Asian Games Hockey: भारतीय पुरुषों की हॉकी टीम ने लहराया तिरंगा! 5वीं बार गोल्ड मेडल जीतकर रचा नया इतिहास
एशियन गेम्स 2026 में भारतीय पुरुष हॉकी टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए इतिहास रच दिया है। गोल्ड मेडल के लिए खेले गए फाइनल मुकाबले में भारत ने मलेशिया को 5-1 से हराकर स्वर्ण पदक अपने नाम कर लिया। इस जीत के साथ भारत ने एशियन गेम्स में पुरुष हॉकी का अपना खिताब बरकरार रखा है।भारत ने इससे पहले 2022 एशियन गेम्स में भी गोल्ड मेडल जीता था। अब 2026 में दोबारा चैंपियन बनकर भारतीय टीम ने पहली बार लगातार दो एशियन गेम्स में पुरुष हॉकी का गोल्ड जीता है। यह एशियन गेम्स के इतिहास में भारत का पुरुष हॉकी में पांचवां स्वर्ण पदक है।
फाइनल में भारत का दबदबा
भारत और मलेशिया के बीच फाइनल की शुरुआत काफी कड़ी टक्कर के साथ हुई। शुरुआती क्वार्टर में दोनों टीमों ने एक-दूसरे पर दबाव बनाने की कोशिश की और मुकाबला बराबरी पर रहा।
लेकिन जैसे-जैसे मैच आगे बढ़ा, भारतीय टीम ने अपनी पकड़ मजबूत कर ली। भारत ने लगातार आक्रमण किए और मलेशियाई डिफेंस पर दबाव बनाया। दूसरे हाफ में भारतीय खिलाड़ियों ने मैच को पूरी तरह अपने नियंत्रण में ले लिया और गोल पर गोल दागते हुए स्कोर 5-1 तक पहुंचा दिया।
हरमनप्रीत सिंह ने दागे दो गोल
भारतीय कप्तान हरमनप्रीत सिंह ने एक बार फिर टीम की जीत में अहम भूमिका निभाई। उन्होंने फाइनल में दो गोल किए और पेनल्टी कॉर्नर का शानदार इस्तेमाल किया।
हरमनप्रीत ने मुकाबले में भारत के लिए गोल करने की शुरुआत की। इसके बाद जुगराज सिंह, हार्दिक सिंह और शिलानंद लाकड़ा ने भी गोल किए। इस तरह भारत ने कुल पांच गोल करके मलेशिया को मुकाबले में वापसी का ज्यादा मौका नहीं दिया।
मलेशिया की ओर से सिर्फ एक गोल
मलेशियाई टीम ने भी शुरुआत में भारत को चुनौती दी और एक गोल करने में सफल रही। मलेशिया की ओर से शेलो सिल्वेरियस ने गोल किया।
हालांकि इसके बाद भारतीय डिफेंस ने मलेशिया को लगातार दबाव में रखा। भारत ने पेनल्टी कॉर्नर के जरिए भी कई मौके बनाए और मलेशियाई टीम पर दबाव बढ़ता गया।
ओलंपिक 2028 का टिकट भी पक्का
भारत की इस जीत का महत्व सिर्फ एशियन गेम्स के गोल्ड मेडल तक सीमित नहीं है। पुरुष हॉकी में एशियन गेम्स का चैंपियन बनने के कारण भारतीय टीम ने 2028 लॉस एंजेलिस ओलंपिक के लिए सीधे क्वालीफाई कर लिया है।
यानी भारतीय पुरुष हॉकी टीम को अब ओलंपिक में जगह बनाने के लिए अलग क्वालीफाइंग टूर्नामेंट खेलने की जरूरत नहीं होगी।
भारत ने रचा नया इतिहास
इस जीत के साथ भारतीय पुरुष हॉकी टीम ने एशियन गेम्स में लगातार दूसरी बार गोल्ड मेडल जीता है। इससे पहले भारत लगातार दो एशियन गेम्स में पुरुष हॉकी का खिताब बरकरार नहीं रख पाया था।
2026 में मिली इस जीत ने भारतीय हॉकी के लिए एक नया रिकॉर्ड कायम कर दिया है। इससे पहले भारत, पाकिस्तान और दक्षिण कोरिया जैसी टीमें एशियन गेम्स में पुरुष हॉकी का खिताब जीतती रही हैं, लेकिन भारत ने अब लगातार दो संस्करणों में चैंपियन बनकर एक नया अध्याय जोड़ दिया है।
महिला टीम के बाद पुरुष टीम ने भी जीता गोल्ड
एशियन गेम्स 2026 में भारतीय हॉकी के लिए यह उपलब्धि और भी खास है, क्योंकि भारतीय महिला हॉकी टीम ने भी गोल्ड मेडल जीता है। इस तरह एक ही एशियन गेम्स में भारत की महिला और पुरुष दोनों हॉकी टीमों ने स्वर्ण पदक अपने नाम किया है। महिला टीम ने चीन को हराकर 44 साल बाद एशियन गेम्स में गोल्ड जीता था।
भारत के पुरुष खिलाड़ियों ने अब मलेशिया को 5-1 से हराकर हॉकी में गोल्ड की यह कहानी पूरी कर दी है। फाइनल की जीत के साथ टीम ने न सिर्फ अपना एशियन गेम्स खिताब बचाया, बल्कि लॉस एंजेलिस ओलंपिक का टिकट भी पक्का कर लिया।

