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खेल जगत में बड़ा विवाद! 20% रिश्वत न देने पर पैरा एथलीट्स का सिलेक्शन रोका, खिलाड़ियों ने की उच्चस्तरीय जांच की मांग

खेल जगत में बड़ा विवाद! 20% रिश्वत न देने पर पैरा एथलीट्स का सिलेक्शन रोका, खिलाड़ियों ने की उच्चस्तरीय जांच की मांग

पैरा एशियन गेम्स के लिए भारतीय टीम के चयन को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। देश के दो पैरा शूटरों ने चयन प्रक्रिया में कथित भ्रष्टाचार और अनियमितताओं के गंभीर आरोप लगाए हैं। एशिया रैंकिंग में शीर्ष खिलाड़ियों में शामिल आकाश और संदीप कुमार का दावा है कि उनसे मेडल मिलने पर सरकार की ओर से मिलने वाली पुरस्कार राशि का 20 फीसदी कमीशन देने की मांग की गई थी।शूटर्स के मुताबिक, कथित तौर पर कमीशन मांगने वालों में पैरालंपिक कमेटी ऑफ इंडिया (PCI) के कुछ अधिकारी और शूटिंग टेक्निकल कमेटी से जुड़े सदस्य शामिल थे। खिलाड़ियों ने क्वालिफाइंग स्कोर में कथित हेरफेर और चयन समिति में बदलाव किए जाने के आरोप भी लगाए हैं।खिलाड़ियों ने मामले की पूरी जांच कराने के लिए SAI के महानिदेशक से शिकायत की है।

इंटरनेशनल कोटा के इस्तेमाल में भी गड़बड़ी का आरोप

शूटर्स ने दावा किया कि भारत को मिले 15 इंटरनेशनल कोटा स्थानों में से दो का इस्तेमाल नहीं किया गया। आरोप है कि रैंकिंग में आगे आने वाले कुछ खिलाड़ियों ने कथित वित्तीय मांगों को मानने से इनकार किया, जिसके बाद इन कोटा स्थानों को सरेंडर कर दिया गया।खिलाड़ियों ने वाइल्ड कार्ड और कोटा स्थानों के आवंटन में भी सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि खिलाड़ियों की रैंकिंग और प्रदर्शन के बजाय कथित तौर पर वित्तीय आधार पर फैसले किए गए।हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है।

एशिया रैंकिंग में ऊपर होने के बावजूद चयन पर सवाल

P4 50 मीटर फ्री पिस्टल SH1 में एशिया रैंकिंग में तीसरे स्थान पर मौजूद संदीप कुमार ने चयन प्रक्रिया पर सवाल उठाया है।संदीप का दावा है कि उन्हें और आकाश को पीछे छोड़ते हुए एशिया रैंकिंग में 14वें स्थान पर मौजूद रुद्राक्ष खंडेलवाल को टीम में जगह दी गई। संदीप ने इसे चयन नियमों का उल्लंघन और खिलाड़ियों के साथ भेदभाव बताया है।उनका कहना है कि अगर चयन का आधार प्रदर्शन और रैंकिंग है, तो ऊंची रैंकिंग वाले खिलाड़ियों को नजरअंदाज करने की वजह स्पष्ट होनी चाहिए।

PCI अध्यक्ष ने आरोपों को किया खारिज

पैरालंपिक कमेटी ऑफ इंडिया के अध्यक्ष और दो बार के पैरालंपिक जैवलिन थ्रो गोल्ड मेडलिस्ट देवेंद्र झाझरिया ने खिलाड़ियों के आरोपों को खारिज किया है।उन्होंने कहा कि टीम का चयन तय मानकों और नियमों के अनुसार किया गया है। उनके मुताबिक, चयन प्रक्रिया में किसी खिलाड़ी के साथ भेदभाव नहीं हुआ।झाझरिया ने संदीप के उस आरोप को भी गलत बताया, जिसमें उन्होंने दावा किया था कि कोच से जुड़े किसी खिलाड़ी को फायदा पहुंचाने के लिए उन्हें टीम से बाहर किया गया।

