Malmaas 2020: मलमास पर 160 साल बाद बन रहा ये विशेष संयोग, जानिए क्या है मलमास
हिंदू धर्म में वैसे तो हर महीने को खास माना जाता हैं वही इस साल मलमास लगने जा रहा हैं इसे अधिक मास या पुरुषोत्तम मास भी कहते हैं यह तीन साल में एक बार आता हैं मलमास के पूजय देवता भगवान श्री विष्णु हैं इस कारण इसे पुरूषोत्तम मास भी कहा जाता हैं
इस बार मलमास की शुरूवात 18 सितंबर से हो रही हैं जो 16 अक्टूबर तक चलेगा। उसके बाद 17 अक्टूबर से शारदीय नवरात्रि की शुरूवात हो रही हैं इस वर्ष आने वाला मलमास पर 160 वर्षों बाद शुभ संयोग बन रहा हैं इसके बाद ऐसा संयोग वर्ष 2039 में बनेगा। तो आज हम आपको मलमास से जुड़ी जानकारी प्रदान करने जा रहे हैं तो आइए जानते हैं।
आपको बता दें कि मलमास 18 सितंबर यानी कल से शुरू हो रहा हैं और 16 अक्टूबर 2020 को समाप्त हो जाएगा। हिंदू पंचांग में 30 तिथियां होती हैं जिसमें 15 दिनों का कृष्ण पक्ष और 15 दिनों का शुक्ल पक्ष होता हैं कृष्ण पक्ष के 15वें दिन अमावस्या और शुक्ल पक्ष के 15वें दिनों को शुक्ल पक्ष कहा जाता हैं
कृष्ण पक्ष के 15वें दिन अमावस्या और शुक्लपक्ष के 15वें दिन पूर्णिमा होती हैं। वही सूर्य और चंद्रमा की गति के आधार पर पंचांग बनाया गया हैं पंचांग की तिथियां घटती बढ़ती रहती हैं यह अंग्रेजी कैलेंडर के 24 घंटे के एक दिन जैसे निर्धारित नहीं होती हैं। तीन सालों तक जो तिथियां घटती और बढ़ती हैं, उनसे बचे समय से ही तीन साल पर एक महीने का निर्माण होता हैं जो अधिक मास, मलमास, पुरूषोत्तम मास कहलाता हैं। इस महीने में कोई भी शुभ और मांगलिक कार्य जैसे शादी विवाह, मुंडन, उपनयन संस्कार, गृह प्रवेश आदि की मनाही होती हैं। 

