आय से अधिक संपत्ति मामले में राहुल गांधी ने खटखटाया सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा! CBI-ED जांच के आदेश को दी चुनौती, 17 अगस्त को सुनवाई
लोकसभा में विपक्ष के नेता और वरिष्ठ कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने इलाहाबाद हाई कोर्ट के आदेश को चुनौती दी है। गुरुवार को उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दायर की। यह याचिका हाई कोर्ट के उस निर्देश के खिलाफ थी जिसमें CBI और ED को आय से अधिक संपत्ति के आरोपों की जांच करने को कहा गया था।
रायबरेली से कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने गुरुवार को आय से अधिक संपत्ति के मामले में सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की। इसमें उन्होंने इलाहाबाद हाई कोर्ट की लखनऊ बेंच के आदेश को चुनौती दी। इस आदेश में CBI और ED को आय से अधिक संपत्ति के आरोपों की जांच करने का निर्देश दिया गया था। मुख्य न्यायाधीश की अध्यक्षता वाली बेंच 17 अगस्त को इस याचिका पर सुनवाई करेगी।
राहुल गांधी ने सुप्रीम कोर्ट में 'स्पेशल लीव पिटिशन' (विशेष अनुमति याचिका) दायर करके हाई कोर्ट के आदेश को चुनौती दी है। इसके अलावा, उन्होंने एक अलग 'ट्रांसफर पिटिशन' (स्थानांतरण याचिका) भी दायर की है, जिसमें मामले की सुनवाई को इलाहाबाद हाई कोर्ट से दिल्ली हाई कोर्ट में स्थानांतरित करने की मांग की गई है। सुप्रीम कोर्ट 17 अगस्त, 2026 को दोनों याचिकाओं पर सुनवाई करेगा। जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस वी. मोहना की बेंच इस मामले की सुनवाई करेगी। अब सबकी निगाहें सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर टिकी हैं।
बीजेपी कार्यकर्ता विग्नेश शिशिर (फाइल फोटो)
राहुल गांधी के खिलाफ यह मामला कर्नाटक के बीजेपी कार्यकर्ता विग्नेश शिशिर की शिकायत से शुरू हुआ है। अपनी शिकायत में शिशिर ने राहुल गांधी पर आय के ज्ञात स्रोतों से अधिक संपत्ति जमा करने का आरोप लगाया था। इस शिकायत के आधार पर, इलाहाबाद हाई कोर्ट ने मई 2026 में CBI और ED को कानून के अनुसार आरोपों की जांच और पुष्टि करने की अनुमति दी थी।
लोकसभा में विपक्ष के नेता और वरिष्ठ कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने आय से अधिक संपत्ति के मामले में इलाहाबाद हाई कोर्ट के आदेश को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। उन्होंने हाई कोर्ट की लखनऊ बेंच के आदेश को चुनौती दी है, जिसमें केंद्रीय जांच एजेंसियों - CBI और प्रवर्तन निदेशालय (ED) - को उनके खिलाफ लगे आरोपों की जांच करने का निर्देश दिया गया था।
पिछले महीने, हाई कोर्ट ने ED को यह भी बताया था कि जांच के दौरान कोई अनियमितता पाए जाने पर एजेंसी कानूनी कार्रवाई शुरू कर सकती है। इसके साथ ही, कोर्ट ने CBI द्वारा सौंपी गई रिपोर्ट पर असंतोष भी व्यक्त किया था।