खेल मंत्रालय बोला- शिकायतों पर गौर किया जाएगा

खेल मंत्रालय से जुड़े एक सूत्र के मुताबिक, पैरा-शूटर्स की ओर से उठाई गई वास्तविक शिकायतों पर गौर किया जाएगा। हालांकि, पैरा एशियन गेम्स के लिए भारतीय टीम का चयन अंतिम रूप से हो चुका है और इस स्तर पर टीम में बदलाव करना संभव नहीं माना जा रहा है।खिलाड़ियों ने संकेत दिया है कि अगर उनकी शिकायतों का समाधान नहीं हुआ तो वे संविधान के अनुच्छेद 226 के तहत हाईकोर्ट का रुख कर सकते हैं। उन्होंने मामले की कोर्ट की निगरानी में जांच की मांग करने की बात भी कही है।

पैरा साइक्लिंग में भी चयन को लेकर विवाद

पैरा शूटिंग के अलावा पैरा साइक्लिंग में भी भारतीय टीम के चयन को लेकर विवाद सामने आया है।नेशनल फेडरेशन की ओर से एशियन पैरा गेम्स के लिए सात खिलाड़ियों के नाम भेजे गए थे, लेकिन खेल मंत्रालय ने केवल अरशद शेख के नाम को मंजूरी दी है।टीम से बाहर किए गए खिलाड़ी प्रशांत अरकल, पवन कुमार कोम्मोजी, समीर, वासानी बाबूभाई, शश्रुति विनायक नकाडे और लीशा दास गुरुवार को SAI मुख्यालय पर प्रदर्शन की तैयारी कर रहे हैं।

'लेह में तैयारी कर रहे थे, नाम हटने की जानकारी नहीं थी'

रोड साइक्लिस्ट प्रशांत अरकल ने दावा किया कि वह एशियन पैरा गेम्स की तैयारी के लिए लेह में थे और उन्हें इस बात की जानकारी नहीं थी कि उनका नाम अंतिम टीम से हटा दिया गया है।उन्होंने यह भी कहा कि क्वालिफिकेशन हासिल करने और तैयारी के लिए खिलाड़ियों ने अपनी जेब से पैसा खर्च किया है। ऐसे में टीम से बाहर किए जाने को लेकर खिलाड़ियों में नाराजगी है।

SAI का जवाब- कोटा मिलना चयन की गारंटी नहीं

भारतीय खेल प्राधिकरण (SAI) के मुताबिक, पैरा साइक्लिंग में केवल अरशद शेख ने तय चयन मानदंड पूरे किए हैं।SAI के अनुसार, अरशद ने इस साल एशियन पैरा रोड चैंपियनशिप में नौ खिलाड़ियों के बीच चौथा स्थान हासिल किया था। वहीं ट्रैक चैंपियनशिप के 1 किलोमीटर टाइम ट्रायल में वह आठ खिलाड़ियों के बीच पांचवें स्थान पर रहे थे।SAI के एक अधिकारी ने स्पष्ट किया कि किसी प्रतियोगिता में कोटा हासिल कर लेना अपने आप टीम में चयन की गारंटी नहीं देता। टीम में जगह पाने के लिए खिलाड़ियों को निर्धारित प्रदर्शन मानकों को पूरा करना जरूरी होता है।

जापान में होंगे पैरा एशियन गेम्स

पांचवें पैरा एशियन गेम्स का आयोजन जापान के आइची-नागोया में होना है। भारतीय खिलाड़ियों के चयन को लेकर उठे विवाद के बीच अब सबकी नजर इस बात पर है कि शिकायतों की जांच किस स्तर पर होती है और क्या चयन प्रक्रिया को लेकर उठाए गए सवालों पर संबंधित संस्थाएं कोई विस्तृत जवाब देती हैं।

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