11 गेंदों में फिफ्टी, फाइनल में मचाया तूफान! जानिए अब होगा वैभव सूर्यवंशी का अगला मैच और इंटरनेशनल डेब्यू
जब भी कोई युवा खिलाड़ी भारतीय क्रिकेट में आता है, तो महान खिलाड़ियों से उसकी तुलना होना तय है। हालांकि, बिहार के 15 साल के शानदार खिलाड़ी वैभव सूर्यवंशी ने अपनी बैटिंग से सबका दिल जीत लिया है और क्रिकेट के जानकारों को भी हैरान कर दिया है। निडर होकर बैटिंग करना, बॉलर्स के मन में डर पैदा करने की काबिलियत और मुश्किल पलों में भी शानदार प्रदर्शन करने का हुनर - ये कुछ ऐसी खूबियां हैं जो वैभव को अपने साथियों से काफी आगे रखती हैं। अब यह युवा बल्लेबाज इंटरनेशनल लेवल पर अपनी छाप छोड़ने के लिए तैयार है।
भारतीय क्रिकेट टीम जल्द ही आयरलैंड के खिलाफ दो मैचों की T20 सीरीज (IND vs IRE) खेलने जा रही है। क्रिकेट फैंस में इस दौरे को लेकर बहुत उत्साह है और वैभव सूर्यवंशी इसकी एक बड़ी वजह हैं। सीरीज का पहला T20 मैच 26 जून को और दूसरा मैच 28 जून को खेला जाएगा। दोनों मैच बेलफ़ास्ट के खूबसूरत मैदान पर खेले जाएंगे और भारतीय समय के अनुसार शाम 7:30 बजे शुरू होंगे।
आयरलैंड के खिलाफ यह दौरा वैभव सूर्यवंशी के करियर का सबसे बड़ा टर्निंग पॉइंट साबित हो सकता है। ऐसी चर्चा है कि वैभव 26 जून को पहले T20 मैच में इंटरनेशनल डेब्यू कर सकते हैं। अगर ऐसा होता है, तो वह भारतीय क्रिकेट के इतिहास में एक नया सुनहरा अध्याय लिखेंगे। सिर्फ 15 साल की उम्र में इंटरनेशनल डेब्यू करके, वैभव भारतीय क्रिकेट में सबसे कम उम्र में डेब्यू करने वाले खिलाड़ी के तौर पर महान सचिन तेंदुलकर का रिकॉर्ड तोड़ देंगे। यह एक शानदार उपलब्धि होगी, जिसे आने वाले कई सालों तक याद रखा जाएगा। आयरलैंड दौरे के बाद, भारतीय टीम को इंग्लैंड के खिलाफ भी T20 सीरीज खेलनी है; दोनों दौरों के लिए भारतीय टीम में वैभव का शामिल होना उनके बढ़ते कद को दिखाता है।
नॉकआउट मैचों के नए 'किंग'
वैभव सूर्यवंशी की सबसे बड़ी ताकत दबाव में भी टिके रहने और हार न मानने की काबिलियत है। यही वजह है कि उन्हें घरेलू और जूनियर क्रिकेट सर्किट में 'नॉकआउट मैचों का नया किंग' कहा जाता है। आंकड़े इस बात की गवाही देते हैं कि जब भी कोई मैच 'करो या मरो' वाला होता है, तो वैभव का बल्ला जमकर चलता है।
वैभव ने पांच नॉकआउट मैचों में चार अर्धशतक और एक शतक लगाया है। इस साल खेले गए पांच नॉकआउट मैचों में वैभव ने जिस निरंतरता के साथ रन बनाए हैं, वह एक सीनियर खिलाड़ी की परिपक्वता को दर्शाता है। इन पांच मैचों में उन्होंने चार अर्धशतक और एक शानदार शतक लगाया है। दिलचस्प बात यह है कि इन मैचों के दौरान तीन बार वैभव 90 से अधिक रन बनाने के बाद आउट हुए। आमतौर पर, खिलाड़ी शतक के करीब पहुंचने पर अपनी गति धीमी कर देते हैं और सिंगल्स व डबल्स के जरिए उस मुकाम तक पहुंचने की कोशिश करते हैं। हालांकि, वैभव का तरीका बिल्कुल अलग है; वह टीम के हित में आक्रामक बल्लेबाजी जारी रखते हैं और व्यक्तिगत शतक या रिकॉर्ड की चिंता नहीं करते। उनका यह निडर अंदाज विपक्षी टीम को परेशान करने के लिए काफी है।
श्रीलंका के खिलाफ ट्राई-सीरीज में धूम।
वैभव सूर्यवंशी के विस्फोटक फॉर्म का ताजा प्रदर्शन रविवार, 21 जून को देखने को मिला। श्रीलंका ए के खिलाफ ट्राई-सीरीज के फाइनल में वैभव ने श्रीलंकाई गेंदबाजी आक्रमण की धज्जियां उड़ा दीं। खिताबी मुकाबले में उन्होंने इतनी निडर बल्लेबाजी की कि स्टेडियम में मौजूद हर कोई खड़े होकर ताली बजाने पर मजबूर हो गया।

