'ऐसे पल थे जब इंग्लैंड की कमजोरी का फायदा उठा सकते थे', बैजबॉल दौर के उतार-चढ़ाव पर हेनरी का बयान
नई दिल्ली, 29 अगस्त (आईएएनएस)। न्यूजीलैंड ने इसी साल जून में इंग्लैंड के खिलाफ उसी की सरजमीं पर 2-1 से जीत हासिल की। कीवी टीम के तेज गेंदबाज मैट हेनरी ने बताया है कि उन्हें ऐसे पल मिल गए थे जब मेजबान टीम की कमजोरियों का फायदा उठाया जा सकता था।
इंग्लैंड ने सीरीज का पहला मैच 115 रन से अपने नाम किया, जिसके बाद न्यूजीलैंड ने शानदार वापसी करते हुए दूसरा टेस्ट 253 और तीसरा मुकाबला 160 रन से अपने नाम किया। इस सीरीज में हार के साथ इंग्लैंड के आक्रामक खेल के दौर का अंत हो गया, जिसके कारण ब्रेंडन मैकुलम को टेस्ट टीम के हेड कोच का पद छोड़ना पड़ा और दिग्गज ऑलराउंडर बेन स्टोक्स ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास ले लिया।
मैट हेनरी ने 'विजडन' के पॉडकास्ट 'द स्कूप' पर कहा, "सच कहूं तो, उन्होंने कुछ बहुत अच्छा प्रदर्शन किया। वे हमें दबाव में डालते थे और खेल को तेजी से आगे बढ़ाते थे, ऐसी चीजें जो शायद हर कोई करने की कोशिश कर रहा था। उन्होंने इसे बहुत बड़े पैमाने पर किया, जिसकी वजह से जाहिर है कि उनकी काफी आलोचना भी हुई। मुझे लगता है कि यही फर्क है; यहां की मीडिया और दबाव हमारे देश के मुकाबले बहुत अलग है।"
मैट हेनरी ने इस सीरीज में 2 मैच खेले, जिसमें कुल 57.1 ओवर फेंकते हुए 13.33 की औसत से 12 विकेट हासिल किए। वह इस सीरीज में सर्वाधिक विकेट हासिल करने वाले गेंदबाजों की सूची में दूसरे पायदान पर रहे।
उन्होंने कहा, "हालांकि, मुझे लगता है कि खेल को आगे बढ़ाने के मामले में इंग्लैंड ने जो हासिल किया, वह वाकई बहुत अच्छा था। जाहिर है, दूसरी तरफ ऐसे पल भी थे जब आप उनकी कमजोरी का फायदा उठा सकते थे और ऐसा ही हुआ।"
हेनरी ने आगे बताया कि कैसे इंग्लैंड की आक्रामक रणनीति ने पारंपरिक बॉलिंग प्लान को बिगाड़ दिया और विरोधी टीमों को खुद को बदलने पर मजबूर किया। उन्होंने कहा, "हालांकि, मुझे लगता है कि आप क्रिकेट मैच जीतने के इरादे से मैदान पर उतरते हैं, और हर टीम इसे अपने हिसाब से सबसे अच्छे तरीके से करने की कोशिश करती है। हमारे लिए, हमें पता था कि 'ठीक है, वे खेल को इस दिशा में ले जाने वाले हैं। हम इसे वापस अपने क्रिकेट के अंदाज में कैसे लाएं?' इसने हमारी टीम के सामने अलग-अलग चुनौतियां रखीं, और यहीं पर आपको अपने खेल को लेकर अधिक मजबूत बनने के लिए अपना ध्यान और ऊर्जा लगानी पड़ती थी, क्योंकि वे हमेशा आपको आपके खेल से भटकाने की कोशिश करते थे।"
उन्होंने कहा, "जब आप नई गेंद लेकर दौड़ते हैं और कोई बल्लेबाज आपकी तरफ तेजी से बढ़कर आपके सिर के ऊपर से शॉट मारने की कोशिश करता है, तो यह हमेशा एक चुनौती होती है; और आप तो ऐसा बिल्कुल नहीं चाहते, है ना? आप चाहते हैं कि बल्लेबाज क्रीज में फंसा रहे और हिलता-डुलता रहे, और अचानक वे आपसे कहते हैं, 'अरे, एक कैचर हटा लो।' फिर वे सामान्य हो जाते हैं और गेंद बल्ले के किनारे (निक) से लगकर निकल जाती है, और वहां कोई कैचर नहीं होता। तो इसमें ऐसी बहुत सी चीजें थीं जिन्होंने आपको चुनौती दी।"
--आईएएनएस
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