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वैभव सूर्यवंशी को लेकर दिग्गज सनथ जयसूर्या का बड़ा बयान: "प्लेइंग-11 में शामिल करने की जल्दबाजी न करें"

वैभव सूर्यवंशी को लेकर दिग्गज सनथ जयसूर्या का बड़ा बयान: "प्लेइंग-11 में शामिल करने की जल्दबाजी न करें"

भारतीय क्रिकेट के युवा स्टार वैभव सूर्यवंशी इन दिनों लगातार चर्चा में हैं। महज 15 साल की उम्र में इंटरनेशनल क्रिकेट में पहचान बनाने वाले वैभव को लेकर अब श्रीलंका के पूर्व कप्तान और दिग्गज बल्लेबाज सनथ जयसूर्या ने बड़ा बयान दिया है।जयसूर्या ने वैभव की प्रतिभा की जमकर तारीफ करते हुए उन्हें भारतीय क्रिकेट का भविष्य बताया है। हालांकि, उन्होंने साथ ही यह भी कहा कि इस युवा बल्लेबाज को टीम इंडिया की प्लेइंग-11 में शामिल करने को लेकर किसी तरह की जल्दबाजी नहीं करनी चाहिए।

‘वैभव अलग तरह की प्रतिभा है’

सनथ जयसूर्या ने वैभव को सामान्य युवा खिलाड़ियों से अलग बताते हुए कहा कि उनमें एक खास तरह की प्रतिभा है। उनके मुताबिक वैभव के पास अभी काफी समय है और उन्हें धीरे-धीरे अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के माहौल में खुद को ढालने का मौका मिलना चाहिए।जयसूर्या ने यह भी कहा कि जब वैभव को मौका मिलेगा, तो वह अपनी प्रतिभा दिखाने में सक्षम होंगे। हालांकि, उन्होंने यह तय करने से इनकार किया कि वैभव को किस नंबर पर या किस भूमिका में खिलाया जाना चाहिए। उनके मुताबिक यह फैसला टीम की जरूरत और परिस्थितियों पर निर्भर करेगा।

अफगानिस्तान सीरीज में नहीं मिला खेलने का मौका

वैभव हाल ही में अफगानिस्तान के खिलाफ तीन मैचों की टी20 इंटरनेशनल सीरीज के लिए भारतीय टीम का हिस्सा थे। लेकिन तीनों मुकाबलों में उन्हें प्लेइंग-11 में शामिल नहीं किया गया।

टीम मैनेजमेंट ने ओपनिंग के लिए संजू सैमसन और अभिषेक शर्मा की जोड़ी पर भरोसा कायम रखा। इसी वजह से वैभव को बेंच पर बैठना पड़ा।

वैभव को प्लेइंग-11 में मौका नहीं मिलने के बाद क्रिकेट जगत में बहस भी शुरू हो गई थी। कुछ पूर्व क्रिकेटरों ने उन्हें मौका देने की बात कही, जबकि टीम मैनेजमेंट ने मौजूदा खिलाड़ियों के प्रदर्शन और टीम संयोजन को प्राथमिकता दी है।

इंटरनेशनल क्रिकेट में कम उम्र में बनाई पहचान

वैभव सूर्यवंशी ने बेहद कम उम्र में भारतीय क्रिकेट में अपनी पहचान बनाई है। इंग्लैंड के खिलाफ अपनी शुरुआती टी20 इंटरनेशनल सीरीज में उन्होंने तीन मैचों में 42 रन बनाए।

इसके बाद जिम्बाब्वे के खिलाफ तीन मैचों की सीरीज में वैभव ने 151 रन बनाए और सीरीज में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज रहे। उनका स्ट्राइक रेट भी करीब 196 का रहा।

इन प्रदर्शनों के बाद वैभव को लेकर उम्मीदें और बढ़ गई हैं। लेकिन अब उनके सामने सबसे बड़ी चुनौती इस प्रदर्शन को लगातार बनाए रखने और अंतरराष्ट्रीय स्तर की क्रिकेट में खुद को स्थापित करने की होगी।

टीम इंडिया में ओपनिंग को लेकर कड़ा मुकाबला

वैभव के लिए सबसे बड़ी चुनौती टीम इंडिया की ओपनिंग स्लॉट में मौजूद प्रतिस्पर्धा है। फिलहाल अभिषेक शर्मा और संजू सैमसन ने टीम में अपनी जगह मजबूत की है।

जयसूर्या ने भी भारतीय टीम में जगह बनाने की इसी कड़ी प्रतिस्पर्धा का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि भारत में हर खिलाड़ी को अपनी जगह बनाए रखने के लिए लगातार प्रदर्शन करना पड़ता है, क्योंकि टीम में जगह के लिए हमेशा कई खिलाड़ी तैयार रहते हैं।

जयसूर्या की सलाह का मतलब क्या है?

जयसूर्या का बयान वैभव की प्रतिभा पर सवाल नहीं उठाता, बल्कि उनके करियर को लंबा और स्थिर बनाने की दिशा में धैर्य रखने की बात करता है।

एक युवा खिलाड़ी को लगातार अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में उतारने से पहले उसे परिस्थितियों, दबाव और अलग-अलग गेंदबाजी आक्रमण के खिलाफ खेलने का अनुभव मिलना जरूरी हो सकता है। दूसरी तरफ, वैभव के मौजूदा प्रदर्शन को देखते हुए उन्हें लगातार मौके देने की मांग भी सामने आ रही है।

अब टीम मैनेजमेंट के सामने चुनौती यह है कि वैभव को कब, किस भूमिका में और कितनी नियमितता के साथ मौका दिया जाए।

‘मौका मिलेगा तो जरूर भुनाएगा’—जयसूर्या का भरोसा

सनथ जयसूर्या ने साफ संकेत दिया है कि उन्हें वैभव की क्षमता पर भरोसा है। उनका मानना है कि मौका मिलने पर यह युवा बल्लेबाज उसे भुना सकता है।

फिलहाल वैभव के लिए संदेश यही है कि उन्हें धैर्य रखना होगा और जब भी टीम इंडिया की प्लेइंग-11 में जगह मिले, उस मौके को प्रदर्शन में बदलना होगा।

अब नजर इस बात पर है कि अगली अंतरराष्ट्रीय सीरीज में टीम मैनेजमेंट वैभव को प्लेइंग-11 में मौका देता है या उन्हें कुछ और समय इंतजार करना पड़ता है।

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