Ram Mandir Case: मंदिर निर्माण की जमीन पर सवाल उठाने वाली याचिका खारिज, सुप्रीम कोर्ट ने सिविल कोर्ट जाने को कहा
सुप्रीम कोर्ट ने अयोध्या में राम मंदिर के निर्माण की जमीन को लेकर दाखिल याचिका पर सुनवाई करने से इनकार कर दिया है। सोमवार को अदालत ने याचिकाकर्ता को इस मामले में सिविल कोर्ट जाने की सलाह दी। याचिका में सवाल उठाया गया था कि क्या राम मंदिर का निर्माण उसी जमीन पर हुआ है, जिसे 2019 के फैसले में मंदिर के लिए देने का आदेश दिया गया था।
स्वतंत्र जांच आयोग बनाने की थी मांग
याचिकाकर्ता ने जमीन के रिकॉर्ड और अन्य दस्तावेजों के आधार पर मंदिर निर्माण की जगह की पुष्टि कराने की मांग की थी। इसके लिए सुप्रीम कोर्ट से एक स्वतंत्र समिति या आयोग गठित करने की अपील की गई थी।
याचिका में सर्वे, राजस्व, पुरातत्व और अन्य तकनीकी क्षेत्रों के विशेषज्ञों को आयोग में शामिल करने का अनुरोध किया गया था। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने इस याचिका पर सुनवाई करने से इनकार करते हुए याचिकाकर्ता को सिविल कोर्ट का रुख करने को कहा।
2019 में सुप्रीम कोर्ट ने सुनाया था ऐतिहासिक फैसला
9 नवंबर 2019 को सुप्रीम कोर्ट की पांच जजों की संविधान पीठ ने अयोध्या के राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद विवाद पर सर्वसम्मति से फैसला सुनाया था। अदालत ने विवादित जमीन राम मंदिर निर्माण के लिए ट्रस्ट को सौंपने का निर्देश दिया था।
इसके साथ ही केंद्र सरकार को सुन्नी वक्फ बोर्ड को अयोध्या में किसी प्रमुख स्थान पर मस्जिद निर्माण के लिए पांच एकड़ वैकल्पिक जमीन देने का आदेश दिया गया था।
22 जनवरी 2024 को हुई रामलला की प्राण-प्रतिष्ठा
राम मंदिर का निर्माण 5 अगस्त 2020 को भूमि पूजन के साथ शुरू हुआ था। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की देखरेख में मंदिर के गर्भगृह और पहले तल का निर्माण पूरा होने के बाद 22 जनवरी 2024 को रामलला के बाल स्वरूप की प्राण-प्रतिष्ठा की गई।
इस ऐतिहासिक समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मुख्य यजमान के रूप में शामिल हुए थे। प्राण-प्रतिष्ठा के बाद मंदिर को आम श्रद्धालुओं के लिए खोल दिया गया।
धन्नीपुर में मस्जिद के लिए मिली थी पांच एकड़ जमीन
बाबरी मस्जिद के स्थान पर नई मस्जिद बनाने के लिए अयोध्या से करीब 25 किलोमीटर दूर धन्नीपुर में पांच एकड़ जमीन आवंटित की गई थी। इसके बाद मस्जिद निर्माण की योजना को आगे बढ़ाने के लिए इंडो-इस्लामिक कल्चरल फाउंडेशन का गठन किया गया।
अगस्त 2021 में फाउंडेशन ने लोगों से आर्थिक मदद की अपील की और बैंक खाते की जानकारी सार्वजनिक की। नवंबर 2022 तक ट्रस्ट को देशभर से करीब 40 लाख रुपये का चंदा मिलने की जानकारी सामने आई थी।
हालांकि, उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, मस्जिद का निर्माण अब तक शुरू नहीं हुआ है। आवंटित जमीन पर घास उग आई है और चारों ओर तारबंदी की गई है। स्थानीय बच्चे इस जगह पर क्रिकेट खेलते दिखाई देते हैं।

