Samachar Nama
×

मृत्यु के भय से मुक्ति पाने के लिए करें महा मृत्युंजय मंत्र का जाप, 2 मिनट के वीडियो में जानिए इसकी महिमा, पौराणिक कथा और जाप की विधि

मृत्यु के भय से मुक्ति पाने के लिए करें महा मृत्युंजय मंत्र का जाप, 2 मिनट के वीडियो में जानिए इसकी महिमा, पौराणिक कथा और जाप की विधि

भारत की सनातन संस्कृति में मंत्रों और स्तोत्रों का विशेष स्थान रहा है। इन मंत्रों में केवल ध्वनि नहीं, बल्कि चेतना, ऊर्जा और दिव्यता छुपी होती है। ऐसा ही एक मंत्र है — महा मृत्युंजय मंत्र, जिसे 'संजीवनी मंत्र' के नाम से भी जाना जाता है। यह मंत्र न केवल मृत्यु के भय को दूर करता है, बल्कि गंभीर रोगों से मुक्ति, मानसिक शांति, और आत्मिक ऊर्जा का भी स्रोत माना जाता है।मान्यता है कि जब व्यक्ति जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहा हो, तब इस मंत्र का जाप उसे नया जीवन दे सकता है। इसीलिए कहा जाता है — “महा मृत्युंजय मंत्र के जाप से काल भी भागता है दूर।” आइए इस चमत्कारी मंत्र के रहस्यों, वैज्ञानिक पक्षों और धार्मिक महत्त्व को विस्तार से समझें।


क्या है महा मृत्युंजय मंत्र?
यह मंत्र ऋषि मार्कंडेय द्वारा रचा गया था और इसे स्वयं भगवान शिव से प्राप्त किया गया माना जाता है। इसे यजुर्वेद का हिस्सा भी कहा जाता है। इस मंत्र का अर्थ और भाव अत्यंत गूढ़ और शक्ति से भरा है:

ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्।
उर्वारुकमिव बन्धनान्मृत्योर्मुक्षीय माऽमृतात्॥

अर्थ: हम उस तीन नेत्रों वाले भगवान शिव की उपासना करते हैं, जो सर्वत्र व्याप्त हैं, सुगंधित हैं, और जीवन शक्ति बढ़ाने वाले हैं। जैसे पककर熟 फल बेल से अलग हो जाता है, वैसे ही हम मृत्यु के बंधनों से मुक्त हों, लेकिन अमरत्व से नहीं।

क्यों कहा जाता है इसे 'संजीवनी मंत्र'?
पौराणिक कथाओं में आता है कि जब किसी पर मृत्यु का संकट होता था, तब इस मंत्र का जाप करके उसे संकट से उबारा जाता था। यह मंत्र मृत्यु के भय से लड़ने की अद्भुत शक्ति प्रदान करता है। शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक रूप से यह व्यक्ति को मजबूत बनाता है।काल (मृत्यु) को टालने और दीर्घायु प्राप्त करने के लिए यह मंत्र हजारों वर्षों से ऋषियों, साधकों और आम भक्तों द्वारा जाप किया जाता रहा है।

कब और कैसे करें इस मंत्र का जाप?
महा मृत्युंजय मंत्र का जाप कभी भी किया जा सकता है, लेकिन ब्रह्ममुहूर्त (सुबह 4 बजे के आसपास) सबसे उपयुक्त माना गया है। जाप करने के लिए शांत, स्वच्छ और सकारात्मक वातावरण होना आवश्यक है।

जाप विधि:
स्नान करके स्वच्छ वस्त्र पहनें
भगवान शिव के समक्ष दीपक, बेलपत्र, जल और दूध अर्पित करें
कम से कम 108 बार (1 माला) इस मंत्र का जाप करें
हर दिन नियमित समय पर करें तो शीघ्र फल मिलता है
विशेषकर जब कोई व्यक्ति रोग, शोक या संकट में हो, तब यह मंत्र अद्भुत परिणाम देता है।

वैज्ञानिक दृष्टिकोण से महा मृत्युंजय मंत्र
ध्वनि चिकित्सा (sound therapy) के क्षेत्र में हुए कई शोध यह बताते हैं कि संस्कृत मंत्रों की ध्वनि तरंगें मस्तिष्क पर सकारात्मक प्रभाव डालती हैं। महा मृत्युंजय मंत्र का उच्चारण मस्तिष्क की अल्फा वेव्स को सक्रिय करता है, जो तनाव कम करने और मस्तिष्क की कार्यक्षमता को बढ़ाने में सहायक होता है।

इसका नियमित जाप:
तनाव और अवसाद को कम करता है
नींद की गुणवत्ता में सुधार करता है
शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाता है
हृदय गति और रक्तचाप को नियंत्रित करता है

सामाजिक और पारिवारिक जीवन में भी उपयोगी
आज के समय में जब व्यक्ति हर दिन किसी न किसी डर या तनाव में जी रहा है — चाहे वो आर्थिक संकट हो, पारिवारिक कलह हो या स्वास्थ्य संबंधी चिंता — ऐसे में महा मृत्युंजय मंत्र एक आंतरिक आश्रय बनकर उभरता है।

घर में इस मंत्र के जाप से:
नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है
वातावरण में शांति और सकारात्मकता आती है
बीमार व्यक्ति को मानसिक बल और आशा मिलती है
दुर्घटनाओं और आकस्मिक संकटों से रक्षा होती है

कथा – जब मार्कंडेय को बचाया गया मृत्यु से
शिवपुराण में वर्णित एक प्रसिद्ध कथा के अनुसार, ऋषि मृकंडु के पुत्र मार्कंडेय की आयु केवल 16 वर्ष ही निर्धारित थी। जब यमराज उन्हें लेने आए, तो बालक शिवलिंग के गले से लिपट गया और महा मृत्युंजय मंत्र का जाप करने लगा। भगवान शिव प्रकट हुए और उन्होंने यमराज को वापस भेज दिया। तब से यह मंत्र ‘महा मृत्यु से उबारने वाला’ कहलाया।

निष्कर्ष: आज के समय में सबसे सरल और प्रभावशाली साधना
जब जीवन में अनिश्चितता, भय और रोग लगातार बढ़ रहे हैं, तब महा मृत्युंजय मंत्र जैसे प्राचीन और सिद्ध मंत्र हमारे लिए वरदान बन सकते हैं। यह केवल मृत्यु से बचाने वाला मंत्र नहीं, बल्कि जीवन को जाग्रत, ऊर्जावान और सार्थक बनाने का माध्यम है।यदि आप स्वयं या आपके परिवार में कोई संकट से गुजर रहा है, तो नित्य नियम से महा मृत्युंजय मंत्र का जाप करें। यह एक आध्यात्मिक कवच की तरह कार्य करता है, जो आपको विपत्तियों से बचाता है और जीवन में स्थिरता लाता है।

Share this story

Tags