इन विशेष चिन्हों को शुभ माना जाता है प्रगति के लिए
जयपुर। प्रत्येक राशि का कोई ना कोई चिन्ह होता है, इसके अनुरूप ही व्यक्ति का व्यवहार रहता है। प्रतीक चिन्हों को प्राचीन समय से ही चांदी, सोना या तांबे में ढलवा कर मंत्रित कर धारण किये जाने से जीवन में पड़ने वाले अशुभ प्रभाव से बचा जा सकता है। इन शुभ प्रतीक चिन्हों के कारण जीवन में कुप्रभावों से बचा जा सकता है। आज हम इस लेख में प्रगति के लिए शुभ प्रतीक चिन्हों के बारे में बता रहें हैं।

लंगर : इसे सुरक्षा व सुंदर भविष्य का प्रतीक माना जात है।
एंगल : इसे शास्त्रों में उत्तम ज्ञान प्राप्ति का प्रतीक माना जाता है।
लौंग : चार पत्तियों वाली लौंग अच्छे भाग्य, कीर्ति, स्वास्थ्य व संपत्ति का संकेत माना जाता है।

मछली : इसे मीन राशि का प्रतीक चिह्न माना जाता है। मछली को संगीत, कला व साहित्य के क्षेत्र में शुभ प्रतीक माना जाता है।
आंख : आंख को सूर्य का प्रतीक चिह्न माना है। आंख को बौद्धिकता एवं संपूर्णता का प्रतीक माना जाता है।
घोड़े की नाल : इसे मंगलकारी चिह्न माना जाता है। घर की चौखट में लगाया जाता है। घोडे की नाल की अंगूठी बना कर धारण करने से शनि की साढ़ेसती से बचा जा सकता है।
चाबी : चाबी को प्रेम और उत्तम स्वास्थ्य का प्रतीक चिह्न माना जाता है।

सर्प : सर्प को भगवान शिव का आभूषण माना जाता है। सर्प को शुभ प्रतीक चिह्न के रुप में धारण किया जाता है।
स्वस्तिक :स्वस्तिक को शुभ चिह्न व मंगलमय माना जाता है। स्वस्तिक को सर्वमंगल का भावना से धारण किया जाता है।
त्रिशूल : त्रिशूल को भगवान शिव के हाथ में धारण करने से इसे शक्ति का प्रतीक माना जाता है।
ओम : ॐ को सृष्टि का प्रथम शब्द माना जाता है। ॐ को ब्रह्मनाद कहा जाता है। ॐ अपने में ऊर्जा को लिए हुए हैं।


