वीडियो में देखें पीएम मोदी काफिला छोड़ 2 गाड़ियों के साथ निकले, पेट्रोल डीजल बचाने की शुरू की पहल, शाह नड्डा के भी काफिले में कटौती
देश में ईंधन बचत और संसाधनों के बेहतर उपयोग को बढ़ावा देने के संदेश के तहत प्रधानमंत्री Narendra Modi ने बुधवार को एक अहम उदाहरण पेश किया। सामान्यतः प्रधानमंत्री के काफिले में 12 से 15 गाड़ियां शामिल रहती हैं, लेकिन इस बार उन्होंने अपने काफिले को घटाकर केवल दो गाड़ियों तक सीमित कर दिया।
सूत्रों के अनुसार, अब काफिले में एक गाड़ी में प्रधानमंत्री स्वयं मौजूद रहे, जबकि दूसरी गाड़ी में SPG (स्पेशल प्रोटेक्शन ग्रुप) के सुरक्षा कर्मी और अन्य सुरक्षा अधिकारी शामिल रहे। यह कदम सुरक्षा प्रोटोकॉल के साथ-साथ प्रशासनिक सादगी और ईंधन बचत के संदेश को ध्यान में रखते हुए उठाया गया है।
प्रधानमंत्री मोदी लंबे समय से देशवासियों से पेट्रोल और डीजल का कम उपयोग करने और ऊर्जा संरक्षण को जीवनशैली का हिस्सा बनाने की अपील करते रहे हैं। उनका यह कदम उसी संदेश को जमीनी स्तर पर लागू करने के प्रयास के रूप में देखा जा रहा है।
इस पहल का असर केंद्र और राज्य स्तर के अन्य नेताओं पर भी दिखाई दे रहा है। केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष Jagat Prakash Nadda ने भी अपने काफिले में गाड़ियों की संख्या घटाने का निर्णय लिया है। इससे सरकारी स्तर पर संसाधन बचत और अनुशासन का संदेश और मजबूत हुआ है।
इसी क्रम में राजस्थान के मुख्यमंत्री Bhajan Lal Sharma ने भी अपने काफिले में गाड़ियों की संख्या कम करने के निर्देश जारी किए हैं। पहले मुख्यमंत्री के काफिले में लगभग 14 से 16 गाड़ियां शामिल होती थीं, लेकिन बुधवार को दिल्ली दौरे के दौरान यह संख्या घटकर केवल 5 गाड़ियों तक सीमित रही।
विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे कदम न केवल प्रतीकात्मक हैं, बल्कि इनका सामाजिक प्रभाव भी महत्वपूर्ण होता है। जब देश के शीर्ष नेता खुद मितव्ययिता अपनाते हैं, तो इसका असर आम जनता पर भी पड़ता है और लोग संसाधनों के उपयोग को लेकर अधिक जागरूक होते हैं।
हालांकि, सुरक्षा विशेषज्ञ यह भी मानते हैं कि वीवीआईपी सुरक्षा एक जटिल प्रक्रिया है और काफिले की संरचना परिस्थितियों के अनुसार तय की जाती है। ऐसे में गाड़ियों की संख्या में कटौती करते समय सुरक्षा मानकों का पूरा ध्यान रखना जरूरी होता है।

