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'2029 विश्व एबिलिटी स्पोर्ट गेम्स' की मेजबानी हासिल करने की कोशिश करेंगे: देवेंद्र झाझरिया

नई दिल्ली, 22 जुलाई (आईएएनएस)। भारतीय पैरालंपिक समिति के अध्यक्ष देवेंद्र झाझरिया ने कहा है कि हम 2029 में विश्व एबिलिटी स्पोर्ट की मेजबानी लेने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि इसके आयोजन के लिए हमने चेन्नई और भुवनेश्वर का चयन किया है।

नई दिल्ली, 22 जुलाई (आईएएनएस)। भारतीय पैरालंपिक समिति के अध्यक्ष देवेंद्र झाझरिया ने कहा है कि हम 2029 में विश्व एबिलिटी स्पोर्ट की मेजबानी लेने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि इसके आयोजन के लिए हमने चेन्नई और भुवनेश्वर का चयन किया है।

आईएएनएस से बात करते हुए देवेंद्र झाझरिया ने कहा, "नई दिल्ली के कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में सर्बल पाल्सी फेडरेशन, स्पोर्ट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया और पैरालंपिक कमेटी ऑफ इंडिया के बीच एक एमओयू हुआ है। इसके तहत हम 2029 विश्व एबिलिटी स्पोर्ट गेम्स की मेजबानी का दावा करेंगे। हम दो जगहों—चेन्नई और भुवनेश्वर—में आयोजन की दावेदारी करेंगे। हमने पूर्व में भी 2025 में पैरा वर्ल्ड एथलेटिक्स चैंपियनशिप का आयोजन किया है। उसमें 100 से अधिक देशों ने हिस्सा लिया था। यह भारत द्वारा आयोजित सबसे बड़ा इवेंट था। हमारा प्रदर्शन अच्छा रहा। हम पदक तालिका की शीर्ष 10 टीमों में थे।"

उन्होंने कहा, "बदलते समय में हम खेलना भी चाहते हैं और खिलाना भी चाहते हैं। खिलाने से तात्पर्य खेलों के आयोजन से है। हम नेतृत्व करना चाहते हैं। मुझे उम्मीद है कि हमारी संरचना को देखते हुए हमें आयोजन का अधिकार मिलेगा। कॉमनवेल्थ गेम्स 2030 का आयोजन अहमदाबाद शहर में हो रहा है। ऐसे में हमें 2029 विश्व एबिलिटी स्पोर्ट गेम्स का आयोजन मिलने की उम्मीद है।"

देवेंद्र झाझरिया ने कहा, "विश्व एबिलिटी स्पोर्ट गेम्स में किसी भी देश का खिलाड़ी हिस्सा ले सकता है। आखिरी बार जब इन खेलों का आयोजन हुआ था, तो 1000 के करीब एथलीटों ने हिस्सा लिया था। मैं चाहता हूं कि अगली बार जब इन खेलों का आयोजन हो, तो 1500 एथलीट हिस्सा लें। पहले इसे 'आइवास गेम्स' कहा जाता था, लेकिन अब इसका नाम बदलकर एबिलिटी स्पोर्ट्स गेम्स कर दिया गया है। हम पहले भी इस इवेंट की मेजबानी कर चुके हैं।"

उन्होंने कहा, "पैरा गेम्स का आयोजन काफी अहम होता है। इससे पैरा एथलीटों को तो मंच मिलता ही है, उन्हें देखकर दूसरे एथलीटों को भी बड़ा करने की प्रेरणा मिलती है। उन व्यक्तियों को भी जीवन में कुछ अच्छा करने की प्रेरणा मिलती है, जो तनाव से गुजर रहे हैं।"

वर्ल्ड एबिलिटी स्पोर्ट बोर्ड के कार्यकारी सदस्य और सेरेब्रल पाल्सी स्पोर्ट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया के अध्यक्ष राजेश तोमर ने आईएएनएस से कहा, "सेरेब्रल पाल्सी फेडरेशन उन बच्चों के खेल में सहायता करता है, जो इस बीमारी के साथ ही जन्म लेते हैं और जिनका इलाज संभव नहीं है। पैरालंपिक कमेटी ऑफ इंडिया काफी मेहनत कर रही है ऐसे एथलीटों को सारी सुविधा देने और इन्हें मंच देने में।"

उन्होंने कहा, "हम सेरेब्रल पाल्सी वाले बच्चों के साथ काम कर रहे हैं। हमें भारत सरकार के युवा खेल मंत्रालय द्वारा 2022 में मान्यता मिली। सेरेब्रल पाल्सी से जूझ रहे बहुत से बच्चे आगे आए हैं और पैरा एशियन गेम्स में पदक जीता है। वर्ल्ड एबिलिटी गेम्स में कई श्रेणियों के खेल शामिल हैं। हम कॉमनवेल्थ गेम्स 2030 से पहले वर्ल्ड एबिलिटी गेम्स का आयोजन करना चाहते हैं। भुवनेश्वर और चेन्नई के रूप में हमने दो आयोजन स्थल का चयन किया है।"

तोमर ने कहा, "भारत में हमारे 26 सदस्य हैं, जो पूरे सेरेब्रल पॉल्सी से जूझ रहे बच्चों की देखरेख करते हैं। हमने राज्य स्तर पर सेरेब्रल पॉल्सी से जूझ रहे एथलीटों के लिए इवेंट आयोजित किए हैं। श्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले एथलीटों को राष्ट्रीय स्तर पर मौका दिया जाता है।"

--आईएएनएस

पीएके

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