Fielding: 2026 में टीम इंडिया की कैचिंग ने बढ़ाई चिंता, 29 मैचों में 51 मौके गंवाए
क्रिकेट में एक कैच कई बार पूरे मुकाबले का रुख बदल देता है. खासकर टी20 क्रिकेट में जब हर गेंद और हर रन अहम होता है, तब फील्डिंग में छोटी सी गलती भी टीम पर भारी पड़ सकती है. ऐसे में 2026 में टीम इंडिया की कैचिंग से जुड़े आंकड़े सामने आने के बाद फील्डिंग को लेकर चर्चा तेज हो गई है.
आंकड़ों के मुताबिक, भारतीय टीम ने 2026 में अब तक 29 टी20 इंटरनेशनल मुकाबलों में 51 कैच छोड़े हैं. यह आंकड़ा बताता है कि इस साल टीम के लिए कैचिंग एक ऐसा क्षेत्र रहा है, जहां सुधार की जरूरत नजर आती है.
भारत की कैचिंग एफिशिएंसी 74.3 प्रतिशत
कैच छोड़ने के आंकड़ों के साथ टीम इंडिया की कैचिंग एफिशिएंसी भी चर्चा में है. 2026 में भारत की कैचिंग एफिशिएंसी 74.3 प्रतिशत रही है. यानी फील्डिंग के दौरान मिले सभी कैचिंग मौकों में से भारतीय टीम करीब तीन-चौथाई मौकों को ही सफलतापूर्वक पकड़ पाई.
टी20 क्रिकेट में एक अतिरिक्त जीवन मिलने से बल्लेबाज मैच की तस्वीर बदल सकता है. ऐसे में कैचिंग के मौकों को भुनाना किसी भी टीम के लिए बेहद महत्वपूर्ण हो जाता है.
वेस्टइंडीज की कैचिंग एफिशिएंसी भारत से बेहतर
आंकड़ों में भारत की तुलना वेस्टइंडीज से भी की गई है. वेस्टइंडीज की कैचिंग एफिशिएंसी 75.2 प्रतिशत दर्ज की गई है, जबकि भारत का आंकड़ा 74.3 प्रतिशत है.
यानी कैचिंग एफिशिएंसी के मामले में इस अवधि में वेस्टइंडीज का आंकड़ा भारत से थोड़ा ऊपर रहा है.
पाकिस्तान का आंकड़ा भी चर्चा में
फुल मेंबर टीमों के बीच कैचिंग एफिशिएंसी की तुलना करें तो भारत का आंकड़ा भी ध्यान खींचता है. उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, इस सूची में सिर्फ पाकिस्तान की कैचिंग एफिशिएंसी भारत से कम रही है.
यह आंकड़े भारतीय टीम के लिए आने वाले टी20 मुकाबलों से पहले फील्डिंग पर अतिरिक्त ध्यान देने की जरूरत को रेखांकित करते हैं.
कैचिंग में सुधार पर होगी नजर
टी20 क्रिकेट में बल्लेबाजी और गेंदबाजी के साथ फील्डिंग भी मुकाबले का अहम हिस्सा है. 2026 में 29 मैचों के दौरान 51 कैच छूटना टीम के लिए एक ऐसा आंकड़ा है, जिस पर निश्चित तौर पर नजर रहेगी.
आने वाले मुकाबलों में भारतीय टीम के प्रदर्शन के साथ-साथ यह भी देखना दिलचस्प होगा कि खिलाड़ी कैचिंग के मौकों को कितनी मजबूती से भुनाते हैं. मैदान पर मिले मौकों को विकेट में बदलना टी20 क्रिकेट में टीम के नतीजों पर सीधा असर डाल सकता है.

