शुक्रवार विशेष: हर कलाकार को आज के दिन पढ़नी चाहिए नटराज स्तुति, होते हैं काफी फायदे
जयपुर । आज श्रावन मास का दूसरा शुक्रवार हैं। इस दिन भगवान शिव के नटराज स्वरूप की पूजा करने से विशेष फल की प्राप्ति होती है। इस दिन कलाकार, नृतक और गायक भगवान शिव के इस स्वरुप की पूजा करते हैं। अगर आप भी किसी न किसी कला से जुड़े हैं तो आज हम आपके लिए इस आर्टिकल में आपके लिए भगवान शिव की नटराज स्तूति लेकर आए हैं। श्रावन मास में शुक्रवार के दिन भगवान शिव के नटराज रुप की स्तुति का सस्वर पाठ करने से शुभ फल की प्राप्ति होती है।

सत सृष्टि तांडव रचयिता
नटराज राज नमो नमः…
हेआद्य गुरु शंकर पिता
नटराज राज नमो नमः… ।

गंभीर नाद मृदंगना
धबके उरे ब्रह्मांडना
नित होत नाद प्रचंडना
नटराज राज नमो नमः… ।
शिर ज्ञान गंगा चंद्रमा
चिद्ब्रह्म ज्योति ललाट मां
विषनाग माला कंठ मां
नटराज राज नमो नमः… ।

तवशक्ति वामांगे स्थिता
हे चंद्रिका अपराजिता
चंहु वेद गाए संहिता
नटराज राज नमोः… ।

बिबुधबधू बहु नृत्यत नामयते मुदसहिता।
किन्नर गायन कुरुते सप्त स्वर सहिता॥
धिनकत थै थै धिनकत मृदंग वादयते।
क्वण क्वण ललिता वेणुं मधुरं नाटयते ॥हर…॥
रुण रुण चरणे रचयति नूपुरमुज्ज्वलिता।
चक्रावर्ते भ्रमयति कुरुते तां धिक तां॥
तां तां लुप चुप तां तां डमरू वादयते।
अंगुष्ठांगुलिनादं लासकतां कुरुते ॥ हर…॥
कपूर्रद्युतिगौरं पंचाननसहितम्।
त्रिनयनशशिधरमौलिं विषधरकण्ठयुतम्॥
सुन्दरजटायकलापं पावकयुतभालम्।
डमरुत्रिशूलपिनाकं करधृतनृकपालम् ॥ हर…॥
मुण्डै रचयति माला पन्नगमुपवीतम्।
वामविभागे गिरिजारूपं अतिललितम्॥

