ये है भारत के सबसे रहस्यमयी शिव मंदिर जहां स्थापित शिवलिंगों को देखकर वैज्ञानिक भी सोच में पड़ जाते हैं
शिव की महिमा अपार और अनंत है। इसे समझ पाना हर किसी के बस की बात नहीं है। शास्त्रों में भी इसका उल्लेख किया गया है। कलियुग में ही शिव से जुड़ी कई ऐसी रहस्यमयी घटनाएं हैं, जिन्हें जानकर लोग हैरान हो जाते हैं। भगवान शिव के कई मंदिर हैं, जिनसे जुड़ी चमत्कारी और रहस्यमयी घटनाएं हैरान कर देने वाली हैं। आइए जानते हैं शिव के 5 चमत्कारी मंदिरों के बारे में।
अचलेश्वर महादेव मंदिर
शिव के इस मंदिर में हर दिन एक चमत्कार होता है। दरअसल, इस मंदिर के शिवलिंग का रंग दिन में तीन बार बदलता है। सुबह के समय शिवलिंग का रंग लाल, दोपहर में केसरिया और शाम को काला हो जाता है। हैरान करने वाली बात यह है कि इस मंदिर के शिवलिंग का कोई अंत नहीं है। यह शिव मंदिर राजस्थान के धौलपुर में है।
भोजेश्वर महादेव मंदिर
यह शिव मंदिर दुनिया का सबसे पुराना मंदिर है। इस शिव मंदिर का निर्माण परमार वंश के प्रसिद्ध राजा भोज ने करवाया था। ऐसा माना जाता है कि इस शिव मंदिर में साधुओं के एक समूह ने घोर तपस्या की थी। मंदिर का शिवलिंग चिकन लाल बलुआ पत्थर से ही बना है।
बिजली महादेव मंदिर
इस मंदिर के शिवलिंग पर साल में एक बार बिजली गिरती है। जिसके बाद शिवलिंग टुकड़े-टुकड़े हो जाता है। इसके बाद मंदिर का पुजारी शिवलिंग को मक्खन में लपेटकर रख देता है। फिर कुछ चमत्कार होता है जिससे शिवलिंग अपने मूल आकार में आ जाता है।
लक्ष्मणेश्वर महादेव मंदिर
इस शिव मंदिर की स्थापना श्री राम ने खर और दूषण का वध करने के बाद की थी। कहा जाता है कि श्री राम ने लक्ष्मण के कहने पर इस मंदिर का निर्माण करवाया था। कहा जाता है कि इस मंदिर के शिवलिंग में एक लाख छिद्र हैं। इनमें से एक छिद्र ऐसा है जो पाताल लोक से जुड़ा हुआ है। इसमें डाला गया सारा पानी इसमें समा जाता है। इसके अलावा एक छिद्र ऐसा भी है जो हमेशा पानी से भरा रहता है।

