UP Election Survey 2027: यूपी में BJP या सपा, किसकी बनेगी सरकार? योगी-अखिलेश को लेकर सर्वे में सामने आए चौंकाने वाले आंकड़े
उत्तर प्रदेश में 2027 में होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर भारतीय जनता पार्टी (BJP) और समाजवादी पार्टी (SP) के बीच सियासी मुकाबला तेज होता दिखाई दे रहा है। समाजवादी पार्टी अपने पीडीए फॉर्मूले के जरिए सत्ता में वापसी की उम्मीद कर रही है, जबकि बीजेपी लगातार तीसरी बार सरकार बनाने की तैयारी में जुटी है। इसी बीच न्यूज़18 यूपी के एक मेगा सर्वे के आंकड़े सामने आए हैं, जिनमें जनता की पसंद, मुख्यमंत्री के चेहरे और सरकार के कामकाज को लेकर लोगों की राय बताई गई है।
BJP-NDA और सपा-कांग्रेस गठबंधन में किसे बढ़त?
सर्वे में उत्तर प्रदेश के सभी 75 जिलों के 30,925 लोगों की राय शामिल किए जाने का दावा किया गया है। इसके मुताबिक, 66.6 प्रतिशत लोगों ने बीजेपी के नेतृत्व वाले एनडीए के समर्थन में राय दी। वहीं, 26.4 प्रतिशत लोगों ने सपा-कांग्रेस गठबंधन का समर्थन किया, जबकि 5.4 प्रतिशत लोगों ने बहुजन समाज पार्टी (BSP) के पक्ष में अपनी राय जाहिर की।
इन आंकड़ों के आधार पर सर्वे में बीजेपी के नेतृत्व वाले एनडीए को बढ़त मिलती दिखाई गई है। हालांकि, ये आंकड़े सर्वे में शामिल लोगों की राय को दर्शाते हैं, इन्हें चुनाव के वास्तविक नतीजे नहीं माना जा सकता।
मुख्यमंत्री के तौर पर योगी आदित्यनाथ पहली पसंद
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कामकाज को लेकर भी सर्वे में लोगों से सवाल किए गए। रिपोर्ट के मुताबिक, 77.1 प्रतिशत लोगों ने योगी सरकार के कामकाज पर संतुष्टि जताई, जबकि 13.5 प्रतिशत लोगों ने असंतोष जाहिर किया।
मुख्यमंत्री पद के लिए पसंद पूछे जाने पर 66.5 प्रतिशत लोगों ने योगी आदित्यनाथ का समर्थन किया। वहीं, 24.4 प्रतिशत लोगों ने समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव को मुख्यमंत्री के रूप में अपनी पसंद बताया। सर्वे के इन आंकड़ों में योगी आदित्यनाथ को अखिलेश यादव के मुकाबले बढ़त मिलती दिखाई गई है।
क्या यूपी में फिर बनेगी बीजेपी की सरकार?
सर्वे में लोगों से यह भी पूछा गया कि 2027 के विधानसभा चुनाव के बाद किसकी सरकार बन सकती है। रिपोर्ट के अनुसार, 66.6 प्रतिशत लोगों ने बीजेपी के नेतृत्व वाले एनडीए की दोबारा सरकार बनने की संभावना जताई। दूसरी ओर, 26.5 प्रतिशत लोगों ने सपा-कांग्रेस गठबंधन की सरकार बनने की उम्मीद जाहिर की।
इसके अलावा, 65.2 प्रतिशत लोगों का मानना था कि बीजेपी के नेतृत्व वाली सरकार को उत्तर प्रदेश में तीसरी बार मौका मिलना चाहिए। ये आंकड़े सर्वे में शामिल लोगों की राजनीतिक पसंद और संभावनाओं से जुड़ी राय को सामने रखते हैं।
कानून व्यवस्था और इंफ्रास्ट्रक्चर पर सरकार को कितने अंक?
सर्वे में योगी सरकार के कामकाज का आकलन सात प्रमुख मुद्दों पर किया गया। इनमें कानून व्यवस्था, सरकारी योजनाओं का लाभ, बुनियादी ढांचा, स्वास्थ्य, शिक्षा, रोजगार और भ्रष्टाचार शामिल थे।
रिपोर्ट के मुताबिक, 74 प्रतिशत लोगों ने राज्य की कानून व्यवस्था पर संतुष्टि जताई। वहीं, 68.6 प्रतिशत लोगों ने इंफ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में सरकार के काम का समर्थन किया। इसके अलावा, 66.3 प्रतिशत लोगों ने कहा कि उन्हें सरकारी योजनाओं का लाभ मिला है।
इन आंकड़ों से संकेत मिलता है कि सर्वे में शामिल लोगों के बीच कानून व्यवस्था, बुनियादी ढांचे और सरकारी योजनाओं को लेकर सकारात्मक राय दर्ज की गई। हालांकि, स्वास्थ्य, शिक्षा, रोजगार और भ्रष्टाचार जैसे अन्य मुद्दों पर विस्तृत आंकड़ों के बिना समग्र तस्वीर का आकलन करना मुश्किल है।
राम मंदिर चंदा विवाद पर भी पूछे गए सवाल
सर्वे में राम मंदिर के चंदे से जुड़े कथित अनियमितताओं के आरोपों पर भी लोगों की राय ली गई। रिपोर्ट के अनुसार, 31.2 प्रतिशत लोगों ने इस मामले में अधिकारियों को जिम्मेदार माना। वहीं, 20.6 प्रतिशत लोगों ने कर्मचारियों और 13.7 प्रतिशत लोगों ने राज्य सरकार को जिम्मेदार ठहराया।
यह आंकड़े इस मुद्दे पर सर्वे में शामिल लोगों की राय को दर्शाते हैं। इन्हें कथित अनियमितताओं के प्रमाण के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए।
चुनाव से पहले सर्वे के आंकड़ों का क्या मतलब?
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 से पहले सामने आए इस सर्वे में बीजेपी के नेतृत्व वाले एनडीए और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को बढ़त दिखाई गई है। वहीं, सपा-कांग्रेस गठबंधन भी विपक्षी विकल्प के रूप में मौजूद है। हालांकि, चुनाव में अभी समय है और राजनीतिक समीकरण बदल सकते हैं। ऐसे में अंतिम तस्वीर उम्मीदवारों, गठबंधनों, चुनावी मुद्दों और मतदाताओं के वास्तविक मतदान व्यवहार पर निर्भर करेगी।

