भारत ने शुक्रवार को अंडर-19 क्रिकेट वर्ल्ड कप का खिताब जीतकर इतिहास में अपनी छठी जीत दर्ज की। हरारे स्पोर्ट्स क्लब में खेले गए रोमांचक फाइनल में भारतीय टीम ने इंग्लैंड को 100 रनों से हराकर विजयी रही। इस शानदार जीत के साथ भारतीय अंडर-19 टीम ने अपनी श्रेष्ठता साबित कर दी और युवा क्रिकेटरों ने बेहतरीन प्रदर्शन से देश का गौरव बढ़ाया। भारतीय टीम ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया। 50 ओवर की पारी में टीम ने 9 विकेट के नुकसान पर 411 रनों का विशाल स्कोर खड़ा किया। इस पारी में 14 वर्षीय युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी ने धमाकेदार खेल का प्रदर्शन किया। उन्होंने 80 गेंदों में 175 रन बनाए, जिनमें से 150 रन उन्होंने बाउंड्री के जरिए हासिल किए। वैभव ने अपनी पारी में 15 चौके और 15 छक्के लगाते हुए 218.75 की जबरदस्त स्ट्राइक रेट से खेला। उनके इस प्रदर्शन ने भारतीय टीम को एक मजबूत लक्ष्य देने में अहम भूमिका निभाई।
कप्तान आयुष म्हात्रे ने भी शानदार खेल दिखाया और 53 रन की पारी खेलकर टीम को मजबूत स्थिति में पहुँचाया। इंग्लैंड की ओर से सेबेस्टियन मॉर्गन और एलेक्स ग्रीन ने 2-2 विकेट हासिल किए, लेकिन भारतीय बल्लेबाजों की ताबड़तोड़ बल्लेबाजी के सामने उनकी गेंदबाजी कारगर साबित नहीं हो सकी। दूसरी पारी में इंग्लैंड ने 412 रनों का चुनौतीपूर्ण लक्ष्य हासिल करने की कोशिश की। हालांकि, उनकी टीम 40.2 ओवर में 311 रन पर ऑलआउट हो गई और भारत ने फाइनल में 100 रनों से शानदार जीत दर्ज की। इंग्लैंड के बल्लेबाजों में कालेब फॉल्कनर ने 67 गेंदों में 115 रन बनाए, लेकिन उनकी पारी अकेले टीम के लिए काफी नहीं थी।
भारतीय गेंदबाजों ने भी जबरदस्त प्रदर्शन किया। आरएस अंबरीश ने 3 विकेट झटके और टीम को इंग्लैंड के मजबूत बल्लेबाजों को पवेलियन भेजने में सफलता दिलाई। वहीं, दीपेश देवेन्द्रन और कनिष्क चौहान को 2-2 विकेट मिले, जिन्होंने मैच के निर्णायक क्षणों में इंग्लिश बल्लेबाजों को दबाव में रखा। इस जीत के साथ भारत अंडर-19 वर्ल्ड कप इतिहास में छठी बार खिताब जीतने वाला देश बन गया है। इस युवा टीम की सफलता ने यह साबित कर दिया कि भारतीय क्रिकेट में भविष्य के सितारे तैयार हैं। खासकर वैभव सूर्यवंशी का प्रदर्शन युवा क्रिकेट प्रेमियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बन गया है। विशेष रूप से इस जीत ने भारत के क्रिकेट प्रशंसकों में खुशी और उत्साह की लहर दौड़ा दी है। हरारे स्पोर्ट्स क्लब में भारतीय टीम की यह शानदार जीत न सिर्फ खिलाड़ियों के लिए बल्कि पूरे देश के लिए गर्व का क्षण है। विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह के प्रदर्शन से भारत का युवा क्रिकेट भविष्य में और भी मजबूत और प्रभावशाली होगा। इस खिताबी जीत के साथ भारतीय अंडर-19 क्रिकेट टीम ने न केवल इंग्लैंड को मात दी बल्कि यह साबित किया कि भारतीय क्रिकेट की युवा प्रतिभाएँ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर किसी से कम नहीं हैं।

