Union Ministers Assets: मोदी कैबिनेट के मंत्री कहां लगाते हैं पैसा? FD से शेयर बाजार तक सामने आया निवेश का तरीका
भविष्य की आर्थिक जरूरतों को ध्यान में रखते हुए लोग अलग-अलग जगहों पर निवेश करते हैं। कोई शेयर बाजार और म्यूचुअल फंड को चुनता है तो कोई बैंक FD, जमीन, सोना या दूसरे पारंपरिक विकल्पों में पैसा रखता है। ऐसे में यह जानना भी दिलचस्प है कि देश के केंद्रीय मंत्रियों की घोषित संपत्तियों में किस तरह के निवेश दिखाई देते हैं।
केंद्र सरकार की ओर से वित्त वर्ष 2025-26 के लिए केंद्रीय मंत्रिपरिषद के सदस्यों की संपत्ति और देनदारियों का विवरण सार्वजनिक किया गया है। प्रधानमंत्री कार्यालय की वेबसाइट पर 31 मार्च 2026 तक की जानकारी में कैबिनेट मंत्रियों समेत अन्य मंत्रियों की संपत्ति का विवरण उपलब्ध है।
इन घोषणाओं में बैंक डिपॉजिट, शेयर, बॉन्ड, म्यूचुअल फंड, जमीन, मकान, सोना और अन्य संपत्तियों की जानकारी शामिल है। हालांकि, केवल इन घोषणाओं के आधार पर किसी मंत्री की निवेश रणनीति या जोखिम लेने की क्षमता का निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होगा।
FD और पारंपरिक संपत्तियों से लेकर शेयरों तक निवेश
संपत्ति घोषणाओं में कई मंत्रियों के निवेश पोर्टफोलियो में बैंक डिपॉजिट और फिक्स्ड डिपॉजिट दिखाई देते हैं। वहीं कुछ मंत्रियों ने लिस्टेड कंपनियों के शेयर, म्यूचुअल फंड या अन्य सिक्योरिटीज में भी निवेश घोषित किया है।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जे.पी. नड्डा, विदेश मंत्री एस. जयशंकर, आवास एवं शहरी मामलों के मंत्री मनोहर लाल, पंचायती राज मंत्री राजीव रंजन सिंह, नागरिक उड्डयन मंत्री के. राममोहन नायडू, जनजातीय मामलों के मंत्री जुआल ओराम और कपड़ा मंत्री गिरिराज सिंह की संपत्ति घोषणाएं भी आधिकारिक सूची में उपलब्ध हैं।
एस. जयशंकर के निवेश में FD और बॉन्ड
विदेश मंत्री एस. जयशंकर की घोषित संपत्तियों में बैंक डिपॉजिट और अन्य वित्तीय साधनों का विवरण दिया गया है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक उनके पोर्टफोलियो में करीब ₹5.59 करोड़ की FD और IRFC के बॉन्ड में ₹50 लाख का निवेश बताया गया है।
यहां यह समझना जरूरी है कि किसी बॉन्ड या डिपॉजिट को पूरी तरह 'जोखिम-मुक्त' कहना सही नहीं है। अलग-अलग वित्तीय साधनों में जोखिम और शर्तें अलग हो सकती हैं।
अमित शाह के पोर्टफोलियो में लिस्टेड सिक्योरिटीज
गृह मंत्री अमित शाह की संपत्ति घोषणा में करीब ₹2.23 करोड़ की लिस्टेड सिक्योरिटीज और लगभग ₹3.07 लाख की नॉन-लिस्टेड सिक्योरिटीज का उल्लेख है।
लिस्टेड सिक्योरिटीज वे वित्तीय साधन होते हैं जो मान्यता प्राप्त स्टॉक एक्सचेंज पर सूचीबद्ध होते हैं। वहीं नॉन-लिस्टेड सिक्योरिटीज किसी सार्वजनिक स्टॉक एक्सचेंज पर सूचीबद्ध नहीं होतीं।
वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल की घोषित संपत्तियों में भी सिक्योरिटीज का हिस्सा दिखाई देता है। उनके विवरण में करीब ₹9.70 करोड़ की लिस्टेड सिक्योरिटीज और लगभग ₹1.01 लाख की नॉन-लिस्टेड सिक्योरिटीज दर्ज हैं।
सी.आर. पाटिल ने इन कंपनियों के शेयर घोषित किए
जल शक्ति मंत्री सी.आर. पाटिल की संपत्ति घोषणा में कई लिस्टेड कंपनियों के शेयरों का विवरण मिलता है। इनमें Adani Power, Gujarat Alkalies and Chemicals, State Bank of India और Reliance Industries जैसी कंपनियां शामिल हैं।
इसके अलावा उनकी घोषणा में कुछ नॉन-लिस्टेड कंपनियों में निवेश का भी विवरण दिया गया है। आधिकारिक दस्तावेज में इन निवेशों से जुड़ी जानकारी अलग-अलग श्रेणियों में दर्ज है।
अन्नपूर्णा देवी के पास भी शेयर और FD
महिला एवं बाल विकास मंत्री अन्नपूर्णा देवी की घोषित संपत्तियों में भी शेयर बाजार और बैंक डिपॉजिट दोनों दिखाई देते हैं।
उनके पास ONGC के 540 शेयर, SBI के 1,500 शेयर, Jio Financial Services के 24 शेयर, Reliance के 48 शेयर और Reliance Power के 27 शेयर बताए गए हैं। इसके अलावा उनके नाम पर 5 FD का भी विवरण दिया गया है, जिनकी कुल घोषित कीमत करीब ₹28.25 लाख बताई गई है।
हर मंत्री का निवेश पैटर्न अलग
केंद्रीय मंत्रियों की संपत्ति घोषणाओं को देखने पर यह स्पष्ट होता है कि सभी का निवेश एक जैसा नहीं है। कुछ के विवरण में बैंक डिपॉजिट और FD का हिस्सा प्रमुख है, जबकि कुछ मंत्रियों ने शेयर, बॉन्ड या अन्य सिक्योरिटीज में निवेश घोषित किया है।
ध्यान देने वाली बात यह है कि ये आंकड़े मंत्रियों द्वारा घोषित संपत्ति और देनदारियों से जुड़े हैं। इन्हें किसी मंत्री की व्यक्तिगत निवेश सलाह या निवेश रणनीति के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। प्रधानमंत्री कार्यालय की वेबसाइट पर 2025-26 के लिए केंद्रीय मंत्रिपरिषद के सदस्यों की विस्तृत घोषणाएं उपलब्ध हैं।

