स्टडी में हुआ बड़ा दावा,सोने से पहले स्मार्टफोन देखने वाले हो जाए सावधान, आपके साथ भी हो सकता है ये..
रात को सोने से पहले फोन देखने की आपकी आदत आपके स्वास्थ्य पर बहुत बुरा प्रभाव डाल सकती है। एक नए अध्ययन में कहा गया है कि जो लोग, विशेषकर वयस्क, सोने से पहले फोन स्क्रीन पर स्क्रॉल करते हैं, वे प्रति सप्ताह 1 घंटे तक की नींद खो देते हैं और इसका उनके मानसिक स्वास्थ्य पर भी नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। यानी रात को सोने से पहले फोन देखना आपकी नींद के साथ-साथ आपके दिमाग को भी नुकसान पहुंचाता है। आइए जानते हैं अध्ययन में और क्या तथ्य सामने आए हैं।
स्मार्टफोन या मोबाइल हमारे जीवन का ऐसा हिस्सा बन गए हैं कि उनके बिना रहना असंभव लगता है। प्रत्येक व्यक्ति दिन में कई घंटे मोबाइल या स्मार्टफोन पर बिताता है। लेकिन रात में यह काफी नुकसानदायक हो सकता है। JAMA नेटवर्क में एक नया अध्ययन प्रकाशित हुआ है। अमेरिकन कैंसर रिसर्च सोसायटी के शोधकर्ताओं ने पाया है कि सोने से पहले रोजाना स्मार्टफोन स्क्रीन पर स्क्रॉल करने से हमारे शरीर की सर्कडियन लय गड़बड़ा जाती है।
सर्केडियन लय वह लय है जो हमारा शरीर 24 घंटे में पूरा करता है। यानी हर रात सही समय पर सो जाना और सुबह उसी समय जागना। इसी प्रकार, शरीर भी एक चक्र में घूमता रहता है। लेकिन स्मार्टफोन का उपयोग इस चक्र को बिगाड़ देता है। अध्ययन में कहा गया है कि सर्केडियन लय के बिगड़ने के कारण हमारी नींद एक सप्ताह में 50 मिनट कम हो जाती है।
इस अध्ययन में 1,22,000 प्रतिभागियों को शामिल किया गया। यह अध्ययन फरवरी 2023 से जनवरी 2025 के बीच किया गया है। इसमें शामिल लोगों में से 41% लोग रोजाना सोने से पहले स्मार्टफोन या अन्य स्क्रीन का इस्तेमाल करते हैं। जबकि 17.4% लोग ऐसे थे जो किसी भी तरह की स्क्रीन का उपयोग नहीं करते थे। इसमें पाया गया कि जो लोग प्रतिदिन सोने से पहले स्क्रीन देखते हैं, उनकी नींद की गुणवत्ता खराब होने की संभावना उन लोगों की तुलना में 33% अधिक होती है, जो सोने से पहले स्क्रीन नहीं देखते हैं।
दैनिक स्क्रीन उपयोग का सीधा संबंध देर से सोने से पाया गया, जिससे प्रति सप्ताह नींद में 50 मिनट की कमी आई। हमारा शरीर रात को सोने में मदद करने के लिए मेलाटोनिन नामक हार्मोन स्रावित करता है। यह हार्मोन नींद-जागने के चक्र को नियंत्रित करता है। लेकिन डिजिटल स्क्रीन की रोशनी आंखों पर पड़ने से यह हार्मोन गड़बड़ा जाता है। इससे व्यक्ति का प्राकृतिक निद्रा चक्र बाधित होता है। खराब नींद से व्यक्ति के शरीर पर कई बुरे प्रभाव पड़ते हैं। यह समग्र स्वास्थ्य को खराब करता है, साथ ही मस्तिष्क की कार्यप्रणाली के लिए भी हानिकारक है।