रांची टी-20 में रिकॉर्ड्स की बौछार: भारत का 300 छक्कों का वर्ल्ड रिकॉर्ड, विंडीज का सबसे बड़ा रनचेज
इस मुकाबले में दोनों टीमों की पारियों को मिलाकर कुल 501 रन बने। इसके साथ ही यह मेंस टी-20 इंटरनेशनल क्रिकेट का दूसरा ऐसा मुकाबला बन गया, जिसमें दोनों टीमों ने मिलकर 500 से ज्यादा रन बनाए। मैच में चौकों और छक्कों की भी जमकर बरसात हुई। भारतीय बल्लेबाजों ने 13 छक्के लगाए, जबकि पूरे मैच में कुल 79 बाउंड्री देखने को मिलीं।
भारत ने एक साल में 300 से ज्यादा छक्के लगाने का रिकॉर्ड बनाया
भारतीय टीम ने साल 2026 में टी-20 इंटरनेशनल क्रिकेट में अब तक 311 छक्के लगाए हैं। इसके साथ ही भारत एक कैलेंडर वर्ष में 300 से ज्यादा छक्के लगाने वाली पहली फुल मेंबर यानी टेस्ट खेलने वाली टीम बन गई है।इससे पहले भी भारत ने साल 2022 में 289 छक्के लगाकर एक बड़ा रिकॉर्ड बनाया था। रांची में खेले गए मुकाबले में भारतीय बल्लेबाजों के आक्रामक अंदाज ने एक बार फिर टीम की विस्फोटक बल्लेबाजी की ताकत दिखाई।
भारत के खिलाफ वेस्टइंडीज का सबसे बड़ा रनचेज
वेस्टइंडीज ने 250 रन के लक्ष्य को हासिल करके भारतीय टीम के खिलाफ टी-20 इंटरनेशनल का सबसे बड़ा सफल रनचेज किया। इससे पहले ऑस्ट्रेलिया ने साल 2023 में भारत के खिलाफ 223 रन का लक्ष्य हासिल किया था।
वहीं, पुरुष टी-20 इंटरनेशनल क्रिकेट में सफल रनचेज के मामले में यह दूसरा सबसे बड़ा लक्ष्य बताया गया है। इस सूची में पहले स्थान पर दक्षिण अफ्रीका है, जिसने 2023 में वेस्टइंडीज के खिलाफ 259 रन का लक्ष्य हासिल किया था।
टी-20 इंटरनेशनल में दूसरी बार बने 500 से ज्यादा रन
रांची में भारत और वेस्टइंडीज के बीच खेले गए मुकाबले में कुल 501 रन बने। यह पुरुष टी-20 इंटरनेशनल क्रिकेट का दूसरा मैच रहा, जिसमें दोनों टीमों के स्कोर का कुल योग 500 रन के पार पहुंचा।
इससे पहले साल 2009 में सेंचुरियन में दक्षिण अफ्रीका और वेस्टइंडीज के बीच खेले गए मुकाबले में कुल 517 रन बने थे। रांची के मैच ने एक बार फिर साबित किया कि टी-20 क्रिकेट में बड़े स्कोर और आक्रामक बल्लेबाजी का दौर लगातार बढ़ रहा है।
मैच में लगीं 79 बाउंड्री
भारत और वेस्टइंडीज के बीच इस मुकाबले में बल्लेबाजों ने मैदान के चारों ओर शॉट लगाए। पूरे मैच में कुल 79 बाउंड्री लगीं, जिनमें 46 चौके और 33 छक्के शामिल थे।
हालांकि, पुरुष टी-20 इंटरनेशनल में एक मैच में सबसे ज्यादा बाउंड्री का रिकॉर्ड अब भी दक्षिण अफ्रीका और वेस्टइंडीज के नाम बताया गया है। दोनों टीमों के बीच 2023 में खेले गए मुकाबले में कुल 81 बाउंड्री लगी थीं।
शाई होप ने 45 गेंदों में जड़ा शतक
वेस्टइंडीज के कप्तान शाई होप ने रांची में शानदार बल्लेबाजी करते हुए 45 गेंदों में अपना शतक पूरा किया। इस पारी के साथ वह वेस्टइंडीज के लिए सबसे तेज टी-20 इंटरनेशनल शतक लगाने वाले बल्लेबाजों की सूची में दूसरे स्थान पर पहुंच गए।
इस सूची में जॉनसन चार्ल्स पहले नंबर पर हैं, जिन्होंने 39 गेंदों में शतक लगाया था। होप ने अपने आक्रामक खेल से भारतीय गेंदबाजों पर दबाव बनाए रखा और टीम को लक्ष्य के करीब पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई।
टी-20 इंटरनेशनल में होप का दूसरा शतक
शाई होप ने इस मुकाबले में टी-20 इंटरनेशनल क्रिकेट का अपना दूसरा शतक लगाया। इसके साथ ही वह वेस्टइंडीज के उन चुनिंदा बल्लेबाजों में शामिल हो गए, जिन्होंने इस प्रारूप में दो शतक लगाए हैं।
वेस्टइंडीज के लिए क्रिस गेल और एविन लुईस भी टी-20 इंटरनेशनल में दो शतक लगाने का कारनामा कर चुके हैं। इसके अलावा, होप ने टी-20 इंटरनेशनल में अपना 15वां 50 या उससे ज्यादा रन का स्कोर भी बनाया। इस मामले में वह एविन लुईस के साथ दूसरे स्थान पर हैं, जबकि क्रिस गेल 16 फिफ्टी-प्लस स्कोर के साथ आगे बताए गए हैं।
