धन की कमी से जूझ रहे लोग वीडियो में बताई विधि से करे Ganeshashtakam Stotra का पाठ, मां लक्ष्मी धन से भर देंगी भण्डार
हिंदू धर्म में बुधवार का दिन भगवान गणेश को समर्पित है। विघ्नहर्ता, मंगलकर्ता और बुद्धिदाता श्री गणेश को प्रसन्न करने के लिए इस दिन विशेष पूजा का महत्व बताया गया है। शास्त्रों में उल्लेख है कि बुधवार को श्रद्धापूर्वक यदि Ganeshashtakam Stotra का 108 बार पाठ किया जाए, तो न केवल गणपति बप्पा प्रसन्न होते हैं, बल्कि मां लक्ष्मी की कृपा से घर में धन, वैभव और सुख-समृद्धि भी आती है। यह एक प्राचीन और अत्यंत प्रभावशाली उपाय है, जिसे आज भी लाखों श्रद्धालु अपनाते हैं।
क्या है Ganeshashtakam Stotra?
Ganeshashtakam एक संस्कृत स्तोत्र है, जिसमें भगवान गणेश की आठ विशेष स्तुतियाँ सम्मिलित हैं। इसका मूल उद्देश्य भगवान गणेश की महिमा, स्वरूप, गुण और शक्तियों का स्मरण करना है। यह स्तोत्र आदि शंकराचार्य द्वारा रचित माना जाता है और इसे पढ़ने से व्यक्ति के जीवन में आने वाली रुकावटें समाप्त होती हैं।
बुधवार को 108 बार पाठ करने का महत्व
संख्या 108 को वैदिक गणना और अध्यात्म में अत्यंत पवित्र माना गया है। हिंदू धर्म, बौद्ध धर्म और जैन धर्म में 108 का विशेष स्थान है। जब कोई व्यक्ति Ganeshashtakam Stotra का पाठ 108 बार करता है, तो वह आध्यात्मिक ऊर्जा के उच्चतम स्तर पर पहुंचता है। यदि यह पाठ विशेष रूप से बुधवार को किया जाए, तो गणपति बप्पा तुरंत प्रसन्न होते हैं और मां लक्ष्मी की कृपा भी प्राप्त होती है।
मां लक्ष्मी का गणेश से संबंध
यह मान्यता है कि जहां श्री गणेश का वास होता है, वहां मां लक्ष्मी स्वयं निवास करती हैं। श्रीगणेश सभी देवताओं में प्रथम पूज्य हैं, वहीं मां लक्ष्मी धन, वैभव और समृद्धि की देवी हैं। दोनों का एक साथ पूजन करने से जीवन में भौतिक और आध्यात्मिक दोनों लाभ प्राप्त होते हैं।
पुराणों में कहा गया है:
"यत्र गजेन्द्रमुखो महागणेशः
तत्र निवसति लक्ष्मीः चिरस्थायिनी सदा।"
अर्थात – जहां महागणेश विराजमान होते हैं, वहां मां लक्ष्मी सदा वास करती हैं।
पाठ की विधि
यदि आप बुधवार को 108 बार Ganeshashtakam Stotra का पाठ करना चाहते हैं, तो यह विधि अपनाएं:
प्रातःकाल स्नान के बाद हरे वस्त्र धारण करें।
स्वच्छ स्थान पर भगवान गणेश की मूर्ति या चित्र स्थापित करें।
दीपक, धूप और नैवेद्य (मोदक, गुड़, दूर्वा) अर्पित करें।
एक आसन पर बैठकर मन को स्थिर करें।
हाथ में तुलसी की माला लेकर 108 बार Ganeshashtakam Stotra का पाठ करें।
पाठ के बाद 'ॐ श्रीं ह्रीं क्लीं ग्लौं गं गणपतये वर वरद सर्वजनं में वशमानय स्वाहा' मंत्र का जप करें।
पाठ से क्या लाभ होते हैं?
रुके हुए धन की प्राप्ति होती है।
व्यापार में वृद्धि होती है।
नौकरी में प्रमोशन के योग बनते हैं।
विद्यार्थियों को परीक्षा में सफलता मिलती है।
मानसिक तनाव और विघ्न दूर होते हैं।
घर में सुख-शांति और मां लक्ष्मी का स्थायी वास होता है।
वैज्ञानिक दृष्टिकोण से भी फायदेमंद
धार्मिक ग्रंथों से परे, जब हम Ganeshashtakam Stotra के नियमित पाठ को मनोवैज्ञानिक दृष्टिकोण से देखते हैं, तो इसके कई लाभ स्पष्ट होते हैं। संस्कृत श्लोकों की उच्चारण ध्वनि मस्तिष्क को शांत करती है, जिससे मानसिक तनाव घटता है और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। नियमित पाठ करने से एकाग्रता बढ़ती है और मनोबल मजबूत होता है।
कौन कर सकता है यह पाठ?
Ganeshashtakam Stotra का पाठ कोई भी कर सकता है – स्त्री हो या पुरुष, युवा हो या वृद्ध। विशेषकर जिन लोगों को आर्थिक परेशानी, नौकरी में बाधा, व्यापार में घाटा या मानसिक अस्थिरता का सामना करना पड़ रहा है, उनके लिए यह स्तोत्र अत्यंत लाभकारी सिद्ध होता है।
भक्तों के अनुभव
देशभर के कई श्रद्धालुओं ने यह अनुभव किया है कि बुधवार को Ganeshashtakam Stotra का 108 बार पाठ करने से उनकी जिंदगी में चमत्कारी परिवर्तन आया। किसी का रुका हुआ पैसा वापस मिला, किसी को नौकरी में प्रमोशन मिला तो किसी का व्यापार अचानक उन्नति की ओर बढ़ा। इन अनुभवों ने इस स्तोत्र को और अधिक लोकप्रिय बना दिया है।
निष्कर्ष
Ganeshashtakam Stotra सिर्फ एक धार्मिक पाठ नहीं, बल्कि एक शक्तिशाली साधना है जो जीवन के हर क्षेत्र में सकारात्मक परिवर्तन ला सकती है। अगर आप आर्थिक तंगी से परेशान हैं, या चाहते हैं कि आपके घर में मां लक्ष्मी का स्थायी वास हो, तो हर बुधवार श्रद्धा से इसका 108 बार पाठ करें। गणेशजी की कृपा और लक्ष्मी माता का आशीर्वाद आपके जीवन को मंगलमय और समृद्ध बना देगा।

