अक्षर को देखकर धीमी गति से गेंदबाजी करने की योजना पर अमल किया: नमन धीर
लखनऊ, 7 अक्टूबर (आईएएनएस)। भारतीय खिलाड़ी नमन धीर ने कहा कि टी20 इंटरनेशनल डेब्यू में उनका शानदार प्रदर्शन (3-31) कोई तुक्का नहीं था। उन्होंने बताया कि आईपीएल में कम मौके मिलने के बावजूद वे लंबे समय से लगातार गेंदबाजी कर रहे हैं। इकाना स्टेडियम की पिच पर अक्षर पटेल को धीमी गति से गेंदबाजी करते और टर्न पाते देखने के बाद उन्होंने बस पिच की ग्रिप का फायदा उठाने के लिए एक आसान सी योजना पर अमल किया।
नमन धीर का डेब्यू शानदार रहा। उन्होंने बेहतरीन गेंदबाजी करते हुए 31 रन देकर 3 बड़े विकेट अपने नाम किए। वहीं, कुलदीप यादव ने 33 रन देकर 2 विकेट लिए। टॉस जीतने के बाद भारत ने पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया और वेस्टइंडीज को 171 रन पर रोक दिया। जवाब में भारत का स्कोर चार ओवर में 35/2 हो गया था, लेकिन फिर कप्तान श्रेयस अय्यर ने पारी को संभाला। उन्होंने सिर्फ 42 गेंदों में नाबाद 100 रन बनाए और ईशान किशन (37) के साथ मिलकर टीम को मुश्किल से निकाला, और फिर शानदार अंदाज में टीम को 8 विकेट से जीत दिलाई।
मैच के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में धीर ने कहा, "मैं काफी समय से गेंदबाजी कर रहा हूं। ऐसा नहीं है कि मैंने अभी-अभी शुरुआत की है। आईपीएल में 'इम्पैक्ट प्लेयर' नियम की वजह से मुझे ज्यादा गेंदबाज़ी करते हुए नहीं देखा जाता। हालांकि, ऐसा नहीं है कि मैंने गेंदबाजी नहीं की है। मैंने बहुत गेंदबाजी की है और मुझे यहां का अच्छा अनुभव भी है। उम्मीद है कि मैं भविष्य में भी अच्छा प्रदर्शन करता रहूंगा।"
27 अक्टूबर को अपना वनडे डेब्यू करने के कुछ ही दिनों बाद नमन धीर को क्रिकेट के सबसे छोटे फॉर्मेट में भी टीम इंडिया की जर्सी में खेलने का मौका मिला। वह इस मौके को भुनाने में सफल रहे। भले ही उन्हें बल्ले से मौका नहीं मिला, लेकिन उन्होंने गेंदबाजी से जरूर छाप छोड़ी।नमन टी20 इंटरनेशनल डेब्यू पर तीन विकेट लेने वाले तीसरे भारतीय स्पिनर बन गए हैं।
उन्होंने कहा कि उनके अच्छे प्रदर्शन का राज एक आसान सी योजना पर टिके रहना था। उन्होंने देखा था कि अक्षर पटेल पिच पर धीमी गति से गेंदबाजी करके टर्न हासिल कर रहे थे। नमन ने कहा, “मैंने अक्षर पटेल को पहले बॉलिंग करते देखा था, और वे थोड़ी धीमी बॉलिंग कर रहे थे और उन्हें थोड़ा टर्न भी मिल रहा था। मेरे दिमाग में यही बात थी - अगर मैं थोड़ी धीमी बॉलिंग करूं, तो विकेट से अच्छी ग्रिप मिलेगी और मैं उन्हें आउट कर पाऊंगा। इसी कारण मैं बस अपनी योजना पर टिका रहा और चीजों को आसान रखा। मुझे लगता है कि इसका अच्छा नतीजा मिला।"
25 साल के धीर, जिन्हें आईपीएल में मुख्य रूप से बैटिंग ऑल-राउंडर के तौर पर इस्तेमाल किया गया है, ने इस बात पर ज़ोर दिया कि उनके खेल के विकास में बॉलिंग कभी भी गौण नहीं रही है। उन्होंने कहा, "मैं फिर से कहूंगा कि भले ही आपने मुझे बॉलिंग करते न देखा हो, लेकिन यहां आने के बाद से मैं उतनी ही बॉलिंग कर रहा हूं और इससे पहले भी मैंने उतनी ही प्रैक्टिस की है। ऐसा नहीं है कि बैटिंग ऑलराउंडर या बॉलिंग ऑलराउंडर के तौर पर मैंने किसी एक पहलू को नजरअंदाज किया है। हां, मेरी बैटिंग एक प्लस प्वाइंट है, लेकिन साथ ही मैं अपनी बॉलिंग पर भी उतनी ही मेहनत कर रहा हूं।"
धीर ने यह भी बताया कि चार ओवर का स्पेल उनके लिए कोई नई बात नहीं थी, भले ही आईपीएल में इम्पैक्ट प्लेयर नियम की वजह से उन्हें बॉलिंग के कम मौके मिले हों।“चाहे मुझे चार ओवर करने हों, दो ओवर या फिर वनडे क्रिकेट में छह या सात ओवर, यह मेरे लिए सामान्य बात है। मुझे बस अपनी योजनाओं पर ध्यान देना होता है और उन्हें सही ढंग से लागू करने की कोशिश करनी होती है।"
उन्हें अहम सफलता तब मिली जब वेस्टइंडीज की टीम 44/3 के स्कोर से उबर चुकी थी। कप्तान शाई होप ने 52 और शेरफेन रदरफोर्ड ने 56 रन बनाए थे। धीर ने होप को उनके 13वें टी20 अर्धशतक के तुरंत बाद आउट किया और फिर रोमारियो शेफर्ड और शमार स्प्रिंगर को भी पवेलियन भेजा।
डेब्यू मैच में अपने पहले विकेट के बारे में पूछे जाने पर धीर ने कहा कि यह उपलब्धि मायने रखती है, लेकिन योजना को सही ढंग से लागू करना ही उनकी प्राथमिकता रही। उन्होंने कहा, "जाहिर है कि जब आपको अपना पहला विकेट मिलता है, तो यह आपके लिए एक उपलब्धि होती है, लेकिन साथ ही मैं अपनी योजनाओं पर अमल करने की कोशिश कर रहा था। उस विकेट के लिए सोच यह थी कि हम थोड़ी धीमी गेंदबाजी कर सकते हैं, क्योंकि पिच से थोड़ी मदद मिल रही थी।"
नमन धीर ने उस भावुक पल को भी याद किया जब उन्हें पहली बार पता चला कि उन्हें भारतीय टीम में चुना गया है, जब वह रणजी ट्रॉफी कैंप में थे। धीर ने कहा, "जाहिर है कि जब मुझे कॉल आया तो बहुत अच्छा लगा। मैं पीसीए में रणजी ट्रॉफी कैंप में था। हमारा टूर्नामेंट अभी-अभी खत्म हुआ था और यह मेरे और हमारी टीम के लिए बहुत अच्छा रहा था। यह एक अविश्वसनीय एहसास था। मैं अपने दोस्तों के साथ था, इसलिए मैंने तुरंत अपने पिता को फोन किया। वह भावुक हो गए और मैं भी थोड़ा भावुक हो गया। हर बच्चे का एक सपना होता है। इसलिए, अगर आप अपने देश का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं और टीम में आपका नाम शामिल किया गया है, तो यह बहुत बड़ी बात है, खासकर मेरे लिए क्योंकि मैं एक छोटे से शहर से आता हूं।"
--आईएएनएस
एसएम/पीएम

