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Punjab Election Survey: 2027 चुनाव से पहले मौजूदा विधायकों के खिलाफ नाराजगी, 102 में से 92 को दोबारा मौका देने के पक्ष में नहीं लोग

Punjab Election Survey: 2027 चुनाव से पहले मौजूदा विधायकों के खिलाफ नाराजगी, 102 में से 92 को दोबारा मौका देने के पक्ष में नहीं लोग

पंजाब में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले विधायकों के प्रदर्शन को लेकर एक सर्वे में जनता की नाराजगी सामने आई है। दैनिक भास्कर ऐप की ओर से किए गए सर्वे के मुताबिक, जिन 102 विधानसभा सीटों के नतीजे जारी किए गए, उनमें से 92 सीटों पर लोग मौजूदा विधायकों को दोबारा चुनने के पक्ष में नहीं हैं। सर्वे में शामिल लोगों ने विधायकों के कामकाज और व्यवहार को लेकर असंतोष जताया है।

सर्वे के अनुसार, आम आदमी पार्टी (AAP) के विधायकों के प्रति सबसे ज्यादा नाराजगी दिखाई दी। पार्टी के 95% विधायकों को लोग दोबारा वोट नहीं देना चाहते। वहीं, कांग्रेस के 13 में से 7 विधायकों को भी जनता की उम्मीदों पर खरा नहीं माना गया।

117 सीटों पर हुआ सर्वे, 102 के नतीजे जारी

दैनिक भास्कर ऐप का यह सर्वे पंजाब की सभी 117 विधानसभा सीटों पर 1 से 15 अक्टूबर के बीच कराया गया। हालांकि, केवल 102 सीटों के नतीजे जारी किए गए। बाकी 15 सीटों पर पर्याप्त वोटिंग नहीं होने के कारण नतीजे घोषित नहीं किए गए।

जिन 102 सीटों के परिणाम सामने आए, उनमें AAP के 83, कांग्रेस के 13, BJP और शिरोमणि अकाली दल के दो-दो, बहुजन समाज पार्टी का एक और एक निर्दलीय विधायक शामिल हैं। सर्वे में इन सीटों में से केवल 9 विधायकों को दोबारा मौका देने के पक्ष में लोगों ने राय दी। इनमें मुख्यमंत्री भगवंत मान भी शामिल हैं।

CM भगवंत मान और प्रताप बाजवा को मिला समर्थन

सर्वे में जिन 9 विधायकों के काम और व्यवहार को लेकर लोगों ने संतुष्टि जताई, उनमें मुख्यमंत्री भगवंत मान के अलावा AAP के दो अन्य विधायक शामिल हैं।

कांग्रेस की ओर से जालंधर कैंट के विधायक परगट सिंह और विधानसभा में विपक्ष के नेता प्रताप सिंह बाजवा को भी लोगों का समर्थन मिला। अबोहर के विधायक संदीप जाखड़ के काम से भी उनके क्षेत्र के लोग संतुष्ट नजर आए। संदीप जाखड़ कांग्रेस से निलंबित हैं और इन दिनों BJP के साथ सक्रिय बताए जाते हैं।

AAP विधायकों के काम से सबसे ज्यादा नाराजगी

सर्वे में 85 सीटों पर लोगों ने मौजूदा विधायक के कामकाज को असंतोषजनक बताया। इनमें AAP के 74, कांग्रेस के 5, अकाली दल के 2 और BSP व निर्दलीय के एक-एक विधायक शामिल हैं।

इसके अलावा पांच विधायकों के व्यवहार को लेकर भी लोगों ने नाराजगी जताई। इनमें AAP के चार और कांग्रेस का एक विधायक है। कुछ लोगों ने पार्टी पसंद नहीं होने को भी विधायक को दोबारा मौका न देने की वजह बताया।

