बीयर पीने वालों को मच्छर ज्यादा क्यों काटते हैं? वैज्ञानिकों को मिला बड़ा सुराग
क्या आपने कभी गौर किया है कि कुछ लोगों को मच्छर ज्यादा काटते हैं, खासकर वे लोग जो बीयर पीते हैं? अब वैज्ञानिकों को इसके पीछे की बड़ी वजह का पता चला है। हालिया रिसर्च में सामने आया है कि बीयर पीने के बाद शरीर में ऐसे बदलाव होते हैं, जो मच्छरों को ज्यादा आकर्षित कर सकते हैं।
वैज्ञानिकों के अनुसार मच्छर मुख्य रूप से तीन चीजों से आकर्षित होते हैं—शरीर से निकलने वाली कार्बन डाइऑक्साइड (CO₂), शरीर की गंध और शरीर की गर्मी। मादा मच्छर इन संकेतों को बेहद संवेदनशील तरीके से पहचानती हैं और उसी आधार पर तय करती हैं कि किसे काटना है।
बीयर पीने से शरीर में क्या बदलता है?
रिसर्च में पाया गया कि बीयर पीने के बाद शरीर का तापमान थोड़ा बढ़ सकता है। इसके अलावा सांस के जरिए निकलने वाली CO₂ की मात्रा भी बढ़ जाती है। यही नहीं, शराब पीने के बाद त्वचा की गंध और पसीने की केमिकल संरचना भी बदल जाती है, जो मच्छरों को आकर्षित कर सकती है।
नीदरलैंड में किए गए एक अध्ययन में करीब 465 लोगों पर परीक्षण किया गया। इसमें पाया गया कि जिन लोगों ने पिछले 24 घंटे में बीयर पी थी, वे मच्छरों को लगभग 1.35 गुना ज्यादा आकर्षक लगे।
केवल शराब ही वजह नहीं
वैज्ञानिकों का कहना है कि सिर्फ बीयर ही नहीं, बल्कि शरीर की प्राकृतिक गंध भी बड़ा कारण होती है। इंसानी शरीर से सैकड़ों तरह के केमिकल निकलते हैं, जिनमें कुछ मच्छरों को ज्यादा पसंद आते हैं। खासकर “1-ऑक्टेन-3-ऑल” नाम का एक केमिकल मच्छरों को तेजी से आकर्षित कर सकता है।
किन लोगों को ज्यादा काटते हैं मच्छर?
रिपोर्ट्स के मुताबिक गर्भवती महिलाओं, ज्यादा पसीना आने वाले लोगों और शरीर का तापमान अधिक रहने वालों को भी मच्छर ज्यादा काट सकते हैं। कुछ अध्ययनों में ब्लड ग्रुप और स्किन बैक्टीरिया को भी कारण बताया गया है।
कैसे करें बचाव?
विशेषज्ञ मच्छरों से बचने के लिए कुछ आसान उपाय अपनाने की सलाह देते हैं—
- पूरे शरीर को ढकने वाले कपड़े पहनें
- मच्छरदानी और रिपेलेंट का इस्तेमाल करें
- घर के आसपास पानी जमा न होने दें
- ज्यादा शराब के सेवन से बचें
- साफ-सफाई और नियमित स्नान का ध्यान रखें
वैज्ञानिक अब उन केमिकल्स पर और रिसर्च कर रहे हैं, जो मच्छरों को इंसानों की ओर आकर्षित करते हैं। माना जा रहा है कि भविष्य में इसी आधार पर ज्यादा असरदार मच्छर-रोधी उत्पाद विकसित किए जा सकते हैं।

