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बीएफआई महासचिव प्रमोद कुमार निलंबित, वित्तीय अनियमितताओं के आरोप

नई दिल्ली, 14 अक्टूबर (आईएएनएस)। बॉक्सिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया (बीएफआई) ने प्रमोद कुमार को महासचिव के पद से तत्काल प्रभाव के साथ निलंबित कर दिया है। उन पर 'अधिकारों का घोर दुरुपयोग और गलत इस्तेमाल, जांच प्रक्रिया में सहयोग न करना और उसमें सक्रिय रूप से बाधा डालना, और वित्तीय अनियमितताओं व गड़बड़ी के बिना स्पष्टीकरण वाले मामले' जैसे आरोप हैं।

नई दिल्ली, 14 अक्टूबर (आईएएनएस)। बॉक्सिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया (बीएफआई) ने प्रमोद कुमार को महासचिव के पद से तत्काल प्रभाव के साथ निलंबित कर दिया है। उन पर 'अधिकारों का घोर दुरुपयोग और गलत इस्तेमाल, जांच प्रक्रिया में सहयोग न करना और उसमें सक्रिय रूप से बाधा डालना, और वित्तीय अनियमितताओं व गड़बड़ी के बिना स्पष्टीकरण वाले मामले' जैसे आरोप हैं।

इससे पहले, कुमार ने अध्यक्ष अजय सिंह के खिलाफ 'भरोसा पूरी तरह खत्म होने और गवर्नेंस के बुरी तरह विफल होने' के आधार पर अविश्वास प्रस्ताव पेश किया था। बाद में, उन्होंने बीएफआई चीफ और एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर कर्नल अरुण मलिक पर सिंह के खिलाफ प्रस्तावित अविश्वास प्रस्ताव को रोकने के लिए आपराधिक धमकी देने का आरोप लगाया।

मंगलवार को जारी एक पत्र में, कुमार पर बीएफआई एलीट पुरुष और महिला ओपन बॉक्सिंग चैंपियनशिप 2026 को रद्द करने की जांच में सहयोग न करने का भी आरोप लगाया गया है। यह चैंपियनशिप हिमाचल प्रदेश के नाहन में 16 अगस्त से 23 अगस्त के बीच आयोजित होनी थी।

पत्र में लिखा है, "यह स्पष्ट है कि आप एक गंभीर मामले की जांच में सहयोग नहीं कर रहे हैं, जिसका असर बीएफआई द्वारा आयोजित कार्यक्रमों और उसकी प्रतिष्ठा पर पड़ सकता है। साथ ही, स्वतंत्र जांच को डराने और उसमें बाधा डालने के लिए गैर-कानूनी और दुर्भावनापूर्ण नोटिस जारी करना भी शामिल है।"

बीएफआई ने एक पत्र में कहा, "इसलिए, आपको बीएफआई संविधान के लागू प्रावधानों के अधीन, जांच पूरी होने तक या सक्षम अधिकारी द्वारा आदेश में बदलाव या उसे रद्द किए जाने तक, सेक्रेटरी जनरल के पद से तुरंत प्रभाव से अंतरिम रूप से सस्पेंड किया जाता है।"

आदेश में यह स्पष्ट किया गया कि सस्पेंशन अस्थायी है और "इसे आरोपों पर अंतिम फैसला नहीं माना जाएगा। यह एक अंतरिम सुरक्षा उपाय है और इसे आपके खिलाफ आरोपों पर अंतिम फैसला नहीं माना जाएगा। आरोपों की जांच लागू प्रक्रिया के अनुसार की जाएगी, और अंतरिम निलंबन बीएफआई संविधान के तहत निर्धारित सुरक्षा उपायों, सीमाओं और समीक्षा की शर्तों के अधीन रहेगा।"

निलंबन की अवधि के दौरान कुमार को बीएफआई के महासचिव के तौर पर कोई भी काम करने, शक्तियों का इस्तेमाल करने या कर्तव्यों का पालन करने से रोक दिया गया है।

उन्हें बीएफआई के नाम पर कोई भी पत्र-व्यवहार, नोटिस, निर्देश या आदेश जारी करने से भी रोका गया है। साथ ही, उन्हें जांच समिति की कार्यवाही में सीधे या अप्रत्यक्ष रूप से दखल देने या जांच से जुड़े किसी भी गवाह, अधिकारी या अन्य व्यक्ति को प्रभावित करने की कोशिश करने से भी मना किया गया है।

उन्हें जांच समिति के साथ पूरा सहयोग करना होगा और चल रही जांच के सिलसिले में मांगे गए सभी दस्तावेज, रिकॉर्ड, स्पष्टीकरण और जानकारी उपलब्ध करानी होगी।

पत्र में कहा गया है, "निलंबन के इस आदेश का उल्लंघन करने, जांच में बाधा डालने, बीएफआई के अधिकार का गलत इस्तेमाल करने या इसकी कार्यवाही में दखल देने की किसी भी कोशिश को गंभीरता से लिया जाएगा और बीएफआई संविधान तथा लागू नियमों और विनियमों के अनुसार आगे अनुशासनात्मक कार्रवाई की जा सकती है।"

--आईएएनएस

आरएसजी

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