नवनीत राणा के 19 बच्चों वाले बयान पर सियासी घमासान, AIMIM सांसद ने किया पलटवार बोलर - 'आप ही शुरुआत करें...'
BMC चुनावों से पहले महाराष्ट्र की राजनीति में धार्मिक बयानबाजी एक बार फिर तेज़ हो गई है। AIMIM नेता सैयद इम्तियाज जलील ने BJP नेता नवनीत राणा के विवादित बयान पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने नवनीत राणा के बयानों को बेबुनियाद, गैर-जिम्मेदाराना और ध्यान भटकाने वाला बताया। यह बयान हाल ही में सामने आया है, जिससे राज्य में राजनीतिक उथल-पुथल बढ़ गई है।
AIMIM नेता सैयद इम्तियाज जलील ने कहा कि वह लोकसभा में नवनीत राणा के साथ रहे हैं, और उन्हें देखकर यह समझा कि ऐसे बयान बिना सोचे-समझे दिए जाते हैं। उन्होंने कहा कि यह महिला अजीब बयान देती है। जलील ने नवनीत राणा के उस बयान का ज़िक्र किया जिसमें उन्होंने कहा था कि मुसलमानों के हर महीने उन्नीस बच्चे होते हैं और हिंदुओं को भी ज़्यादा बच्चे पैदा करने चाहिए। जलील ने कहा कि ऐसे बयानों में कोई लॉजिक नहीं है।
मालेगांव, महाराष्ट्र: AIMIM महाराष्ट्र अध्यक्ष सैयद @imtiaz_jaleel साहब ने बीजेपी नेता नवनीत राणा के बयान पर कहा, "एक महिला है, अजीब है वो। कुछ दिन पहले एक बयान दिया था कि मुसलमान 19-19 बच्चे पैदा कर रहे हैं। मैं अपने सभी हिंदू भाइयों और बहनों से कहना चाहती हूं कि आप लोग भी बच्चे… pic.twitter.com/xtnI8l0vms
— Mohammed Naseeruddin (@naseerCorpGhmc) January 6, 2026
"आप खुद पहले क्यों नहीं शुरू करतीं?" - सैयद इम्तियाज जलील
जलील ने व्यंग्य करते हुए कहा कि नवनीत राणा के खुद दो बच्चे हैं, इसलिए उन्हें खुद से शुरुआत करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि अगर BJP में किसी महिला नेता के उन्नीस बच्चे हैं, तो पार्टी को गर्व से उन्हें पेश करना चाहिए। उन्होंने नवनीत राणा के भाषण के दौरान जनता से पूछे गए सवाल पर भी हैरानी जताई, जिसमें उन्होंने लोगों से पूछा था कि उनमें से किसके उन्नीस बच्चे हैं। IANS के अनुसार, जलील ने कहा कि दूसरों को सलाह देना आसान है, लेकिन खुद उस पर अमल करना मुश्किल है। उन्होंने व्यंग्य करते हुए कहा कि अगर ऐसा होता, तो मोदी जी भी खुश होते कि कोई उदाहरण पेश कर रहा है।
असली मुद्दों से ध्यान भटकाने का आरोप - सैयद इम्तियाज जलील
सैयद इम्तियाज जलील ने मीडिया पर भी सवाल उठाया और कहा कि ऐसे बयानों के बाद कोई यह नहीं पूछता कि लोगों को पानी मिल रहा है या नहीं। उन्होंने कहा कि कोई यह नहीं पूछता कि बच्चों के स्कूल ठीक से चल रहे हैं या नहीं या अस्पतालों में दवाएं और डॉक्टर उपलब्ध हैं या नहीं। सड़कें, इंफ्रास्ट्रक्चर और बुनियादी सुविधाओं जैसे असली मुद्दों पर बात नहीं होती।
उन्होंने आरोप लगाया कि सिर्फ एक बयान के आधार पर मीडिया कई दिनों तक प्राइम टाइम पर बहस करता रहता है। इम्तियाज जलील ने कहा कि अगले तीन दिनों तक चर्चा इस बात पर होगी कि बच्चों की संख्या उन्नीस, चार या दो होनी चाहिए, जबकि जनता के सामने असली मुद्दों को नज़रअंदाज़ किया जा रहा है।

