सेलिब्रिटी क्रिकेट लीग का मुख्य मकसद पैसा कमाना नहीं है : मनोज तिवारी
नई दिल्ली, 6 जनवरी (आईएएनएस)। सेलिब्रिटी क्रिकेट लीग (सीसीएल) की शुरुआत 16 जनवरी से होने जा रही है। इसी बीच, मंगलवार को राजधानी दिल्ली में ‘भोजपुरी दबंग का स्पॉन्सरशिप मीट’ का सफल समापन हुआ। भोजपुरी दबंग सीसीएल का हिस्सा है। इस समिट के बारे में भाजपा सांसद मनोज तिवारी ने आईएएनएस से बातचीत में पूरी जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि सेलिब्रिटी क्रिकेट लीग में कुल आठ टीमें आती हैं, जिसमें हमारी भोजपुरी दबंग भी शामिल हैं। यह सेलिब्रिटी क्रिकेट लीग का 13वां सीजन है। जिसके ब्रान्ड एंबेसडर सलमान खान हैं।
मनोज तिवारी ने बताया कि अभी तक हम सीसीएल का एक भी मैच नहीं जीत पाए हैं। हालांकि, पिछली बार हम फाइनल में पहुंचने में सफल रहे थे। लेकिन, इस बार हमें पूरा भरोसा है कि हम जरूर जीतेंगे। हमारी टीम के खिलाड़ी मैदान में जीत दर्ज करने के लिए प्रैक्टिस में जुटे हुए हैं। हम लोग लगातार अभ्यास कर रहे हैं। हम सकारात्मक ऊर्जा से लबरेज हैं। हम तीन बार सेमीफाइनल में पहुंचने में सफल भी हुए थे।
भाजपा सांसद ने स्पष्ट किया कि सेलिब्रिटी क्रिकेट लीग का मुख्य मकसद पैसा कमाना नहीं है, बल्कि लोगों को खेल के प्रति जागरूक करना है। हमारा सीधा सा कहना है कि जब हम कलाकार होकर खेल सकते हैं, तो देश की आम जनता को खेल की दिशा में जरूर अपने कदम आगे बढ़ाने चाहिए। हमारे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश के युवाओं को खेल के प्रति प्रेरित करते हुए कहते हैं कि खेलेगा इंडिया तो खिलेगा इंडिया।
उन्होंने कहा कि 8 से 10 करोड़ रुपए स्पॉन्सरशिप से आएंगे, तो उतने खर्च भी होंगे। इसका मकसद यह भी है कि लोग एक-दूसरे की संस्कृति के बारे में जान सकें। उत्तर के लोग दक्षिण की संस्कृति के बारे में जान सकें और दक्षिण के लोग उत्तर की संस्कृति के बारे में जान सकें। इस तरह के क्रिकेट के आयोजन से हमें जो भी पैसा प्राप्त होता है, उसका हम जरूरतमंद लोगों के बीच में इस्तेमाल करते हैं। अभी तक इस लीग से प्राप्त होने वाले पैसे से सौ लोगों के इलाज में मदद कर चुके हैं। हम सामाजिक कल्याण के काम भी करते हैं। लोग सीसीएल का समर्थन करें, ताकि हम ज्यादा से ज्यादा संख्या में लोगों की मदद कर सकें।
उन्होंने जेएनयू में विवादित नारों को निंदनीय बताया और दावा किया कि दिल्ली दंगों में संलिप्त शरजील इमाम और उमर खालिद के संबंध आतंकवादियों से भी रहे हैं। दिल्ली के जिस इलाके में दंगे हुए थे, वो मेरे ही संसदीय क्षेत्र का हिस्सा है। इन दंगों में 53 निर्दोष लोगों की जानें चली गई थीं। यह पूरा मामला कोर्ट के संज्ञान में है। जो विद्यार्थियों का चोला ओढ़कर आतंकवादियों के पक्ष में अपनी आवाज उठाने का काम कर रहे हैं। ऐसे विद्यार्थियों को चिन्हित करके तत्काल उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए।
--आईएएनएस
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