बर्थडे स्पेशल: 'गॉड ऑफ फोर्थ इनिंग' के नाम से मशहूर रहे हैं वीवीएस लक्ष्मण
नई दिल्ली, 31 अक्टूबर (आईएएनएस)। वीवीएस लक्ष्मण को भारतीय क्रिकेट के बेहतरीन बल्लेबाजों में से एक माना जाता है। कलाई के जादूगर के रूप में मशहूर लक्ष्मण का टेस्ट क्रिकेट में बड़ा योगदान रहा है। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ उनका प्रदर्शन बेहद प्रभावशाली रहा है।
वीवीएस लक्ष्मण का जन्म 1 नवंबर 1974 को हैदराबाद में हुआ था। रविवार को वह अपना 52वां जन्मदिन मना रहे हैं। दाएं हाथ से बल्लेबाजी करने वाले लक्ष्मण तकनीकी रूप से बेहद मजबूत बल्लेबाज थे। सचिन, राहुल द्रविड़, गांगुली और सहवाग जैसे बल्लेबाजों की मौजूदगी के बावजूद जिस तरह उन्होंने टेस्ट टीम में अपनी जगह बनाई, वो उनकी क्षमता को प्रदर्शित करता है।
लक्ष्मण ने अपने करियर के दौरान ऐसे बल्लेबाज के रूप में पहचान बनाई, जिसने टेस्ट क्रिकेट में निचले क्रम के बल्लेबाजों के साथ खेलते हुए दमदार और प्रभावशाली प्रदर्शन किया और टीम को कई यादगार जीत दिलाई। इसी कारण उन्हें 'चौथी पारी का गॉड' भी कहा जाता है।
2001 में कोलकाता में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ खेली गई 281 रन की पारी, 2000 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सिडनी में 167 रन की पारी, 2003 में एडिलेड में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ खेली गई 148 रन की पारी, 2010 में श्रीलंका के खिलाफ कोलंबो में खेली गई 103 रन की पारी और 2004 में नेपियर में खेली गई 124 रन की पारी, उनकी यादगार पारियों में से है। इनमें से अधिकांश चौथी पारी में खेली गई पारियां हैं। इसके अलावा कई अर्धशतकीय मैच विजयी या मैच बचाने वाली पारियां लक्ष्मण के खाते में दर्ज हैं।
उनके करियर पर गौर करें तो लक्ष्मण ने नवंबर 1996 में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ टेस्ट से अपने अंतरराष्ट्रीय करियर की शुरुआत थी। वनडे फॉर्मेट में उनका डेब्यू 9 अप्रैल 1998 को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ हुआ था।
दाएं हाथ के बल्लेबाज लक्ष्मण ने भारत के लिए 134 टेस्ट मैचों की 225 पारियों में 17 शतक और 56 अर्धशतक लगाते हुए 8,781 रन बनाए। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 2001 में कोलकाता में बनाया उनका 281 का स्कोर कभी किसी भी भारतीय क्रिकेटर का टेस्ट में सबसे बड़ा स्कोर था।
इसके अलावा 86 वनडे की 83 पारियों में लक्ष्मण ने 6 शतक और 10 अर्धशतक लगाते हुए 2,338 रन बनाए। वीवीएस लक्ष्मण ने 18 अगस्त 2012 को इंटरनेशनल क्रिकेट से रिटायरमेंट की घोषणा की।
संन्यास के बाद लक्ष्मण कमेंट्री और आईपीएल में बतौर मेंटॉर सक्रिय रहे हैं। लक्ष्मण को 13 दिसंबर, 2021 को नेशनल क्रिकेट एकेडमी (एनसीए) में हेड ऑफ क्रिकेट बनाया गया था। वह इस पद पर अभी सक्रिय हैं। वह अंडर-19 और इंडिया ए टीम के कोच भी हैं। लक्ष्मण युवा क्रिकेटरों को निखारने के साथ ही सीनियर खिलाड़ियों की फॉर्म और फिटनेस को ठीक रखने में अहम भूमिका निभाते हैं।
एनसीए के हेड ऑफ क्रिकेट के अलावा लक्ष्मण कभी-कभी भारतीय टीम के हेड कोच की भूमिका में भी नजर आते हैं। उनकी कोचिंग में ही भारतीय टीम ने 2 बार एशियन गेम्स में गोल्ड मेडल जीता है। लक्ष्मण के मेंटर रहते सनराइजर्स हैदराबाद ने 2016 का आईपीएल खिताब जीता था।
लक्ष्मण को क्रिकेट में उनके योगदान के लिए 2011 में उन्हें पद्मश्री से सम्मानित किया गया था। लक्ष्मण को भविष्य में भारतीय क्रिकेट में किसी और भी बड़ी भूमिका में देखा जा सकता है।
--आईएएनएस
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