संसद में NEET पेपर लीक पर सियासी घमासान, अखिलेश यादव ने पीड़ित छात्रों के लिए की 1 करोड़ मुआवजे की मांग
लोकसभा में पेपर लीक रोकने वाले बिल पर बहस हो रही है। इस बिल पर बोलते हुए समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि जब से बीजेपी सरकार सत्ता में आई है, शिक्षा, परीक्षा और यूनिवर्सिटी सिस्टम को कमज़ोर करने की सोची-समझी कोशिशें की जा रही हैं। उन्होंने NEET पेपर लीक में जान गंवाने वाले छात्रों के परिवारों के लिए ₹1 करोड़ के मुआवज़े की भी मांग की।
#WATCH दिल्ली: लोकसभा में बोलते हुए समाजवादी पार्टी के सांसद अखिलेश यादव ने कहा, "...जब मंत्री (पूर्व केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान) (संसद) पहुंचे, तो सदन के बाहर उनका स्वागत किया गया...सोचिए सदस्यों को कितनी बड़ी राहत मिली होगी और वे किस बड़े संकट से बच गए। एक 'प्रधान'… pic.twitter.com/BwHag8YQ65
— ANI_HindiNews (@AHindinews) July 28, 2026
#WATCH दिल्ली: लोकसभा में बोलते हुए समाजवादी पार्टी के सांसद अखिलेश यादव ने कहा, "...जब मंत्री (पूर्व केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान) (संसद) पहुंचे, तो सदन के बाहर उनका स्वागत किया गया...सोचिए सदस्यों को कितनी बड़ी राहत मिली होगी और वे किस बड़े संकट से बच गए। एक 'प्रधान'… pic.twitter.com/BwHag8YQ65
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अखिलेश यादव ने कहा, "जब से बीजेपी सरकार सत्ता में आई है, शिक्षा, परीक्षा और यूनिवर्सिटी सिस्टम को खत्म करने और सब कुछ एक जैसा बनाने की लगातार कोशिशें हो रही हैं। इससे धीरे-धीरे युवाओं में गुस्सा बढ़ रहा है। NEET के मुद्दे के बाद न सिर्फ़ छात्र एकजुट हुए, बल्कि उनके परिवार भी उनके साथ खड़े हुए। इसीलिए यह आंदोलन इतना बड़ा हो गया कि दुनिया की सबसे बड़ी पार्टी को झुकना पड़ा।"
एक 'प्रधान' को हटाकर आपने एक 'प्रधानमंत्री' को बचाया - अखिलेश
लोकसभा में बोलते हुए समाजवादी पार्टी के सांसद अखिलेश यादव ने कहा, "जब पूर्व केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान संसद पहुंचे, तो सदन के बाहर उनका स्वागत किया गया। सोचिए सदस्यों को कितनी राहत मिली होगी और वे किस बड़े संकट से बचे होंगे। एक 'प्रधान' को हटाकर आपने एक 'प्रधानमंत्री' को बचाया होगा।"
पेपर लीक रोकने वाले बिल पर अखिलेश ने क्या कहा?
पेपर लीक रोकने वाले बिल पर बोलते हुए समाजवादी पार्टी के सांसद अखिलेश यादव ने कहा, "जो लोग मंदिर के प्रसाद की चोरी रोकने में नाकाम रहे हैं, वे पेपर लीक कैसे रोक सकते हैं? उन्होंने मौजूदा कानून में सिर्फ़ कुछ बदलाव किए हैं। आप किसे धोखा देने की कोशिश कर रहे हैं? अगर कानून असरदार होता, तो बीजेपी के दस साल के कार्यकाल में 20 परीक्षा पेपर कैसे लीक हो जाते? हमारी सरकार मांग करती है कि NEET पीड़ितों के परिवारों को ₹1 करोड़ का मुआवज़ा मिले।"

