IPL 2026 बना सबसे विस्फोटक सीजन, वीडियो में जाने रनरेट से लेकर 200+ स्कोर तक टूटे सारे रिकॉर्ड
Indian Premier League का लीग स्टेज खत्म होते-होते इस सीजन ने बल्लेबाजी के लगभग हर बड़े रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया है। चौकों-छक्कों की बरसात, लगातार बड़े स्कोर और तेज रनगति ने IPL 2026 को टूर्नामेंट के इतिहास का सबसे विस्फोटक सीजन बना दिया है। रनरेट, 200+ स्कोर और औसत स्कोरिंग के मामले में इस बार नए कीर्तिमान स्थापित हुए हैं।
इस सीजन में महज 70 मैचों के भीतर ही 61 बार टीमों ने 200 या उससे ज्यादा का स्कोर खड़ा किया। यह IPL इतिहास में किसी एक सीजन में सबसे ज्यादा 200+ टोटल हैं। इससे पहले IPL 2025 में 52 बार 200 से अधिक रन बने थे, लेकिन 2026 में बल्लेबाजों ने इस रिकॉर्ड को भी पीछे छोड़ दिया।
सबसे दिलचस्प बात यह है कि IPL के शुरुआती 9 सीजन यानी 2008 से 2016 तक कुल 538 मैच खेले गए थे, जिनमें केवल 57 बार ही 200+ स्कोर देखने को मिला था। वहीं अब अकेले IPL 2026 में यह आंकड़ा 61 तक पहुंच गया है। इससे साफ है कि टी20 क्रिकेट पहले के मुकाबले कहीं ज्यादा आक्रामक और बल्लेबाजों के अनुकूल हो चुका है।
इस बार पूरे सीजन का ओवरऑल रनरेट 9.85 रहा, जो IPL इतिहास में अब तक का सबसे ज्यादा रनरेट है। बल्लेबाजों ने शुरुआत से ही आक्रामक रवैया अपनाया और गेंदबाजों को लगातार दबाव में रखा। मैदान छोटे होने, फ्लैट पिचों और आधुनिक बल्लेबाजी तकनीक का असर पूरे सीजन में साफ दिखाई दिया।
IPL 2026 सिर्फ रनरेट और बड़े स्कोर तक सीमित नहीं रहा, बल्कि औसत स्कोरिंग के मामले में भी यह सीजन नंबर-1 बन गया। इस बार पहली पारी का औसत स्कोर 192 रन रहा, जो IPL इतिहास में सबसे ज्यादा है। इससे पहले IPL 2025 में यह औसत 191 और 2024 में 190 था। लगातार तीसरे साल पहली पारी के औसत स्कोर में बढ़ोतरी देखने को मिली है।
इस सीजन की एक और बड़ी खासियत पावरप्ले बल्लेबाजी रही। IPL इतिहास में पहली बार पावरप्ले का रनरेट 10 के पार पहुंच गया। बल्लेबाजों ने शुरुआती 6 ओवरों में ही मैच का रुख बदलना शुरू कर दिया। इससे पहले IPL 2025 में पावरप्ले रनरेट 9.60 और 2024 में 9.47 था। खास बात यह है कि 2022 तक किसी भी सीजन में पावरप्ले रनरेट 9 तक भी नहीं पहुंच पाया था।
क्रिकेट एक्सपर्ट्स का मानना है कि टी20 क्रिकेट अब पूरी तरह बल्लेबाजों का खेल बनता जा रहा है। इम्पैक्ट प्लेयर नियम, आक्रामक ओपनिंग रणनीति और बड़े शॉट खेलने वाले खिलाड़ियों की बढ़ती संख्या ने खेल का अंदाज बदल दिया है। हालांकि कुछ पूर्व क्रिकेटरों ने गेंदबाजों के लिए नियमों में बदलाव की जरूरत भी बताई है ताकि मुकाबले में संतुलन बना रहे।
फिलहाल IPL 2026 ने यह साबित कर दिया है कि क्रिकेट फैंस को हाई-स्कोरिंग मुकाबले सबसे ज्यादा पसंद आ रहे हैं। अब सभी की नजरें प्लेऑफ मुकाबलों पर टिकी हैं, जहां यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या बल्लेबाजों का यही तूफानी अंदाज आगे भी जारी रहता है या गेंदबाज वापसी कर पाते हैं।

