Samachar Nama
×

अगरकर के जाने के बाद भी मौका नहीं, क्या मोहम्मद शमी के लिए टीम इंडिया में वापसी के रास्ते अब बंद हो चुके हैं?

नई दिल्ली, 17 अक्टूबर (आईएएनएस)। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड की चयन समिति ने शुक्रवार को न्यूजीलैंड के खिलाफ 5 वनडे और 2 टेस्ट मैचों की सीरीज के लिए भारतीय टीम की घोषणा कर दी। अनुभवी तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी को एक बार फिर से नजरअंदाज किया गया है।

नई दिल्ली, 17 अक्टूबर (आईएएनएस)। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड की चयन समिति ने शुक्रवार को न्यूजीलैंड के खिलाफ 5 वनडे और 2 टेस्ट मैचों की सीरीज के लिए भारतीय टीम की घोषणा कर दी। अनुभवी तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी को एक बार फिर से नजरअंदाज किया गया है।

अजीत अगरकर का मुख्य चयनकर्ता के रूप में कार्यकाल समाप्त होने के बाद प्रज्ञान ओझा को अंतरिम मुख्य चयनकर्ता बनाया गया था। प्रज्ञान ने अंतरिम मुख्य चयनकर्ता के रूप में न्यूजीलैंड टी20 सीरीज के लिए अपनी पहली टीम को मंजूरी दी। इस टीम में सबसे चौंकाने वाला नाम भुवनेश्वर कुमार का था।

36 साल के भुवनेश्वर कुमार की 4 साल बाद टीम इंडिया में वापसी हुई थी। उन्हें वेस्टइंडीज के खिलाफ पांचवें टी20 के लिए भी इंजर्ड अर्शदीप की जगह टीम इंडिया में शामिल कर लिया गया है और वह संभवत: प्लेइंग इलेवन का हिस्सा होंगे।

भुवनेश्वर कुमार की वापसी ने अनुभवी तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी की टीम इंडिया में वापसी की उम्मीद जगाई थी। शमी 9 मार्च 2025 (चैंपियंस ट्रॉफी फाइनल) के बाद से भारतीय टीम का हिस्सा नहीं हैं। इस दौरान उन्होंने घरेलू क्रिकेट में हर फॉर्मेट खेला और बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए अपनी फॉर्म और फिटनेस का सबूत दिया। वह अभी भी रणजी ट्रॉफी खेल रहे हैं। फॉर्म और फिटनेस के बावजूद अजीत अगरकर की अध्यक्षता वाली चयन समिति ने शमी को हमेशा नजरअंदाज किया। इस दौरान भुवनेश्वर कुमार के साथ भी ऐसा ही हुआ। फॉर्म और फिटनेस के बावजूद वह टीम इंडिया से बाहर रहे।

अजीत अगरकर का मुख्य चयनकर्ता के रूप में कार्यकाल समाप्त होने के बाद प्रज्ञान अंतरिम मुख्य चयनकर्ता बने और उनकी पहली टीम में ही भुवनेश्वर कुमार थे। इसके बाद शमी का न्यूजीलैंड वनडे सीरीज के लिए भारतीय टीम में वापसी की संभावना बढ़ गई, खासकर जसप्रीत बुमराह की अनुपस्थिति में उनका चयन तय माना जाने लगा। लेकिन, शुक्रवार को जब न्यूजीलैंड के खिलाफ वनडे और टेस्ट सीरीज के लिए टीम इंडिया की घोषणा हुई, तो शमी का नाम फिर नदारद था। शमी ने जून 2023 के बाद कोई टेस्ट नहीं खेला है।

मोहम्मद शमी का नाम एक बार फिर नजरअंदाज किया जाना। कहीं न कहीं इस बात का सबूत है कि चयनकर्ता उनसे आगे बढ़ चुके हैं और उन्हें अगले वनडे विश्व कप के संभावितों के रूप में नहीं देख रहे हैं।

इंजर्ड प्रसिद्ध कृष्णा टीम में हैं, युवा अंशुल कंबोज, यश ठाकुर, और औकिब नबी को टीम में चुना गया है। इन गेंदबाजों का प्रदर्शन ऐसा नहीं रहा कि इन्हें शमी पर प्राथमिकता दी जाए। इन्हें अनुभव की जरूरत है, वो समय के साथ आएगा। विश्व कप 2027 में करीब 1 साल का समय बचा है। यह जानते हुए भी वनडे फॉर्मेट में गेंदबाजों का चयन जिस भी रणनीति के तहत किया गया है, वो निराशाजनक है, कमजोर है। इस लाइन अप में सिराज हैं और बुमराह आ जाएंगे, लेकिन शमी की कमी कोई गेंदबाज पूरी नहीं कर सकता।

शमी क्या कर सकते हैं, वो हम विश्व कप 2023 में देख चुके हैं। शमी की जो क्षमता है, वो दक्षिण अफ्रीका की कंडीशन में और मारक साबित होगी, इसके बावजूद 108 वनडे में 206 विकेट ले चुके और विश्व कप 2023 में 7 मैचों में 24 विकेट लेने वाले शमी को नजरअंदाज करना समझ से परे है।

--आईएएनएस

पीएके

Share this story