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Gayatri Mantra: ब्रह्ममुहूर्त में इस प्रकार करें मंत्र का जाप, बुद्धि, स्वास्थ्य और भाग्य में होगा जबरदस्त सुधार, वीडियो में जाने सही विधि 

Gayatri Mantra: ब्रह्ममुहूर्त में इस प्रकार करें मंत्र का जाप, बुद्धि, स्वास्थ्य और भाग्य में होगा जबरदस्त सुधार, वीडियो में जाने सही विधि 

पूजा में मंत्रों का विशेष महत्व होता है। सभी मंत्रों में गायत्री मंत्र को बहुत शक्तिशाली और प्रभावशाली माना जाता है। इस मंत्र को महामंत्र भी कहा जाता है। देवी गायत्री वेदों की माता हैं जिसमें वर्तमान, भूत और भविष्य शामिल हैं। इसी कारण से उन्हें त्रिमूर्ति के रूप में भी पूजा जाता है। कमल के फूल पर विराजमान मां गायत्री धन और समृद्धि प्रदान करती हैं। गायत्री मंत्र का जाप करने से मानसिक शांति मिलती है और जीवन में खुशियां आती हैं। इस मंत्र का जाप करने से कोई भी मनुष्य ब्रह्मा जी का आशीर्वाद प्राप्त कर सकता है। गायत्री मंत्र का जाप ईश्वर तक पहुंचने और मन की शांति पाने का सबसे अच्छा और सरल तरीका माना जाता है। गायत्री मंत्र का नियमित और विधिपूर्वक जाप करने से जल्द ही शुभ फल प्राप्त होते हैं।


गायत्री मंत्र के नियम
गायत्री मंत्र का विधिपूर्वक जाप आस्था और सच्ची भावना से करने से शुभ फल प्राप्त होते हैं। प्रतिदिन पूजा में गायत्री मंत्र की तीन माला का जाप करना जरूरी माना जाता है। वहीं अगर आप गायत्री मंत्र की 11 माला का जाप करते हैं तो आपको हमेशा ईश्वर का आशीर्वाद प्राप्त होता है। इसके लिए सुबह अपने दैनिक कामों से निपटकर और स्नान करके अपने घर के मंदिर के सामने सुखासन या पद्मासन की मुद्रा में बैठ जाएं। अब इस मंत्र का जाप करना शुरू करें।इस मंत्र का जाप करते समय ध्यान रखें कि आपके होंठ हिलते रहें लेकिन आवाज इतनी धीमी हो कि पास बैठा व्यक्ति भी न सुन सके। इस तरह से माला जपने और मंत्र जपने से सद्बुद्धि का संचार होता है। जाप करने से पहले शुभ मुहूर्त में कांसे के बर्तन में जल भर लें। गायत्री मंत्र के साथ ऐं ह्रीं क्लीं उपसर्ग लगाकर गायत्री मंत्र का जाप करें। मंत्र जाप के बाद बर्तन में भरा पानी पी लें। इससे किसी भी बीमारी से मुक्ति मिलती है।

गायत्री मंत्र के लिए ये तीन समय सर्वोत्तम हैं
ॐ भूर्भुवः स्वः तत्सवितुर्वरेण्यं भर्गो देवस्य धीमहि धियो यो नः प्रचोदयात्।

गायत्री मंत्र के जाप के लिए तीन समय प्रभावी माने गए हैं। गायत्री मंत्र का जाप करने का पहला समय सूर्योदय से थोड़ा पहले से लेकर सूर्योदय के थोड़ा बाद तक है। गायत्री मंत्र का जाप दोपहर के समय भी किया जा सकता है। जबकि तीसरा समय सूर्यास्त से ठीक पहले है। सूर्यास्त से पहले जाप शुरू करें और सूर्यास्त के कुछ देर बाद तक करें।

गायत्री मंत्र के लाभ
इस मंत्र के जाप से सभी संकट निष्फल हो जाते हैं। इसका प्रयोग हर क्षेत्र में सफलता दिलाने वाला सिद्ध हुआ है। मनोकामना पूर्ति के लिए भी गायत्री मंत्र का जाप बहुत कारगर माना जाता है। नौकरी या व्यापार में परेशानी होने पर गायत्री मंत्र का जाप लाभकारी होता है। सभी तरह की बीमारियों से मुक्ति पाने के लिए भी गायत्री मंत्र का जाप अचूक माना जाता है। यहां दी गई जानकारी केवल मान्यताओं और सूचनाओं पर आधारित है। यहां यह बताना जरूरी है कि ABPLive.com किसी भी तरह की मान्यता या जानकारी की पुष्टि नहीं करता है। किसी भी जानकारी या मान्यता पर अमल करने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें।

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