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एक बार फिर निडर मुंबई इंडियंस देखने को मिलेगी, जीतने की वो आग बतौर कोच भी वैसे ही जलती रहेगी: पोलार्ड

नई दिल्ली, 24 अक्टूबर (आईएएनएस)। मुंबई इंडियंस के नए हेड कोच कीरोन पोलार्ड ने माना कि पांच बार की आईपीएल चैंपियन टीम हाल के सीजन में अपने फैंस की उम्मीदों पर खरी नहीं उतरी है। उन्होंने कहा कि एक बार फिर से एक खतरनाक टीम बनने की शुरुआत अपनी इस कमी को स्वीकार करने से होगी।

नई दिल्ली, 24 अक्टूबर (आईएएनएस)। मुंबई इंडियंस के नए हेड कोच कीरोन पोलार्ड ने माना कि पांच बार की आईपीएल चैंपियन टीम हाल के सीजन में अपने फैंस की उम्मीदों पर खरी नहीं उतरी है। उन्होंने कहा कि एक बार फिर से एक खतरनाक टीम बनने की शुरुआत अपनी इस कमी को स्वीकार करने से होगी।

पोलार्ड, जो पिछले चार आईपीएल सीजन में मुंबई इंडियंस टीम के बैटिंग कोच थे अब महेला जयवर्धने की जगह लेंगे। जयवर्धने पिछले सप्ताहांत ही इस फ्रेंचाइजी से अलग हुए हैं। वेस्टइंडीज के पूर्व ऑलराउंडर पोलार्ड का मुंबई इंडियंस और इसकी अन्य फ्रेंचाइजियों के साथ जुड़ाव आईपीएल 2010 से है, जब वह पहली बार एक खिलाड़ी के तौर पर टीम से जुड़े थे।

धुआंधार बल्लेबाजी करने वाले पोलार्ड मुंबई इंडियंस की उन सभी पांच आईपीएल खिताबी जीतों (2013, 2015, 2017, 2019 और 2020) का हिस्सा रहे हैं। इसके अलावा, वह 2011 और 2013 में टीम की दो चैंपियंस लीग टी20 जीतों में भी शामिल थे। पोलार्ड ने कहा, "एक टीम के तौर पर हम समझते हैं कि हम उतने अच्छे नहीं रहे हैं, जितनी फैंस हमसे उम्मीद करते हैं। बेहतर बनने की दिशा में पहला कदम यही है कि हम इस बात को स्वीकार करें।"

मुंबई इंडियंस के नए हेड कोच ने आगे कहा, "हम मानते हैं कि आप (हमारी 'पलटन') अभी भी हमारे सबसे वफादार फैंस हैं। उम्मीद है कि हम वही जुनून फिर से दिखा पाएंगे जो आपने पिछले कुछ वर्षों में देखा है, और नई पीढ़ी के क्रिकेटरों के साथ मिलकर हम उन पुरानी यादों को फिर से ताजा कर सकेंगे। हम इस टीम का बैज पहनकर खेलने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।"

शनिवार को मुंबई इंडियंस के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर पोस्ट किए गए एक वीडियो में पोलार्ड ने कहा, "हम फिर से वही जोश और जुनून देखना चाहते हैं, और उम्मीद है कि हमें एक बार फिर निडर मुंबई इंडियंस देखने को मिलेगी।" पोलार्ड ने 189 आईपीएल मैच खेले, जिसमें उन्होंने 147.32 के स्ट्राइक रेट से 3412 रन बनाए और 69 विकेट लिए। उन्होंने अपना आखिरी आईपीएल सीजन 2022 में खेला था। आईपीएल 2023 से पहले उन्होंने लीग से संन्यास ले लिया था और मुंबई इंडियंस ने उन्हें बैटिंग कोच की जिम्मेदारी सौंप दी थी।

अपनी प्राथमिकताओं के बारे में बात करते हुए पोलार्ड ने कहा कि सबसे पहला काम यह समझना है कि किन चीजों को सुधारने की जरूरत है और अपने घरेलू मैदान पर टीम की पहचान को वापस लाना है। उन्होंने यह भी माना कि हाल के खराब प्रदर्शन से इनकार नहीं किया जा सकता।

यूएई में आईपीएल 2020 जीतने के बाद से मुंबई इंडियंस ने कोई खिताब नहीं जीता है। हालांकि वह 2023 और 2025 में प्लेऑफ तक पहुंचे, लेकिन 2024 और 2026 सीजन में टीम क्रमशः दसवें और नौवें स्थान पर रही। पोलार्ड ने कहा, "जब आप पूछते हैं कि पहला काम क्या है, तो मुझे लगता है कि सबसे पहले यह समझना जरूरी है कि क्या करने की जरूरत है। फिर, उस दिशा में आगे बढ़ते हुए उसी जोश और ऊर्जा के साथ काम करना है। जब आप वानखेड़े स्टेडियम में कदम रखते हैं, तो वहां आपको दूसरी टीमों के रंग (जैसे पीला या लाल) नहीं दिखने चाहिए।"

