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अब 2027 में लॉन्च किया जाएगा गगनयान मिशन, इसरो प्रमुख बोले- पहले व्योममित्र को भेजेंगे अंतरिक्ष

भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के अध्यक्ष वी नारायणन ने मंगलवार (6 मई) को कहा कि गगनयान कार्यक्रम का पहला मानवरहित मिशन इस साल के अंत तक लॉन्च किया जाएगा। गगनयान भारत का पहला मानवयुक्त अंतरिक्ष यान.....
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भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के अध्यक्ष वी नारायणन ने मंगलवार (6 मई) को कहा कि गगनयान कार्यक्रम का पहला मानवरहित मिशन इस साल के अंत तक लॉन्च किया जाएगा। गगनयान भारत का पहला मानवयुक्त अंतरिक्ष यान है, जिसमें तीन मानवरहित मिशन शामिल हैं, जिसके बाद अंतरिक्ष यात्रियों को एक से तीन दिनों के लिए 400 किलोमीटर की कक्षा में ले जाया जाएगा। नारायणन ने कहा कि भारतीय अंतरिक्ष मिशन 1962 में शुरू हुआ था और अब हम गगनयान हासिल करने की ओर बढ़ रहे हैं।

नारायणन ने कहा कि मानवयुक्त मिशन 2027 की पहली तिमाही में प्रक्षेपित किए जाने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि अमेरिका का एक्सिओम-4 मिशन, जो भारतीय अंतरिक्ष यात्री सुभांशु शुक्ला को अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (आईएसएस) लेकर जा रहा है, जून के पहले सप्ताह में प्रक्षेपित किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि अंतरिक्ष यान पर किए गए प्रयोगों सहित एक्सिओम-4 मिशन से प्राप्त अनुभव, गगनयान कार्यक्रम की तैयारियों में मदद करेंगे।

भारत में चार गगन यात्राओं का प्रशिक्षण

वी नारायणन ने कहा कि सभी प्रणोदन प्रणालियों की मानव रेटिंग तैयार है। उन्होंने कहा कि हमने चार आकाश यात्रियों का चयन कर लिया है और उनका प्रशिक्षण विदेश में चल रहा है। इसमें तीन मानवरहित मिशन और दो मानवयुक्त मिशन हैं। भारतीय अंतरिक्ष स्टेशन को सरकार ने मंजूरी दे दी है। उन्होंने कहा कि कुल तीन मिशन हैं और पहला मॉड्यूल 2028 में भेजा जाएगा। इसमें रोटेटिंग स्पेसडेक्स मिशन भी शामिल हैं। यहां दो डॉकिंग की गई हैं। यह मिशन पूरी तरह सफल रहा है। चन्द्रयान-4 को दो बार डॉक किया जाएगा और दो बार अनडॉक किया जाएगा। इसके लिए दो प्रक्षेपण होंगे।

57 देशों का प्रतिनिधित्व होगा

वी नारायणन ने कहा कि गगनयान मिशन में विंग कमांडर राकेश शर्मा का अनुभव सबसे महत्वपूर्ण है। भारतीय अंतरिक्ष मिशन जून के पहले सप्ताह में प्रक्षेपित होने की संभावना है। वैश्विक अंतरिक्ष अन्वेषण सम्मेलन 7 से 9 मई तक आयोजित किया जा रहा है। यह यशभूमि द्वारका में होगा। इसमें 57 देशों के प्रतिनिधि शामिल होंगे। इस सम्मेलन में दस अंतरिक्ष यात्री भी शामिल होंगे। भारतीय वायु सेना के ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला, राकेश शर्मा के बाद अंतरिक्ष में जाने वाले दूसरे भारतीय होंगे।

उन्होंने कहा कि यदि सब कुछ ठीक रहा तो वह जून के पहले सप्ताह में एक्सिओम-4 मिशन के तहत स्पेस-एक्स ड्रैगन अंतरिक्ष यान से अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (आईएसएस) के लिए उड़ान भरेंगे। यह मिशन 14 दिनों तक चलेगा और इसमें सूक्ष्मगुरुत्व वातावरण में कई प्रयोग शामिल होंगे। यह मिशन एक्सिओम स्पेस द्वारा संचालित चौथी निजी अंतरिक्ष उड़ान होगी। निर्धारित लॉन्च तिथि की घोषणा जल्द ही की जाएगी।

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