NASA का Artemis-2 मिशन फरवरी में उड़ान भरने को तैयार, एस्ट्रोनॉट लगाएंगे चन्द्रमा रोमांचक चक्कर
NASA का आर्टेमिस प्रोग्राम इंसानों को चांद पर वापस भेजने का एक बड़ा प्लान है। इसके दूसरे मिशन, आर्टेमिस-2 को फरवरी 2026 में लॉन्च होने की उम्मीद है। यह 1972 में अपोलो 17 के बाद चांद के चारों ओर यात्रा करने वाला पहला क्रू वाला मिशन होगा। यह मिशन लगभग 10 दिनों तक चलेगा।
यह कब और कहाँ लॉन्च होगा?
रॉकेट और स्पेसक्राफ्ट क्या हैं?
रॉकेट: स्पेस लॉन्च सिस्टम (SLS) – दुनिया का सबसे शक्तिशाली रॉकेट। यह ब्लॉक 1 कॉन्फ़िगरेशन में होगा। SLS ओरियन स्पेसक्राफ्ट, एस्ट्रोनॉट्स और कार्गो को एक साथ चांद पर भेज सकता है।
स्पेसक्राफ्ट: ओरियन – चार लोगों के लिए डिज़ाइन किया गया एक कैप्सूल। इसमें एडवांस्ड लाइफ सपोर्ट सिस्टम, नेविगेशन और कम्युनिकेशन टेक्नोलॉजी है। ओरियन चांद का चक्कर लगाएगा और पृथ्वी पर वापस आएगा।
कौन से एस्ट्रोनॉट्स जा रहे हैं?
रीड वाइसमैन (कमांडर, NASA) – एक अनुभवी एस्ट्रोनॉट।
विक्टर ग्लोवर (पायलट, NASA) – चांद के इतने करीब यात्रा करने वाले पहले अश्वेत व्यक्ति।
क्रिस्टीना कोच (मिशन स्पेशलिस्ट, NASA) – एक महिला द्वारा सबसे लंबी सिंगल स्पेसफ्लाइट का रिकॉर्ड रखती हैं।
जेरेमी हैनसेन (मिशन स्पेशलिस्ट, कैनेडियन स्पेस एजेंसी) – चांद के इतने करीब यात्रा करने वाले पहले गैर-अमेरिकी।
मिशन कितने समय का होगा और इसमें क्या-क्या होगा?
अवधि: लगभग 10 दिन।
ट्रैजेक्टरी: चांद के चारों ओर एक फ्री-रिटर्न ट्रैजेक्टरी। इसमें पृथ्वी के कई चक्कर लगाना, फिर वापस आने से पहले चांद के पीछे से गुजरना शामिल होगा। चांद के सबसे करीब की दूरी लगभग 7400 किमी होगी। कोई लैंडिंग नहीं होगी, सिर्फ़ ऑर्बिट और वापसी होगी।
उद्देश्य: मानव दल के साथ ओरियन और SLS का परीक्षण। लाइफ सपोर्ट सिस्टम, नेविगेशन आदि की जाँच करना। यह आर्टेमिस-3 (2027 में चांद पर लैंडिंग) की तैयारी है।
यह मिशन चांद पर एक स्थायी बेस स्थापित करने और मंगल ग्रह के भविष्य के मिशनों के लिए रास्ता बनाएगा। 2022 में आर्टेमिस-1 (बिना क्रू वाला) की सफलता के बाद, यह मानव दल के साथ पहला परीक्षण है। अगर सब कुछ ठीक रहा, तो 2027 में चांद पर लैंडिंग होगी। यह अंतरिक्ष इतिहास में एक नया अध्याय होगा।

