भक्ति शर्मा ने पैरा शूटिंग वर्ल्ड चैंपियनशिप 2026 में जीता ब्रॉन्ज और सिल्वर, पिता बोले- नतीजे मिलने पर कठिनाइयां भूल जाते हैं
नई दिल्ली, 15 सितंबर (आईएएनएस)। साउथ कोरिया के चांगवोन में हुई पैरा शूटिंग वर्ल्ड चैंपियनशिप 2026 में भारत की बेटी भक्ति शर्मा ने देश का नाम रोशन किया है। 10 मीटर एयर पिस्टल एसएच1 के व्यक्तिगत फाइनल मुकाबले में ब्रॉन्ज मेडल जीतने के साथ-साथ भक्ति ने टीम स्पर्धा में सिल्वर मेडल अपने नाम किया।
भक्ति ठीक से न बोल पाती हैं और ना ही सुन पाती हैं। इसके साथ ही उन्हें चलने में भी दिक्कत होती है, लेकिन इन शारीरिक चुनौतियों को उन्होंने अपने इस सफर में अब तक राह का रोड़ा नहीं बनने दिया है। भक्ति के पिता ने कहा कि आम बच्चों की तरह सक्षम न होने के चलते भक्ति को कई कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है, लेकिन जब नतीजे मिलते हैं, तो वो और उनकी बेटी इन सभी कठिनाइयों को भूल जाते हैं।
दिल्ली के विवेक विहार की रहने वालीं भक्ति के पिता ने 'आईएएनएस' के साथ खास बातचीत करते हुए बताया कि भक्ति बहु-विकलांगता से पीड़ित हैं। उन्होंने भक्ति के अब तक के सफर और ट्रेनिंग को लेकर कहा, "शुरुआत में हमने थोड़ी बहुत कोचिंग ली। अभी फिलहाल पैरालंपिक कमेटी ऑफ इंडिया के चेयरमैन जेपी नौटियाल वो भक्ति को कोचिंग देते हैं। उन्होंने भक्ति के साथ रहकर साइन सीखे और समझे और वो ही भक्ति को मैनेज करते हैं।" पिता ने बताया कि भक्ति एशियन गेम्स पैरालंपिक में हिस्सा लेने भी जाएंगी।
भक्ति के पिता योगेंद्र कुमार शर्मा ने शारीरिक चुनौतियों के चलते जिंदगी से हार मानने वाले सभी बच्चों को खास संदेश भी दिया। उन्होंने कहा, "हारना कभी नहीं चाहिए। हमेशा कोशिश जारी रखनी चाहिए। कोशिश करते-करते कभी ना कभी आप मुकाम हासिल कर लेंगे।" उन्होंने अपनी टीम, कोचों और सरकार का धन्यवाद भी किया। उन्होंने सरकार की तरह से मिलने वाली सहायता का जिक्र करते हुए कहा, "सरकार की तरफ से हमें काफी मदद मिलती है। ओजीक्यू हमें स्पॉन्सर करती है, तो उनका भी हम धन्यवाद करना चाहेंगे। सरकार ही हमें देश से बाहर ले जाने और वापस लेकर आने के इंतजाम करती है, तो हम उनका भी धन्यवाद करना चाहेंगे।
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