Samachar Nama
×

RSS में बड़े संगठनात्मक बदलाव की तैयारी, मालवा प्रांत दो हिस्सों में बंटेगा; देश में 1600 तक होंगे जिले

RSS में बड़े संगठनात्मक बदलाव की तैयारी, मालवा प्रांत दो हिस्सों में बंटेगा; देश में 1600 तक होंगे जिले

मध्य प्रदेश के इंदौर में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) की अखिल भारतीय कार्यकारी मंडल की वार्षिक बैठक में संगठन के भविष्य को लेकर बड़े बदलावों पर मंथन चल रहा है। बैठक में अगले तीन साल की कार्ययोजना के साथ देशभर में संगठनात्मक ढांचे को नए सिरे से तैयार करने पर चर्चा की जा रही है। प्रस्तावित बदलावों में प्रांतों की व्यवस्था में फेरबदल और संगठनात्मक जिलों की संख्या बढ़ाना शामिल है।

मंगलवार को बैठक के दूसरे दिन संगठन के मौजूदा ढांचे की समीक्षा की गई। इसमें मध्य प्रदेश के मालवा प्रांत को समाप्त कर इंदौर और उज्जैन के नाम से दो अलग-अलग संभाग बनाने के प्रस्ताव पर चर्चा हुई। इसके अलावा देशभर में संगठनात्मक जिलों की संख्या बढ़ाकर 1500 से 1600 तक करने की योजना पर भी विचार किया जा रहा है।

मालवा प्रांत को दो हिस्सों में बांटने की तैयारी

इंदौर के डेली कॉलेज स्थित संत रविदास महाराज सभागार में आयोजित बैठक के पांच सत्रों में संगठनात्मक बदलावों पर विस्तार से चर्चा हुई। फिलहाल मालवा प्रांत में इंदौर और उज्जैन दोनों क्षेत्र शामिल हैं। प्रस्तावित योजना के तहत इसे दो हिस्सों में बांटकर इंदौर और उज्जैन संभाग के रूप में संचालित किया जा सकता है।

यह बदलाव केवल मध्य प्रदेश तक सीमित नहीं रहेगा। संघ देशभर के 46 प्रांतों के संगठनात्मक ढांचे की समीक्षा कर रहा है। नई व्यवस्था तैयार करते समय संबंधित क्षेत्रों की भौगोलिक स्थिति, आबादी और संगठन के कामकाज को ध्यान में रखा जाएगा।

प्रांतों की जगह संभागीय व्यवस्था को मिल सकती है प्राथमिकता

संघ की योजना में प्रांतों की सीमाओं और उनके अंतर्गत आने वाले क्षेत्रों का नए सिरे से निर्धारण भी शामिल है। इसके तहत संगठन के कामकाज को छोटे और अधिक व्यवस्थित प्रशासनिक हिस्सों में बांटने पर जोर दिया जा रहा है। आने वाले समय में संभागीय व्यवस्था को अधिक महत्व दिए जाने की संभावना है।

800-900 से बढ़कर 1600 तक हो सकते हैं संगठनात्मक जिले

संगठनात्मक बदलावों का एक बड़ा हिस्सा जिलों की संख्या से जुड़ा है। फिलहाल देशभर में संघ के कामकाज के लिए करीब 800 से 900 संगठनात्मक जिले बनाए गए हैं। प्रस्तावित योजना के अनुसार इनकी संख्या बढ़ाकर 1500 से 1600 तक की जा सकती है।

इसका उद्देश्य बड़े जिलों को छोटे हिस्सों में बांटकर स्थानीय स्तर पर जिम्मेदारियां तय करना है। इससे शाखाओं के संचालन, सामाजिक संपर्क और सेवा गतिविधियों को स्थानीय जरूरतों के अनुसार आगे बढ़ाने में मदद मिल सकती है। साथ ही छोटे कस्बों और बस्तियों तक संगठन की पहुंच बढ़ाने पर भी जोर रहेगा।

46 प्रांतों और 11 क्षेत्रों के पदाधिकारी ले रहे हिस्सा

इस वार्षिक बैठक में संघ के सभी 46 प्रांतों और 11 क्षेत्रों के प्रमुख पदाधिकारी शामिल हो रहे हैं। बैठक में सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत, सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले, सभी छह सह सरकार्यवाह और अखिल भारतीय विभागों के प्रमुखों सहित वरिष्ठ पदाधिकारी मौजूद हैं।

राजनारायण बसु की 200वीं जयंती पर दी श्रद्धांजलि

बैठक में संगठनात्मक मुद्दों के अलावा सामाजिक और सांस्कृतिक विषयों पर भी चर्चा हुई। इस दौरान समाज सुधारक और राष्ट्रवादी विचारक राजनारायण बसु को उनकी 200वीं जयंती वर्ष के अवसर पर श्रद्धांजलि दी गई।

संघ के सरकार्यवाह के वक्तव्य में उन्हें भारतीय समाज में राष्ट्रीय चेतना, आत्मसम्मान और सांस्कृतिक जागरूकता बढ़ाने वाला विचारक बताया गया। राजनारायण बसु का जन्म 7 दिसंबर 1826 को बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले के बोराल गांव में हुआ था।

वे नशामुक्ति, महिला शिक्षा, विधवा पुनर्विवाह और मातृभाषा में शिक्षा के समर्थक थे। उन्होंने समाज सुधार के साथ देश में स्वदेशी वस्तुओं के इस्तेमाल और राष्ट्रीय भावना को बढ़ावा देने के लिए भी काम किया। उनके विचारों से प्रेरित होकर नवगोपाल मित्र ने 1867 में हिंदू मेला शुरू किया था।

राजनारायण बसु ने 'हिंदू धर्म की श्रेष्ठता' और 'द ओल्ड हिंदूज होप' जैसी पुस्तकें भी लिखीं। वे महर्षि अरविंद के नाना थे।

4 नवंबर की शाम तक चलेगी बैठक

संघ की अखिल भारतीय कार्यकारी मंडल की यह बैठक सोमवार को शुरू हुई थी और 4 नवंबर की शाम तक चलेगी। पहले दिन सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत और सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले ने भारत माता के चित्र पर पुष्प अर्पित कर बैठक की शुरुआत की थी।

बैठक के दौरान सुबह शाखा और अन्य गतिविधियों के बाद अलग-अलग सत्रों में चर्चा की जाती है। पदाधिकारियों की बैठकों का सिलसिला रात करीब 8 बजे तक चलता है। इसमें संगठन के आगामी कार्यक्रमों, सामाजिक गतिविधियों और अगले तीन वर्षों की कार्ययोजना पर विचार किया जा रहा है।

Share this story

Tags