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पूरी दुनिया में सिर्फ यहां विराजते है बिना सूंड वाले गणपति महाराज, वायरल वीडियो में जाने सूंड ना होने के पीछे क्या है रहस्य ?

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राजस्थान के जयपुर में एक ऐसा मंदिर है जहां गणेश जी के बाल रूप की पूजा की जाती है. और मूर्ति भी बिना सूंड की स्थापित की गई है. यह मंदिर अपने आप में एक विशेष महत्व रखता है. इस मंदिर का नाम श्री गढ़ गणेश जी मंदिर है जो नागरगढ़ और जयगढ़ के बीच की पहाड़ियों में स्थित है. ऐसा माना जाता है कि इस मंदिर में स्थापित भगवान गणेश की मूर्ति कहीं और नहीं मिलेगी. गढ़ गणेश की मूर्ति की फोटो आपको किसी भी सोशल मीडिया या बाजार में नहीं मिलेगी. अगर किसी ने फोटो खींचने या क्लिक करने की कोशिश की तो वह बर्बादी की कगार पर आ गया.


पूजा की विधि अनूठी है
श्री गढ़ गणेश जी मंदिर अन्य मंदिरों से अलग है. यहां मूर्ति के साथ पूजा करने की विधि भी थोड़ी अलग है. भगवान गणेश के इस मंदिर में भक्त अपनी परेशानियां बताने के लिए तरह-तरह के टोटके करते हैं और भगवान उनका समाधान भी करते हैं. गढ़ गणेश मंदिर करीब 300 साल पुराना बताया जाता है. कहा जाता है कि इसका निर्माण सवाई जय सिंह ने करवाया था और उन्होंने यहां प्रतिष्ठित पंडितों को बुलाकर अश्वमेध यज्ञ भी करवाया था. इसकी चढ़ाई करीब 500 मीटर लंबी है। कुल 365 सीढ़ियां चढ़ने के बाद भक्त इस मंदिर में बप्पा के दर्शन कर सकते हैं। कहा जाता है कि साल में जितने दिन होते हैं, उतनी सीढ़ियां चढ़ने पर गढ़ गणेश भगवान के दर्शन हो जाते हैं।

मूषकराज को विघ्न कहा जाता है
श्री गढ़ गणेश जी मंदिर की प्रसिद्धि के कई कारण हैं। इस मंदिर में 2 पत्थर के चूहे विराजमान हैं। भक्त इन दोनों चूहों के पास जाकर उनके कान में अपनी मनोकामनाएं फुसफुसाते हैं। कहा जाता है कि मूषकराज भक्तों की बाधाएं गणेशजी तक पहुंचाते हैं और गजानन उन्हें दूर करते हैं। इसके अलावा इस मंदिर तक पहुंचने के रास्ते में एक शिव मंदिर भी है। लोग सबसे पहले इस मंदिर में रुककर भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा करते हैं और उसके बाद मुख्य मंदिर परिसर में प्रवेश करते हैं। साथ ही ऐसी मान्यता है कि इस मंदिर में बप्पा की पूजा करने की विधि भी काफी अलग है।

भक्त भगवान को पत्र लिखते हैं
इस मंदिर में भगवान गणेश की पूजा के दौरान भक्त उन्हें पत्र लिखकर अपने विचार व्यक्त करते हैं। भक्तों का मानना ​​है कि ऐसा करने से उनका संदेश भगवान तक पहुंचता है और भगवान अपने भक्तों के कष्ट दूर करते हैं। मान्यता है कि अगर आप लगातार 7 बुधवार भगवान के दर्शन करते हैं तो आपको मनचाहा फल भी मिलता है।

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