मेघनाथ से युद्ध करते समय लक्ष्मण को श्री राम ने किस अस्त्र का प्रयोग न करने की सलाह दी थी
आज हम आपको रामायण काल से जुड़ी एक ऐसी घटना से अवगत कराने जा रहे हैं,जिसके बारे में बहुत ही कम लोग जानते होगे यह घटना तब की हैं, जब राम लक्ष्मण और माता सीता के वनवास के रावण ने माता सीता का अपहरण कर लिया था और श्री राम माता सीता को युद्ध करके रावण से वापस लाने गए थे तब लक्ष्मण और मेघनाथ में युद्ध हुआ थ। तो आइए जानते हैं रामायण काल की उस घटना के बारे में।
मेघनाथ से युद्ध करते वक्त लक्ष्मण को श्री राम ने किस अस्त्र का प्रयोग करने के लिए मना किया था। अपने पिता दशाना यानी रावण की आज्ञा लेकर जब मेघनाथ युद्ध भूमि में उतरा तो इधर लक्ष्मण न अपने बड़े भाई श्री राम से युद्ध की आज्ञा मांगी।
वही तब श्री राम ने लक्ष्मण से कहा! लक्ष्मण तुम युद्ध भूमि में अवश्य जाओं मगर मेघनाथ पर ब्रह्मास्त्र का प्रयोग मत करना अन्यथा संपूर्ण ब्रह्मांड नष्ट हो जाएगा। वही जब युद्ध भूमि में एक—एक करके मेघनाथ के सभी अस्त्रों को लक्ष्मण काटने लगे तब मेघनाथ ने इंद्र बज्रघातिनी शक्ति का लक्ष्मण पर प्रयोग कर दिया जिसके लगते ही लक्ष्मण मूर्छित होकर रणभूमि में गिर पड़े।
तब सुषेण वैध द्वारा बताई गई संजीवनी बूटी से लक्ष्मण के प्राण बचाए गए। वही अगले दिन मेघनाथ निकुंभला देवी का यज्ञ कर रहा था सूचना पाकर लक्ष्मण ने वानरों को साथ में ले लिया और मेघनाथ पर आक्रमण कर दिया और उसका यज्ञ विध्वंस करके मेघनाथ का वध कर दिया। फिर श्री राम ने भी रावण का वध कर माता सीता को वापस ले आए थे।

