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चुनाव आयोग के सामने ही धरने पर बैठ गए मुख्यमंत्री! क्या है कर्नाटक का SIR विवाद, जिस पर मच गया बवाल?

चुनाव आयोग के सामने ही धरने पर बैठ गए मुख्यमंत्री! क्या है कर्नाटक का SIR विवाद, जिस पर मच गया बवाल?

बेंगलुरु में वोटर लिस्ट को लेकर चल रहा Form-7 विवाद अब सियासी टकराव में बदल गया है। मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार और कांग्रेस नेताओं के चुनाव आयोग के दफ्तर के बाहर धरने के एक दिन बाद बीजेपी नेताओं ने पुलिस कमिश्नर ऑफिस के बाहर प्रदर्शन किया।बीजेपी नेताओं का आरोप है कि मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार और उनके मंत्रियों ने गुरुवार को चुनाव आयोग के मुख्य निर्वाचन अधिकारी के कार्यालय के बाहर धरना देकर अदालत के आदेश का उल्लंघन किया। इसी को लेकर बीजेपी ने पुलिस से सवाल किया कि अगर आम लोगों के खिलाफ कार्रवाई हो सकती है तो मुख्यमंत्री और मंत्रियों के मामले में कार्रवाई क्यों नहीं की गई।

बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष बीवाई विजयेंद्र, विधानसभा में विपक्ष के नेता आर. अशोक और विधान परिषद में विपक्ष के नेता चलवाड़ी नारायणस्वामी समेत कई नेता पुलिस कमिश्नर सीमंत कुमार सिंह से मिले और ज्ञापन सौंपा। बीजेपी ने मुख्यमंत्री और कुछ मंत्रियों के खिलाफ FIR दर्ज करने की मांग रखी।

आखिर Form-7 को लेकर विवाद क्या है?

विवाद वोटर लिस्ट के Special Intensive Revision यानी SIR के दौरान Form-7 के इस्तेमाल को लेकर है। Form-7 का इस्तेमाल मतदाता सूची से किसी नाम को हटाने के लिए आपत्ति दर्ज करने में किया जाता है।

डीके शिवकुमार ने आरोप लगाया है कि बड़े पैमाने पर Form-7 आवेदन दाखिल कर योग्य मतदाताओं के नाम हटाने की कोशिश की गई। उन्होंने इस मामले में जांच और FIR की मांग करते हुए 1 अक्टूबर को CEO ऑफिस के बाहर धरना दिया था।

वहीं बीजेपी का कहना है कि उसे मतदाता सूची में संदिग्ध या गलत तरीके से जोड़े गए नामों पर आपत्ति दर्ज कराने का अधिकार है और चुनाव आयोग को हर Form-7 आवेदन की जांच करनी चाहिए।

चुनाव आयोग ने क्या कहा?

इस विवाद के बीच कर्नाटक के मुख्य निर्वाचन अधिकारी वी. अनबुकुमार ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि Form-7 के जरिए जानबूझकर गलत दावे या आपत्तियां दाखिल करने वालों के खिलाफ कानून के तहत कार्रवाई की जाए। अधिकारियों को ऐसे मामलों की जांच करने के भी निर्देश दिए गए हैं।

इस मामले में कुछ जगहों पर FIR दर्ज होने की भी रिपोर्ट सामने आई है। अब राजनीतिक दलों के आरोपों के बीच जांच और चुनावी रिकॉर्ड की पड़ताल से यह साफ होगा कि किन Form-7 आवेदनों में नियमों का उल्लंघन हुआ था।फिलहाल कर्नाटक में वोटर लिस्ट, Form-7 और SIR को लेकर कांग्रेस और बीजेपी आमने-सामने हैं, और आने वाले दिनों में यह विवाद और गरमाने के आसार हैं।

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