ज्योतिष न्यूज़ डेस्कः आज यानी 3 जुलाई दिन सोमवार को देशभर में गुरु पूर्णिमा का त्योहार मनाया जा रहा हैं जो कि गुरु पूजा को समर्पित होता हैं ऐसे में अगर आप आज के दिन किसी को अपना गुरु बनाने का विचार कर रहे हैं तो इससे पहले भारत के महान ज्ञानी और विदवान कहें जाने वाले आचार्य चाणक्य की कुछ अहम बातों पर गौर जरूर करें।

आचार्य चाणक्य के अनुसार जीवन को सफल बनाने के लिए गुरु का होना बेहद जरूरी हैं लेकिन गुरु कैसा होना चाहिए इसका पता होना भी बेहद जरूरी हैं तो आज हम आपको गुरु पूर्णिमा के शुभ अवसर पर गुरु से संबंधी आज की चाणक्य नीति बता रहे हैं तो आइए जानते हैं।

गुरु से जुड़ी आज की चाणक्य नीति
चाणक्य नीति अनुसार एक अच्छा गुरु अगर किसी शिष्य को मिल जाए तो उसका पूरा जीवन संवर जाता हैं लेकिन सदगुरु कपटी हो तो शिष्य का जीवन बर्बाद हो जाता हैं। चाणक्य अनुसार एक सच्चा और अच्छा गुरु वही होता हैं जिसे लोभ, मोह और अहंकार जैसे अवगुण न हो। जो लोग अपने कर्तव्यों के प्रति ईमानदारी रखते हैं धर्म, नीति का पालन सही तरीके से करते हुए अपने कार्मों को करते हैं। वही सच्चे गुरु कहलाने के लायक होते हैं।

चाणक्य नीति की मानें तो जो मनुष्य संसार में रहते हुए भी तमाम कामना, कुवासना और महत्वाकांक्षाओं से मुक्त होता हैं उसे ही गुरु बनाना बेहतर माना जाता हैं जो गुरु अपनी इंद्रियों को वस में कर लेता हैं वही अपने शिष्य को अंधकार से निकालकर प्रकाश की ओर ले जाता हैं। यही वजह है कि गुरु की जिम्मेदारियां बहुत बड़ी होती हैं ऐसे में किसी को भी अपना गुरु बनाने से पहले इन बातों पर गौर करना बेहद जरूरी होता हैं।


