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UP Political : सपा में राज्यसभा सीट को लेकर बड़ा फैसला, जानिए अंबानी के करीबी को टिकट देने के सियासी मायने

UP Political : सपा में राज्यसभा सीट को लेकर बड़ा फैसला, जानिए अंबानी के करीबी को टिकट देने के सियासी मायने

उत्तर प्रदेश की राजनीति में राज्यसभा चुनाव को लेकर हलचल तेज हो गई है। समाजवादी पार्टी ने बुधवार, 30 सितंबर 2026 को अपने दो राज्यसभा उम्मीदवारों के नाम का ऐलान कर दिया। पार्टी ने वरिष्ठ नेता प्रो. रामगोपाल यादव के साथ धनराज परिमल नथवानी को अपना उम्मीदवार बनाया है। दोनों उम्मीदवारों ने सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव की मौजूदगी में नामांकन भी दाखिल कर दिया।

रामगोपाल यादव का नाम सपा के संभावित उम्मीदवारों में पहले से चर्चा में था, लेकिन धनराज नथवानी के नाम ने राजनीतिक हलकों में खासा ध्यान खींचा है। नथवानी का राजनीतिक बैकग्राउंड पारंपरिक नहीं है। वह कॉरपोरेट क्षेत्र से जुड़े हैं और रिलायंस इंडस्ट्रीज में ग्रुप प्रेसिडेंट के पद पर कार्यरत हैं। कई रिपोर्टों में उन्हें अंबानी परिवार के करीबी कारोबारी सहयोगियों में गिना गया है।

कौन हैं धनराज परिमल नथवानी?

धनराज नथवानी उद्योगपति और राज्यसभा सांसद परिमल नथवानी के बेटे हैं। उनके पिता लंबे समय से रिलायंस समूह से जुड़े रहे हैं और राज्यसभा में भी रह चुके हैं। धनराज ने लंदन से इंटरनेशनल बिजनेस की पढ़ाई की है और कॉरपोरेट क्षेत्र के साथ-साथ खेल प्रशासन में भी जिम्मेदारियां संभाली हैं।

रिपोर्टों के मुताबिक, धनराज नथवानी गुजरात क्रिकेट एसोसिएशन के अध्यक्ष भी रह चुके हैं। उन्हें कॉरपोरेट मामलों और खेल प्रशासन में काम करने का अनुभव है।

अखिलेश यादव के फैसले की क्यों हो रही चर्चा?

सपा की ओर से नथवानी को उम्मीदवार बनाए जाने के बाद राजनीतिक चर्चाएं इसलिए तेज हैं क्योंकि वह उत्तर प्रदेश की राजनीति के पारंपरिक राजनीतिक चेहरों से अलग कॉरपोरेट क्षेत्र से आते हैं।

उनका रिलायंस समूह से जुड़ाव और अंबानी परिवार के साथ उनकी करीबी को लेकर मीडिया में लगातार चर्चा हो रही है। हालांकि, इस फैसले के पीछे सपा नेतृत्व की वास्तविक रणनीति क्या है, इस पर पार्टी की ओर से विस्तृत कारण सार्वजनिक नहीं किया गया है।

वहीं, इस फैसले को लेकर विपक्षी दलों के नेताओं की प्रतिक्रियाएं भी सामने आने लगी हैं। कुछ नेताओं ने नथवानी की उम्मीदवारी पर सवाल उठाए हैं और इसे लेकर राजनीतिक आरोप लगाए हैं। इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

राज्यसभा चुनाव का क्या है वोटों का गणित?

उत्तर प्रदेश में इस बार राज्यसभा की 10 सीटों के लिए चुनाव होना है। मौजूदा गणित के अनुसार एक उम्मीदवार को एक सीट जीतने के लिए 37 वोट की जरूरत होगी। सपा ने फिलहाल दो उम्मीदवार उतारे हैं और पार्टी के पास अपने दो उम्मीदवारों को जिताने के लिए पर्याप्त संख्या बल होने की बात रिपोर्टों में कही गई है।

हालांकि, सपा की ओर से तीसरा उम्मीदवार उतारे जाने की संभावनाओं को लेकर भी चर्चा चल रही है। अगर ऐसा होता है तो मुकाबला और दिलचस्प हो सकता है, क्योंकि तीसरे उम्मीदवार के लिए अतिरिक्त वोटों का इंतजाम करना पड़ेगा। फिलहाल इस पर सपा ने अंतिम स्थिति स्पष्ट नहीं की है।

16 अक्टूबर को होगा मतदान

उत्तर प्रदेश की 10 राज्यसभा सीटों के लिए विधानसभा के निर्वाचित सदस्य 16 अक्टूबर 2026 को मतदान करेंगे। इसलिए नामांकन के बाद अब सबसे ज्यादा नजर पार्टियों के संख्या बल और संभावित समर्थन पर रहेगी।फिलहाल सपा के दो उम्मीदवारों के नाम सामने आ चुके हैं और दोनों नामांकन भी दाखिल कर चुके हैं। ऐसे में धनराज नथवानी को टिकट देने का फैसला आने वाले दिनों में यूपी की राज्यसभा चुनावी राजनीति का एक प्रमुख मुद्दा बना रह सकता है।

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