइवेट निवेशकों को बेचना शामिल था, जिसका मकसद लगभग 4.2 बिलियन डॉलर जुटाना था। इस प्लान का यूरोप में कड़ा विरोध हुआ और आखिरकार इसे छोड़ दिया गया।

एएफसी और कोनकाकाफ के समर्थन वाले यूईएफए ने फीफा टूर्नामेंट का बहिष्कार करने की भी धमकी दी है।

तीनों कन्फेडरेशन ने कहा, "फुटबॉल में नेतृत्व कोई कब्जा नहीं है। यह पावर रखने या रखने की मांग करने के बारे में नहीं है। यह उस फुटबॉल परिवार की सेवा का कर्तव्य है जो इसे सौंपता है।"

उन्होंने पिछले सप्ताह मोरक्को में हुई फीफा की इमरजेंसी मीटिंग की भी आलोचना की।

इस टकराव ने फीफा अध्यक्ष चुनाव से पहले इन्फेंटिनो की स्थिति मुश्किल हो गई है। नॉर्वे फुटबॉल फेडरेशन की अध्यक्ष लिसे क्लेवनेस ने भी पिछले सप्ताह इन्फेंटिनो से इस्तीफा देने की मांग की थी।

हालांकि, इन्फेंटिनो को दुनिया भर में फुटबॉल में काफी सपोर्ट मिल रहा है। सीएएफ ने अपने 54 सदस्यों की तरफ से फीफा अध्यक्ष का सपोर्ट करते हुए एक बयान जारी किया। मेक्सिको, अर्जेंटीना, पैराग्वे, इक्वाडोर और बोलीविया समेत कई दक्षिण अमेरिका के कई देशों ने भी उनका सार्वजनित रूप से समर्थन किया है।

फीफा ने खुद इन्फेंटिनो का कड़ा बचाव किया है। उनके नेतृत्व को कमजोर करने की 'एक साथ और लगातार कोशिश' के खिलाफ चेतावनी दी है और जोर देकर कहा है कि किसी भी चुनौती के लिए संस्थान के नियमों और डेमोक्रेटिक तरीकों का पालन करना होगा।

गवर्निंग बॉडी ने इन्फेंटिनो के यूईएफए महासचिव के तौर पर रहने के दौरान यूईएफए द्वारा एक पुराने कर्मचारी को किए गए भुगतान से जुड़े आरोपों को भी खारिज कर दिया है। इन्फेंटिनो ने किसी भी गलत काम से इनकार किया है। फीफा ने आरोपों को बेबुनियाद बताया है।

ट्रंप के समर्थन के बाद इन्फेंटिनो से जुड़े विवाद ने राजनीतिक मोड़ ले लिया है। बता दें कि फीफा के 211 सदस्य एसोसिएशन में से लगभग 70 ने सार्वजनिक रूप से इन्फेंटिनो का समर्थन करने का इशारा किया है। वहीं, लगभग एक दर्जन ने या तो पहले के वादे वापस ले लिए हैं या कहा है कि वे उन्हें वोट नहीं देंगे।

--आईएएनएस

पीएके

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