मैच के 5 बड़े मोमेंट्स
1. निकोलस पूरन ने छोड़ा संजू सैमसन का कैच
मैच के शुरुआती ओवरों में वेस्टइंडीज के फील्डर निकोलस पूरन से बड़ी चूक हुई। अकील हुसैन के ओवर में संजू सैमसन ने शॉट खेला, जिस पर कवर में खड़े पूरन के पास कैच पकड़ने का मौका था। उन्होंने दोनों हाथों से गेंद को पकड़ने की कोशिश की, लेकिन गेंद उनके हाथों से छिटक गई।उस समय सैमसन 6 रन बनाकर खेल रहे थे। जीवनदान मिलने के बाद उन्होंने शानदार बल्लेबाजी की और 82 रन की पारी खेली। यह कैच वेस्टइंडीज के लिए महंगा साबित हुआ।
2. रोमारियो शेफर्ड को बीच ओवर में छोड़ना पड़ा मैदान
भारतीय पारी के 17वें ओवर के दौरान वेस्टइंडीज के गेंदबाज रोमारियो शेफर्ड को परेशानी हुई और वह ओवर पूरा किए बिना मैदान से बाहर चले गए। उनकी परेशानी की वजह स्पष्ट नहीं हो सकी। इसके बाद रोवमन पॉवेल ने ओवर पूरा किया, जबकि कीमो पॉल सब्स्टीट्यूट फील्डर के रूप में मैदान पर उतरे।हालांकि, दूसरी पारी में शेफर्ड बल्लेबाजी करने आए और उन्होंने 13 गेंदों में नाबाद 34 रन बनाकर वेस्टइंडीज की जीत में अहम योगदान दिया। गेंदबाजी के दौरान उन्होंने 3.4 ओवर में 47 रन खर्च किए और उन्हें कोई विकेट नहीं मिला।
3. तिलक वर्मा ने लगातार तीन छक्के जड़े
भारतीय पारी के आखिरी ओवर में तिलक वर्मा ने आक्रामक बल्लेबाजी का शानदार नजारा पेश किया। उन्होंने शमर स्प्रिंगर की लगातार तीन गेंदों पर तीन छक्के लगाए।तिलक ने पहले दो छक्के लॉन्ग-ऑफ की दिशा में लगाए, जबकि तीसरी गेंद पर पुल शॉट खेलते हुए डीप मिडविकेट के ऊपर से गेंद को बाउंड्री के पार पहुंचा दिया। उन्होंने सिर्फ 18 गेंदों में नाबाद 44 रन बनाए और भारतीय स्कोर को बड़े स्तर तक पहुंचाने में मदद की।
4. मयंक यादव ने लगातार दो गेंदों पर झटके विकेट
वेस्टइंडीज की पारी के पहले ही ओवर में भारतीय तेज गेंदबाज मयंक यादव ने लगातार दो गेंदों पर विकेट लेकर मुकाबले में रोमांच बढ़ा दिया।ओवर की तीसरी गेंद पर उन्होंने कामिल पूरन को शॉर्ट बॉल पर रवि बिश्नोई के हाथों कैच आउट कराया। इसके बाद अगली गेंद 144 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से फेंकी, जिस पर शिमरोन हेटमायर बोल्ड हो गए।मयंक ने इस मुकाबले में तीन ओवर में 36 रन देकर तीन विकेट हासिल किए। हालांकि, वेस्टइंडीज के बल्लेबाजों ने बाद में तेज गति से रन बनाकर भारतीय गेंदबाजों पर दबाव बनाए रखा।
5. शेरफेन रदरफोर्ड का कैच छूटा, फिर खेली 84 रन की पारी
वेस्टइंडीज की पारी के 10वें ओवर में शेरफेन रदरफोर्ड को जीवनदान मिला। उस समय वह 38 रन बनाकर खेल रहे थे। कुलदीप यादव की धीमी गेंद पर रदरफोर्ड ने शॉर्ट फाइन लेग की तरफ शॉट खेला। वहां मौजूद मयंक यादव ने कैच पकड़ने की कोशिश की, लेकिन गेंद उनके हाथों में नहीं टिक सकी।इस गलती का भारतीय टीम को भारी नुकसान उठाना पड़ा। रदरफोर्ड ने जीवनदान का फायदा उठाते हुए तूफानी बल्लेबाजी जारी रखी और महज 37 गेंदों में 84 रन बना दिए। उनकी पारी ने वेस्टइंडीज के रनचेज को मजबूत आधार दिया।
मुकाबले में भारतीय टीम की कहां हुई चूक?
भारत ने पहली पारी में बड़ा स्कोर बनाया और बल्लेबाजों ने कई रिकॉर्ड भी अपने नाम किए, लेकिन वेस्टइंडीज की आक्रामक बल्लेबाजी के सामने गेंदबाज लक्ष्य का बचाव नहीं कर सके। इसके अलावा, संजू सैमसन और शेरफेन रदरफोर्ड के कैच छूटने जैसी गलतियां भी भारतीय टीम पर भारी पड़ीं।दूसरी ओर, शाई होप और शेरफेन रदरफोर्ड ने तेज गति से रन बनाकर मुकाबले का रुख वेस्टइंडीज की ओर मोड़ दिया। इस मैच में बने रिकॉर्ड और रोमांचक मोमेंट्स ने टी-20 क्रिकेट के आक्रामक अंदाज को एक बार फिर सामने ला दिया।

