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एसोसिएट टीमें 'फुल मेंबर' देशों के खिलाफ अधिक प्रतिस्पर्धी होती जा रही हैं: मैक्सवेल

नई दिल्ली, 2 जुलाई (आईएएनएस)। ऑस्ट्रेलियाई ऑलराउंडर ग्लेन मैक्सवेल के मुताबिक, क्रिकेट की दिग्गज टीमों और उभरते हुए देशों के बीच का अंतर तेजी से कम हो रहा है। मैक्सवेल ने कहा है कि अमेरिका टी20 वर्ल्ड कप में भारत को शिक्सत देने के करीब पहुंच गया था और यूरोपियन टी20 प्रीमियर लीग (ईटीपीएल) उभरती हुई टीमों के आगे बढ़ने की रफ्तार को और तेज कर सकती है।

नई दिल्ली, 2 जुलाई (आईएएनएस)। ऑस्ट्रेलियाई ऑलराउंडर ग्लेन मैक्सवेल के मुताबिक, क्रिकेट की दिग्गज टीमों और उभरते हुए देशों के बीच का अंतर तेजी से कम हो रहा है। मैक्सवेल ने कहा है कि अमेरिका टी20 वर्ल्ड कप में भारत को शिक्सत देने के करीब पहुंच गया था और यूरोपियन टी20 प्रीमियर लीग (ईटीपीएल) उभरती हुई टीमों के आगे बढ़ने की रफ्तार को और तेज कर सकती है।

गुरुवार को ईटीपीएल 2026 प्लेयर ड्राफ्ट के बाद बेलफास्ट वुल्व्स के सह-मालिक और कप्तान ने कहा कि फ्रेंचाइजी लीग एसोसिएट देशों को दुनिया की सर्वश्रेष्ठ टीमों को लगातार चुनौती देने के लिए जरूरी अनुभव और मंच प्रदान करती हैं।

आयरलैंड ने हाल ही में भारत के खिलाफ टी20 सीरीज में 2-0 से क्लीन स्वीप किया था। जब मैक्सवेल ने पूछा गया कि क्या 'ईटीपीएल' यूरोपीय खिलाड़ियों को एक मजबूत प्रतिस्पर्धी मंच देकर इस तरह के और भी ज्यादा नतीजे लाने में मदद कर सकता है, तो पूर्व ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ी ने 'सकारात्मक' जवाब दिया।

ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ी ने टी20 वर्ल्ड कप में भारत के विरुद्ध यूएसए के प्रदर्शन का उदाहरण दिया। उनका मानना है कि उभरती हुई टीमें पहले से ही खेल की दिग्गज टीमों को चुनौती देने में सक्षम हैं।

गुरुवार को ईटीपीएल 2026 प्लेयर ड्राफ्ट के बाद मीडिया से बातचीत के दौरान 'आईएएनएस' के सवाल का जवाब देते हुए मैक्सवेल ने कहा, "हां, मुझे लगता है कि आपको बस यूएस जैसी टीम को देखना चाहिए। जिस तरह से वे बतौर टीम आगे बढ़े हैं और पिछले टी20 वर्ल्ड कप में खेले हैं... मेरा मतलब है, भारत में हुए पिछले टी20 वर्ल्ड कप में। जिस तरह से उन्होंने दूसरी टीमों को कड़ी टक्कर दी। अगर उन्होंने शायद स्काई (सूर्यकुमार यादव) का कैच पकड़ लिया होता, तो वे वहां भारत को हरा भी सकते थे।"

मैक्सवेल ने कहा कि क्रिकेट के उभरते हुए देश तेजी से सुधार कर रहे हैं, उन्होंने यूरोप के क्रिकेट विकास में ईटीपीएल की अहम भूमिका का समर्थन करते हुए कहा, "उम्मीद है कि ईटीपीएल के साथ भी ऐसा ही होगा। इन देशों में विकास का काम काफी तेजी से हो सकता है। इससे क्रिकेट की अगली पीढ़ी को प्रेरणा मिलेगी।"

हालांकि, मैक्सवेल ने स्वीकारा है कि एक टिकाऊ क्रिकेट संस्कृति बनाने में समय लगता है, लेकिन मैक्सवेल ने कहा कि हाल के आईसीसी टूर्नामेंट्स ने पहले ही दिखा दिया है कि एसोसिएट देश 'फुल मेंबर' देशों के खिलाफ अधिक प्रतिस्पर्धी होते जा रहे हैं। उन्होंने कहा, "इसमें थोड़ा ज्यादा समय लग सकता है, लेकिन हमने हाल ही में टी20 वर्ल्ड कप के दौरान देखा है, जिसमें कई अलग-अलग देशों ने हिस्सा लिया, यह सब काफी तेजी से हो सकता है।"

मैक्सवेल का मानना है कि अनुभवी अंतरराष्ट्रीय टीमों के विरुद्ध खेलने के नियमित मौकों से उभरती हुई टीमों को अपनी प्रगति जारी रखने में मदद मिलेगी। ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ी ने कहा, "उभरती हुई टीमें इन दिग्गज टीमों के खिलाफ खेलने का मौका पाती हैं, जिनके पास बहुत ज्यादा अनुभव है। मुझे लगता है कि वर्ल्ड कप का अनुभव भी काफी ज्यादा है। वे उन्हें कड़ी टक्कर दे पाती हैं और अलग-अलग मौकों पर उन्हें चुनौती भी देती हैं।"

मैक्सवेल ने अपनी बात खत्म करते हुए कहा कि ईटीपीएल की सफलता यह पक्का कर सकती है कि यूरोपीय टीमें दुनिया के प्रमुख क्रिकेट देशों के साथ अपने फासले को कम करती रहें। उन्होंने कहा, "मुझे लगता है कि ईटीपीएल की सफलता के साथ हम भविष्य में यही देखेंगे।"

--आईएएनएस

आरएसजी

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