उन्होंने आगे कहा, "आप वहां नीला झंडा लहराते हुए देखना चाहते हैं और फैंस के अंदर वही जुनून और जोश देखना चाहते हैं - और इसकी शुरुआत सबसे पहले हमारी तरफ से होनी चाहिए। इसी वजह से यहीं से सारा काम शुरू होता है - यह समझना कि हम किसके लिए खेल रहे हैं और हमारा मकसद क्या है। हम इस बात को मानते हैं कि पिछले कुछ वर्षों में हम वहां नहीं पहुंच पाए, जहां हम पहुंचना चाहते थे। इस सच्चाई से मुंह नहीं मोड़ा जा सकता।"

"हालांकि, अब हम अपनी पूरी कोशिश करेंगे कि हम इस टीम के बैज के लिए खेलें, जहां टीम खुद से ऊपर है। हम यह सुनिश्चित करेंगे कि जब विरोधी टीम हमारे खिलाफ खेलने आए, तो उन्हें हमारे पुराने शानदार प्रदर्शन की याद आ जाए। हां, यह इतिहास है, लेकिन कभी-कभी आगे बढ़ने के लिए आपको थोड़ा पीछे जाकर चीजों को समझना पड़ता है। मुझे लगता है कि यहीं से शुरुआत होगी।"

पोलार्ड ने कहा कि इस नई बड़ी जिम्मेदारी का एहसास अभी भी उन्हें पूरी तरह से नहीं हुआ है। उन्होंने कहा, "मुझे नहीं लगता कि अभी तक मुझे पूरी तरह से इसका एहसास हुआ है। हालांकि, जाहिर है कि एक टीम के तौर पर हमने जो कुछ बनाया है और अब मैं उस टीम की कमान संभाल रहा हूं, यह एक अलग ही एहसास है। जब मैंने शुरुआत की थी, तब मैंने कभी नहीं सोचा था कि एक दिन मैं इस तरफ (टीम प्रबंधन की ओर) आऊंगा। मगर समय इतनी तेजी से बीत गया कि पिछले 15-16 वर्षों में बहुत कुछ हो गया। अब मैं इस स्थिति में हूं, जहां मैं उस फ्रेंचाइजी के लिए अच्छा करना चाहता हूं जिसने मुझे इतना कुछ दिया है, और मैंने भी उन्हें और यहां के लोगों को बहुत कुछ दिया है।"

मैदान पर अपने आक्रामक अंदाज के लिए मशहूर पोलार्ड ने कहा कि जीतने की उनकी भूख डगआउट में भी वैसी ही बनी रहेगी। उन्होंने कहा, "मुझे नहीं लगता कि बहुत कुछ बदलने वाला है। जीतने की चाह और हर बार वही जुनून दिखाना, यह तो आपके अंदर ही बस गया है। मेरे लिए व्यक्तिगत तौर पर, कुछ खास नहीं बदलने वाला। जीतने की वो आग वैसे ही जलती रहेगी जैसी मैदान पर खेलते समय जलती थी, बस अब मैं इसे थोड़ी दूर से देखूंगा।"

पोलार्ड ने कहा, "द हंड्रेड' पुरुष प्रतियोगिता में मुंबई इंडियंस लंदन के हेड कोच पोलार्ड ने खेल की अपनी समझ को बेहतर बनाने का श्रेय अपने पूर्ववर्ती जयवर्धने को दिया। उन्होंने बताया कि कैसे जयवर्धने के साथ उनका सफर पहले एक प्रतिद्वंद्वी के रूप में, फिर उनकी कोचिंग में एक खिलाड़ी के तौर पर, और बाद में सपोर्ट स्टाफ में उनके सहायक के रूप में रहा।

उन्होंने कहा, "महेला के साथ बिताए वो 10 साल शानदार रहे। अगर महेला के नजरिए से देखें, तो हमारी पहली मुलाकात एक खिलाड़ी और प्रतिद्वंद्वी के तौर पर हुई होगी। उस समय मैं अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में नया था, जबकि वह श्रीलंका के लिए खेल रहे थे और टीम की कप्तानी भी कर रहे थे।"

पोलार्ड ने आगे कहा, "उस समय जो बात मुझे सबसे ज्यादा प्रभावित कर गई, वह थी खेल की रणनीति को लेकर उनकी सटीक समझ। फिर एक कोच के तौर पर उनके साथ काम करना और उनके अंडर खेलना, मेरे लिए और भी शानदार अनुभव रहा। इससे मुझे उन्हें एक इंसान के रूप में समझने का मौका मिला और यह भी पता चला कि वे क्रिकेट के खेल में क्या कुछ लेकर आते हैं। वu अपनी प्लानिंग में इतने बारीकी से काम करते थे कि अलग-अलग तरीकों से अपने खिलाड़ियों को बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रेरित कर पाते थे।"

मुंबई इंडियंस के नए हेड कोच ने कहा, "मुंबई में हमारे में से कई लोगों को उस सफलता के लिए तैयार करने और ढालने में मदद की, जिसका हम लंबे समय तक हिस्सा रहे हैं। यह वाकई शानदार था। इसके बाद, उनके अंडर एक सहायक और बैटिंग कोच के तौर पर काम करते हुए मैंने उनसे जो कुछ भी सीखा, उसके लिए मैं खुद को बहुत भाग्यशाली मानता हूं। एक विरोधी के नजरिए से उनके पास जो अनुभव था, उसे कोचिंग सेटअप में उनके साथ रहकर सीखने का मौका मिलना मेरे लिए एक बड़ा सौभाग्य रहा।"

--आईएएनएस

एसएम/डीकेपी

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