मालवा में सिर्फ 4 विधायकों को दोबारा मौका देने की इच्छा

पंजाब के मालवा क्षेत्र की 69 विधानसभा सीटों में से 60 के सर्वे नतीजे जारी किए गए। इनमें केवल चार सीटों पर लोग मौजूदा विधायक को फिर से चुनना चाहते हैं। इन चार में AAP के मुख्यमंत्री भगवंत मान, गुरप्रीत बनावाली और अमृतपाल सुखानंद के साथ कांग्रेस के संदीप जाखड़ शामिल हैं।

बाकी 55 विधायकों को लोग दूसरा मौका देने के पक्ष में नहीं हैं। इनमें 53 AAP, एक कांग्रेस और एक अकाली दल का विधायक शामिल है। मलेरकोटला के AAP विधायक मोहम्मद जमील उर रहमान के मामले में लोगों ने स्पष्ट राय नहीं दी।

दोआबा और माझा में भी विधायकों के खिलाफ नाराजगी

दोआबा क्षेत्र की 23 सीटों में से 19 के नतीजे जारी हुए। यहां केवल दो विधायकों को दोबारा चुनने की इच्छा जताई गई और दोनों कांग्रेस से हैं। बाकी 17 विधायकों के कामकाज से लोग संतुष्ट नहीं दिखे। इनमें AAP के 10 विधायक शामिल हैं। कांग्रेस के चार, BJP और BSP के एक-एक तथा एक निर्दलीय विधायक को भी दोबारा मौका देने के पक्ष में लोग नहीं हैं।

माझा क्षेत्र की 25 सीटों में से 23 के नतीजे सामने आए। यहां केवल तीन कांग्रेस विधायकों को दोबारा मौका देने की इच्छा जताई गई। बाकी 20 विधायकों के कामकाज को लेकर लोगों ने असंतोष जाहिर किया। इनमें AAP के 16, कांग्रेस के दो और BJP व अकाली दल के एक-एक विधायक शामिल हैं।

SC सीटों पर भी विधायकों को लेकर असंतोष

पंजाब की 34 अनुसूचित जाति (SC) आरक्षित सीटों में से 26 के नतीजे सर्वे में जारी किए गए। इन सीटों पर सभी मौजूदा दलित विधायकों को लेकर लोगों ने असंतोष जताया।

सर्वे के मुताबिक, 23 विधायकों का काम लोगों को पसंद नहीं आया। इनमें AAP के 20 और कांग्रेस के तीन विधायक हैं। वहीं, तीन विधायकों के व्यवहार को भी लोगों ने ठीक नहीं माना। इनमें AAP के दो और कांग्रेस का एक विधायक शामिल है।

पहली बार विधायक बने नेताओं को भी नहीं मिला समर्थन

सर्वे के नतीजों वाली 102 सीटों में से 83 पर ऐसे विधायक हैं, जो 2022 में पहली बार चुनकर विधानसभा पहुंचे थे। इनमें AAP के 75, कांग्रेस के पांच और अकाली दल, BSP व निर्दलीय के एक-एक विधायक शामिल हैं।

सर्वे में लोगों ने AAP के 75 में से 72 और कांग्रेस के पांच में से चार विधायकों को दोबारा मौका देने के खिलाफ राय दी। इसके अलावा अकाली दल, BSP और निर्दलीय के पहली बार चुने गए विधायकों को भी लोगों का समर्थन नहीं मिला।

महिला विधायकों के काम से भी लोग संतुष्ट नहीं

पंजाब विधानसभा में 2022 के चुनाव में कुल 13 महिला विधायक चुनी गई थीं। इनमें AAP की 11 और कांग्रेस व अकाली दल की एक-एक विधायक शामिल हैं। सर्वे के मुताबिक, इन सभी महिला विधायकों के क्षेत्रों में लोगों ने उनके कामकाज पर असंतोष जताया और किसी को दोबारा टिकट देने के पक्ष में राय नहीं दी।

कुल मिलाकर सर्वे के नतीजे पंजाब में मौजूदा विधायकों के प्रति जनता की नाराजगी का संकेत देते हैं। हालांकि, यह सर्वे में शामिल लोगों की राय है, इसे आगामी विधानसभा चुनाव के वास्तविक नतीजों या सभी मतदाताओं की पसंद का निश्चित अनुमान नहीं माना जा सकता।

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