वोटर लिस्ट विवाद पर सियासी भूचाल: राहुल गांधी बोले—गरीबों के वोट काटे जा रहे, CEC के खिलाफ अब होगा आर-पार का आंदोलन!
वोटर लिस्ट विवाद पर देश की राजनीति में घमासान तेज हो गया है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर चुनाव आयोग पर सवाल उठाए हैं। कांग्रेस का आरोप है कि इस प्रक्रिया के कारण बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम सूची से हटाए जा रहे हैं और इससे गरीबों, दलितों तथा वंचित वर्गों के मतदान अधिकार प्रभावित हो सकते हैं।
राहुल गांधी और विपक्षी दलों ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ भी मोर्चा खोल रखा है। विपक्ष की मांग है कि मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों की निष्पक्ष जांच हो और जिन पात्र मतदाताओं के नाम गलत तरीके से हटाए गए हैं, उन्हें दोबारा सूची में शामिल करने की व्यवस्था की जाए।
इस विवाद को लेकर कांग्रेस ने आंदोलन तेज करने की बात कही है। विपक्ष का कहना है कि लोकतंत्र में हर पात्र नागरिक को वोट देने का अधिकार मिलना चाहिए और मतदाता सूची में किसी भी तरह की गड़बड़ी की पारदर्शी जांच होनी चाहिए।वहीं, चुनाव आयोग का कहना है कि SIR का उद्देश्य मतदाता सूची को दुरुस्त करना, मृत मतदाताओं के नाम हटाना और दोहरे या अपात्र पंजीकरण की पहचान करना है। आयोग ने वोट हटाने को लेकर लगाए गए कुछ आरोपों को भी खारिज किया है।
इस मुद्दे पर राजनीतिक टकराव अब अदालत तक पहुंच चुका है। 16 अक्टूबर 2026 की रिपोर्ट के मुताबिक, सुप्रीम कोर्ट ने मतदाता सूची के पुनरीक्षण को चुनौती देने वाली विपक्षी नेताओं की याचिका पर चुनाव आयोग और संबंधित अधिकारियों से जवाब मांगा था।अब इस पूरे मामले में सबसे अहम सवाल यही है कि मतदाता सूची में कथित अनियमितताओं की जांच किस तरह होती है और पात्र मतदाताओं के अधिकारों की रक्षा कैसे सुनिश्चित की जाती है।

