2029 की तैयारी या चुनावी रणनीति? बीजेपी ने 7 दिग्गजों को सौंपी मोर्चों की कमान
भारतीय जनता पार्टी ने संगठन को मजबूत करने के लिए अपने सात अलग-अलग मोर्चों के प्रभारियों की नियुक्ति कर दी है। पार्टी ने युवा, महिला, एससी, ओबीसी, किसान, एसटी और अल्पसंख्यक मोर्चों की जिम्मेदारी वरिष्ठ नेताओं को सौंपी है। इन नियुक्तियों में राजस्थान के वरिष्ठ नेता सतीश पूनिया और बस्ती से सांसद हरीश द्विवेदी का नाम भी शामिल है।
सात मोर्चों के प्रभारियों का ऐलान
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युवा मोर्चा: हरीश द्विवेदी
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महिला मोर्चा: डी. पुरंदेश्वरी
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एससी मोर्चा: संजय भाटिया
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ओबीसी मोर्चा: बैजयंत पांडा
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किसान मोर्चा: लाल सिंह आर्या
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एसटी मोर्चा: सतीश पूनिया
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अल्पसंख्यक मोर्चा: गजेंद्र पटेल
हरीश द्विवेदी को युवा मोर्चे की जिम्मेदारी
बस्ती सांसद हरीश द्विवेदी को भाजपा युवा मोर्चा का प्रभारी बनाया गया है। पार्टी संगठन में यह अहम जिम्मेदारी मानी जा रही है। युवा मोर्चे के जरिए पार्टी युवाओं के बीच अपनी गतिविधियों और संगठनात्मक पहुंच को मजबूत करने पर जोर देती है।
डी. पुरंदेश्वरी को महिला मोर्चे का प्रभार
आंध्र प्रदेश भाजपा की प्रदेश अध्यक्ष रह चुकीं दग्गुबती पुरंदेश्वरी यानी डी. पुरंदेश्वरी को महिला मोर्चे की जिम्मेदारी दी गई है। वह भाजपा की वरिष्ठ नेताओं में शामिल हैं और दक्षिण भारत में पार्टी संगठन के काम का भी अनुभव रखती हैं।
संजय भाटिया को एससी मोर्चे की जिम्मेदारी
हरियाणा के वरिष्ठ भाजपा नेता संजय भाटिया को एससी मोर्चे का प्रभारी बनाया गया है। वह वर्तमान में राज्यसभा सांसद हैं और भाजपा संगठन में राष्ट्रीय महामंत्री की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी संभाल रहे हैं।
बैजयंत पांडा को ओबीसी मोर्चा
ओडिशा के वरिष्ठ भाजपा नेता बैजयंत पांडा को ओबीसी मोर्चे का प्रभारी बनाया गया है। वह भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष हैं और केंद्रपाड़ा लोकसभा सीट से सांसद रह चुके हैं। ओडिशा में भाजपा को मजबूत करने में उनकी अहम भूमिका रही है।
लाल सिंह आर्या को किसान मोर्चे का प्रभार
मध्य प्रदेश के वरिष्ठ नेता लाल सिंह आर्या को किसान मोर्चे की जिम्मेदारी दी गई है। वह मध्य प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री रह चुके हैं। भाजपा संगठन में भी वह लंबे समय से सक्रिय हैं और राष्ट्रीय उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी संभाल चुके हैं।
सतीश पूनिया को एसटी मोर्चे की जिम्मेदारी
राजस्थान भाजपा के वरिष्ठ नेता सतीश पूनिया को एसटी मोर्चे का प्रभारी बनाया गया है। वह राजस्थान भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष रह चुके हैं। हरियाणा विधानसभा चुनाव में भी उन्हें महत्वपूर्ण संगठनात्मक जिम्मेदारी दी गई थी। चुनाव में भाजपा की जीत के बाद पार्टी संगठन में उनकी भूमिका को काफी अहम माना गया।
गजेंद्र पटेल को अल्पसंख्यक मोर्चे का प्रभार
अल्पसंख्यक मोर्चे की जिम्मेदारी गजेंद्र पटेल को दी गई है। वह मध्य प्रदेश के खरगोन-बड़वानी लोकसभा क्षेत्र से सांसद हैं और भाजपा के प्रमुख आदिवासी नेताओं में गिने जाते हैं। संगठन में वह राष्ट्रीय महामंत्री की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी भी संभाल रहे हैं।
इन नई नियुक्तियों के जरिए भाजपा ने अपने अलग-अलग सामाजिक और संगठनात्मक मोर्चों को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। आने वाले समय में इन नेताओं की भूमिका पार्टी के संगठन विस्तार और विभिन्न सामाजिक वर्गों तक पहुंच बढ़ाने में महत्वपूर्ण रह सकती है।

