एशियन चैंपियंस ट्रॉफी: भारतीय हॉकी टीम की खिताबी जीत में पंजाब ने छोड़ी गहरी छाप
नई दिल्ली, 6 नवंबर (आईएएनएस)। मुख्यमंत्री भगवंत मान द्वारा पंजाब के लिए देखे गए सपने को सच करते हुए भारतीय हॉकी के इतिहास में एक स्वर्णिम अध्याय जुड़ गया है।
भारत के विश्व कप विजेता और ओलंपियन हॉकी सितारों के साथ-साथ विदेशों से आए दिग्गजों की मौजूदगी में 'हीरो एशियन चैंपियंस ट्रॉफी पंजाब 2026' का समापन शानदार अंदाज में हुआ। भारत ने गुरुवार को खेले गए रोमांचक फाइनल में जापान को 4-1 से हराकर ट्रॉफी अपने नाम की। इस दौरान पंजाब के दो ऐतिहासिक स्टेडियमों (मोहाली स्थित 'ओलंपियन बलबीर सिंह सीनियर हॉकी स्टेडियम' और जालंधर स्थित 'ओलंपियन सुरजीत हॉकी स्टेडियम') ने दुनिया भर में लोगों का दिल जीत लिया।
पूरे टूर्नामेंट में भारत अजेय रहा। टीम ने अपने सभी 7 मैच जीते, जालंधर में लीग चरण के 5 मैच, और मोहाली में सेमीफाइनल और फाइनल। इसके साथ ही भारत ने अपना छठा खिताब जीतकर रिकॉर्ड को और आगे बढ़ाया, और 2023 व 2024 की जीत के बाद लगातार तीसरी बार खिताब अपने नाम किया। वहीं, ब्रॉन्ज मेडल के मुकाबले में, मलेशिया ने साउथ कोरिया को 5-2 से शिकस्त देकर तीसरा स्थान हासिल किया।
भारतीय कप्तान हरमनप्रीत सिंह को 'बेस्ट प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट' चुना गया और 10 गोल के साथ वे 'टॉप स्कोरर' भी रहे। टूर्नामेंट में उनके 10वें गोल के साथ, उनके सीनियर इंटरनेशनल गोल की कुल संख्या 250 के अहम पड़ाव पर पहुंच गई।
गोलकीपर कृष्ण बहादुर पाठक को 'टूर्नामेंट का सर्वश्रेष्ठ गोलकीपर' घोषित किया गया। अहम मौकों पर उनके शानदार बचाव, खासकर मलेशिया और साउथ कोरिया के खिलाफ लीग मैचों में पेनाल्टी कॉर्नर के दौरान, उन्होंने भारत को पूरे टूर्नामेंट में अजेय बनाए रखा।
पंजाब में भारत की यह जीत सिर्फ एक खिताब नहीं है, बल्कि एक संदेश है कि हरमनप्रीत सिंह के नेतृत्व और कृष्ण बहादुर पाठक की मजबूत सुरक्षा वाली भारतीय हॉकी टीम, एशिया में शीर्ष पर है और 2028 लॉस एंजिल्स ओलंपिक के लिए पूरी तरह तैयार है।
मोहाली स्थित 'ओलंपियन बलबीर सिंह सीनियर हॉकी स्टेडियम' ने अपने पहले ही इंटरनेशनल टूर्नामेंट के साथ ग्लोबल स्पोर्ट्स मंच पर धमाकेदार शुरुआत की।
खचाखच भरे स्टेडियम, शानदार माहौल, विश्व स्तरीय सुविधाएं और सेमीफाइनल, ब्रॉन्ज मेडल मैच और फाइनल के बेहतरीन आयोजन ने मोहाली को पूरे एशिया की टीमों, अधिकारियों और प्रशंसकों से खूब तारीफ दिलाई।
जालंधर के 'ओलंपियन सुरजीत हॉकी स्टेडियम' में लीग चरण के मुकाबले खेले गए, जिसने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर काफी ध्यान खींचा और तारीफ बटोरी। बांग्लादेश के खिलाफ भारत की 13-0 की शानदार जीत से लेकर मलेशिया के खिलाफ 4-2 के रोमांचक मुकाबले तक, जालंधर में हर शाम स्टेडियम दर्शकों से भरा रहा और फैंस का जबरदस्त जोश देखने को मिला।
जालंधर और मोहाली ने मिलकर यह साबित कर दिया है कि पंजाब न केवल भारतीय हॉकी की नर्सरी है, बल्कि यह विश्व हॉकी के सबसे बड़े आयोजनों की मेजबानी करने के लिए भी तैयार है। वर्ल्ड कप 2030 की मेजबानी के दावे को और मजबूत करते हुए, पंजाब ने अपनी क्षमता साबित कर दी है।
--आईएएनएस
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